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नियमों के खिलाफ मिलीभगत से राइस मिलों में स्टाक किया जा रहा गेहूं
Updated Sun, 22 Apr 2018 12:00 AM IST
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नियमों के खिलाफ मिलीभगत से राइस मिलों में स्टाक किया जा रहा गेहूं
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। मिलीभगत के चलते जिलेभर में यूपी के गेहूं को खरीदने के लिए अधिकारियों व आढ़तियों ने नया तरीका इजाद किया है। मार्केट कमेटी के अधिकारियों का दावा है कि उन्होंने जिला प्रशासन से परमिशन ली हुई है कि वे मंडी में स्थान नहीं रहने पर दूसरे स्थानों पर गेहूं स्टाक कर सकते हैं, लेकिन जिले के डीसी डा. आदित्य दहिया इस बात से इतेफाक नहीं रखते और किसी भी प्रकार की परमिशन से इंकार कर रहे हैं। ऐसे में सवाल ये है कि आखिरकार मामले में सच क्या है? डीसी सच बोल रहे हैं या कमेटी के सचिव? उधर, घीड़ के राइस मिल गिरीराज ओवरसीज में यूपी के गेहूं की तुलवाई पकड़े जाने पर अब डीएफएससी व कुंजपुरा मार्केट कमेटी के सचिव समेत अन्य अधिकारियों की बोलती बंद हो गई है। आक्शन रिकॉर्डर से लेकर डीएमईओ तक कुछ भी कहने से बच रहे हैं। कमेटी के अधिकारी इस मामले में कम गेहूं दिखाकर रफा दफा करने की तैयारी में हैं। संबंधित फर्म के खिलाफ व संबंधित एजेंसी के अधिकारी के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई, पर कोई भी अधिकारी बोलने को तैयार नहीं है।
गौरतलब है कि अमर उजाला लगातार इस मामले को प्रकाशित कर रहा है और बता रहा कि किस प्रकार मिलीभगत से यूपी के व्यापारियों का गेहूं हरियाणा में बेचा रहा है। इससे जिलेभर की मंडियों में अव्यवस्था फैल गई है और प्रदेश के किसान व आढ़ती परेशान है। ऐसे में सख्ताई बढ़ने पर मार्केट कमेटी के अधिकारियों ने मंडियों में जगह नहीं रहने का हवाला देते हुए राइस मिलों में गेहूं उतरवानी शुरू कर दी है। यहां पर न तो प्रापर गेहूं की नमी चेक की जा रही है और न ही ये चेक किया जा रहा है कि गेहूं कहां से आ रहा है? इसके अलावा, नियमों के अनुसार, राइस मिल में चावल व धान के अलावा गेहूं का स्टाक नहीं किया जा सकता है। बावजूद इसके निसिंग, घरौंडा, कुंजपुरा, घीड़ व तरावड़ी में ऐसा धड़ल्ले से किया जा रहा है। इससे मार्केट कमेटी की फीस चोरी हो रही है और आढ़ती यूपी से सस्ते दामों पर गेहूं लेकर यहां पर 1735 रुपये प्रति क्विंटल बेच रहे हैं। साथ ही आढ़त ले रहे हैं वो अलग है। बता दें कि यूपी के व्यापारियों का गेहूं खरीदने पर तरावड़ी में अब तक 9 आढ़तियों के लाइसेंस रद्द किये जा चुके हैं। साथ ही करनाल की मंडी में पांच व घरौंडा की मंडी में दो आढ़तियों को नोटिस दिये जा चुके हैं।
बाक्स
घीड़ मामला: आक्शन रिकार्डर से लेकर इंस्पेक्टर ने झाड़ा पल्ला
दो दिन पहले घीड़ मंडी की बजाए गिरीराज राइस मिल में गेहूं तोले जाने व स्टाक करने का मामला डीएमईओ महाबीर सिंह की टीम ने पकड़ा था। यहां पर हजारों क्विंटल गेहूं पड़ा था और यूपी के गेहूं को यहां पर तोला जा रहा था। सबसे बड़ी बात ये है कि वेयर हाउस व डीएफएससी दोनों ही खरीद एजेंसी का सरकारी नया बारदाना भी यहां पर था। इस मामले को लेकर न तो मार्केट कमेटी के सचिव अजय संधू कुछ बोल रहे हैं और न ही आक्शन रिकार्डर अशोक गुलाटी व संजीव कुमार। डीएफएससी के इंस्पेक्टर नीरज वधवा तो इस बात से भी इंकार कर रहे हैं कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि राइस मिल में गेहूं तोला जा रहा था। ऐसे में सवाल ये है कि जब आक्शन रिकार्डर व इंस्पेक्टर को भी राइस मिल में बारदाना जाने व गेहूं तुलवाई की कोई जानकारी नहीं है तो क्या लापरवाही नहीं है?
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हमने ले रखी है परमिशन : बलवान सिंह
मंडी में जगह कम होने के कारण कुछ राइस मिलों में गेहूं तुलवाया जा रहा है। इसके लिए हमने एसडीएम से परमिशन ली हुई है। इसके तहत मंडी ब्लाक होने पर दूसरे स्थानों पर गेहूं स्टाक किया जा सकता है। स्टाफ खुद राइस मिलों में तुल रहे गेहूं की जांच करता है और नमी आदि की जांच की जाती है, ताकि कोई गड़बड़ी न हो सके। -बलवान सिंह, सचिव, मार्केट कमेटी, निसिंग।
वर्जन
इस बारे में डीसी डा. आदित्य दहिया का कहना है कि मेरे संज्ञान में इस प्रकार का मामला सामने नहीं आया है, अगर कोई नियमों के खिलाफ राइस मिलों में गेहूं का स्टाक करता है तो वह गलत है। इस मामले में शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन की ओर से ऐसी कोई परमिशन नहीं दी गई है और न ही कोई ऐसी आपात स्थिति मंडियों में आई है कि गेहूं को अचानक बाहर तुलवाना पड़े। ये गंभीर मामाला है, इसकी जांच कराई जाएगी और संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी-डा. आदित्य दहिया।
बाक्स
यूपी के गेहूं की चार ट्राली पकड़ी, भाकियू धरने पर बैठी (12,13, 22)
गढ़ीबीरबल। बयाना अनाज मंडी में शनिवार को उस समय हंगामा हो गया जब एक आढ़ती के पास आई गेहूं से भरी चार ट्रालियां उतरने लगी। इसी दौरान किसानों ने इसका विरोध कर हंगामा कर दिया। गेहूं से लदी एक ट्राली को तो मौके पर पकड़ लिया गया, जबकि गेहूं से लदी तीन ट्रालियां मौके से निकाल दी गई। इस घटना की सूचना इंद्री अनाज मंडी मेंमार्केट कमेटी के सचिव सुंदरलाल को दी गई तो वह दलबल सहित मौके पर पहुंच गए पकड़े गए गेहूं से भरी ट्राली को पुलिस चौकी में ले जाया गया और ट्राली के मालिकों को अपनी जमीन की फरद दिखाने को कहा गया। भाकियू के कार्यकर्ता ओमपाल मढ़ान, सतबीरं, नेकी राम, सोहनबीर जगमाल सिंह, भीम सिंह आदि किसानों ने बताया जिस आढ़ती के पास गेहूं से भरी ट्राली आई थी उस आढ़ती के खिलाफ कार्यवाई करने की बात कही। बयाना मार्किट कमेटी के कार्यालय के सामने किसानो ने प्रसाशन के खिलाफ प्रदर्शन कर नारेबाजी भी की। हालाकि, दोपहर बाद सचिव ने ट्राली को चौकी से छुड़वा लिया। इससे भाकियू के कार्यकर्ता नाराज हो गए और सचिव के खिलाफ कार्रवाई के लिए धरने पर बैठ गए। उधर, जब इस बारे में मार्केट कमेटी इंद्री के सचिव सुंदरलाल से बात की गई तो उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच चल रही है जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी यदि इस मामले में किसी आढ़ती की संलिप्तता पाई जाएगी तो उसका लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह गेहूं गांव नगली के एक किसान की थी, जिसकी जांच करके उसे छोड़ दिया गया है।
तरावड़ी में एक और आढ़ती का लाइसेंस रद्द (फोटो-30)
तरावड़ी। मार्केट कमेटी अधिकारियों ने तीसरे दिन भी यूपी का गेहूं बेचने वाले आढ़तियों के खिलाफ कार्रवाई को जारी रखा। इस कार्रवाई में तरावड़ी की एक फर्म गर्ग ट्रेडिंग कंपनी दुकान नंबर-30 का लाइसेंस रद्द कर दिया गया। मार्केट कमेटी सचिव गौरव आर्य ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि मंडी की उक्त फर्म के मालिक अपने राइस मिल में यूंपी का गेहूं उतरवा कर उन्हें सरकारी बोरियों में भरवा रहे हैं। इसके बाद मार्केट कमेटी सचिव गौरव आर्य ने अपनी टीम के साथ राइस मिल में छापा मारा और वहां तीन ट्रक यूपी की गेहूं बरामद कर ली। इसके बाद गौरव आर्य ने कार्रवाई करते हुए फर्म का लाइसेंस रद्द कर दिया। लगातार तीन दिन चल रही मार्केट कमेटी की कार्रवाई के बाद मंडी की दो एसोसिएशनें एक-दूसरे के खिलाफ खड़ी हो गई हैं और एक-दूसरे पर शिकायत का आरोप लगा रही हैं। अगले एक दो दिनों में मामले को लेकर दोनों एसोसिएशनों का मन-मुटाव बढ़ने की संभावना है। यही नहीं जिन 10 फर्मों का लाइसेंस अभी तक रद्द हुआ है, उनके मालिकों में भारी आक्रोश है और उनका आरोप है कि मार्केट कमेटी अधिकारी छोटे आढ़तियों पर ही कार्रवाई कर रहे हैं, जबकि बड़े मगरमच्छ खुलेआम यूपी का गेहूं बेचकर मोटा माल कमा रहे हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। मिलीभगत के चलते जिलेभर में यूपी के गेहूं को खरीदने के लिए अधिकारियों व आढ़तियों ने नया तरीका इजाद किया है। मार्केट कमेटी के अधिकारियों का दावा है कि उन्होंने जिला प्रशासन से परमिशन ली हुई है कि वे मंडी में स्थान नहीं रहने पर दूसरे स्थानों पर गेहूं स्टाक कर सकते हैं, लेकिन जिले के डीसी डा. आदित्य दहिया इस बात से इतेफाक नहीं रखते और किसी भी प्रकार की परमिशन से इंकार कर रहे हैं। ऐसे में सवाल ये है कि आखिरकार मामले में सच क्या है? डीसी सच बोल रहे हैं या कमेटी के सचिव? उधर, घीड़ के राइस मिल गिरीराज ओवरसीज में यूपी के गेहूं की तुलवाई पकड़े जाने पर अब डीएफएससी व कुंजपुरा मार्केट कमेटी के सचिव समेत अन्य अधिकारियों की बोलती बंद हो गई है। आक्शन रिकॉर्डर से लेकर डीएमईओ तक कुछ भी कहने से बच रहे हैं। कमेटी के अधिकारी इस मामले में कम गेहूं दिखाकर रफा दफा करने की तैयारी में हैं। संबंधित फर्म के खिलाफ व संबंधित एजेंसी के अधिकारी के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई, पर कोई भी अधिकारी बोलने को तैयार नहीं है।
गौरतलब है कि अमर उजाला लगातार इस मामले को प्रकाशित कर रहा है और बता रहा कि किस प्रकार मिलीभगत से यूपी के व्यापारियों का गेहूं हरियाणा में बेचा रहा है। इससे जिलेभर की मंडियों में अव्यवस्था फैल गई है और प्रदेश के किसान व आढ़ती परेशान है। ऐसे में सख्ताई बढ़ने पर मार्केट कमेटी के अधिकारियों ने मंडियों में जगह नहीं रहने का हवाला देते हुए राइस मिलों में गेहूं उतरवानी शुरू कर दी है। यहां पर न तो प्रापर गेहूं की नमी चेक की जा रही है और न ही ये चेक किया जा रहा है कि गेहूं कहां से आ रहा है? इसके अलावा, नियमों के अनुसार, राइस मिल में चावल व धान के अलावा गेहूं का स्टाक नहीं किया जा सकता है। बावजूद इसके निसिंग, घरौंडा, कुंजपुरा, घीड़ व तरावड़ी में ऐसा धड़ल्ले से किया जा रहा है। इससे मार्केट कमेटी की फीस चोरी हो रही है और आढ़ती यूपी से सस्ते दामों पर गेहूं लेकर यहां पर 1735 रुपये प्रति क्विंटल बेच रहे हैं। साथ ही आढ़त ले रहे हैं वो अलग है। बता दें कि यूपी के व्यापारियों का गेहूं खरीदने पर तरावड़ी में अब तक 9 आढ़तियों के लाइसेंस रद्द किये जा चुके हैं। साथ ही करनाल की मंडी में पांच व घरौंडा की मंडी में दो आढ़तियों को नोटिस दिये जा चुके हैं।
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घीड़ मामला: आक्शन रिकार्डर से लेकर इंस्पेक्टर ने झाड़ा पल्ला
दो दिन पहले घीड़ मंडी की बजाए गिरीराज राइस मिल में गेहूं तोले जाने व स्टाक करने का मामला डीएमईओ महाबीर सिंह की टीम ने पकड़ा था। यहां पर हजारों क्विंटल गेहूं पड़ा था और यूपी के गेहूं को यहां पर तोला जा रहा था। सबसे बड़ी बात ये है कि वेयर हाउस व डीएफएससी दोनों ही खरीद एजेंसी का सरकारी नया बारदाना भी यहां पर था। इस मामले को लेकर न तो मार्केट कमेटी के सचिव अजय संधू कुछ बोल रहे हैं और न ही आक्शन रिकार्डर अशोक गुलाटी व संजीव कुमार। डीएफएससी के इंस्पेक्टर नीरज वधवा तो इस बात से भी इंकार कर रहे हैं कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि राइस मिल में गेहूं तोला जा रहा था। ऐसे में सवाल ये है कि जब आक्शन रिकार्डर व इंस्पेक्टर को भी राइस मिल में बारदाना जाने व गेहूं तुलवाई की कोई जानकारी नहीं है तो क्या लापरवाही नहीं है?
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मंडी में जगह कम होने के कारण कुछ राइस मिलों में गेहूं तुलवाया जा रहा है। इसके लिए हमने एसडीएम से परमिशन ली हुई है। इसके तहत मंडी ब्लाक होने पर दूसरे स्थानों पर गेहूं स्टाक किया जा सकता है। स्टाफ खुद राइस मिलों में तुल रहे गेहूं की जांच करता है और नमी आदि की जांच की जाती है, ताकि कोई गड़बड़ी न हो सके। -बलवान सिंह, सचिव, मार्केट कमेटी, निसिंग।
वर्जन
इस बारे में डीसी डा. आदित्य दहिया का कहना है कि मेरे संज्ञान में इस प्रकार का मामला सामने नहीं आया है, अगर कोई नियमों के खिलाफ राइस मिलों में गेहूं का स्टाक करता है तो वह गलत है। इस मामले में शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन की ओर से ऐसी कोई परमिशन नहीं दी गई है और न ही कोई ऐसी आपात स्थिति मंडियों में आई है कि गेहूं को अचानक बाहर तुलवाना पड़े। ये गंभीर मामाला है, इसकी जांच कराई जाएगी और संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी-डा. आदित्य दहिया।
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यूपी के गेहूं की चार ट्राली पकड़ी, भाकियू धरने पर बैठी (12,13, 22)
गढ़ीबीरबल। बयाना अनाज मंडी में शनिवार को उस समय हंगामा हो गया जब एक आढ़ती के पास आई गेहूं से भरी चार ट्रालियां उतरने लगी। इसी दौरान किसानों ने इसका विरोध कर हंगामा कर दिया। गेहूं से लदी एक ट्राली को तो मौके पर पकड़ लिया गया, जबकि गेहूं से लदी तीन ट्रालियां मौके से निकाल दी गई। इस घटना की सूचना इंद्री अनाज मंडी मेंमार्केट कमेटी के सचिव सुंदरलाल को दी गई तो वह दलबल सहित मौके पर पहुंच गए पकड़े गए गेहूं से भरी ट्राली को पुलिस चौकी में ले जाया गया और ट्राली के मालिकों को अपनी जमीन की फरद दिखाने को कहा गया। भाकियू के कार्यकर्ता ओमपाल मढ़ान, सतबीरं, नेकी राम, सोहनबीर जगमाल सिंह, भीम सिंह आदि किसानों ने बताया जिस आढ़ती के पास गेहूं से भरी ट्राली आई थी उस आढ़ती के खिलाफ कार्यवाई करने की बात कही। बयाना मार्किट कमेटी के कार्यालय के सामने किसानो ने प्रसाशन के खिलाफ प्रदर्शन कर नारेबाजी भी की। हालाकि, दोपहर बाद सचिव ने ट्राली को चौकी से छुड़वा लिया। इससे भाकियू के कार्यकर्ता नाराज हो गए और सचिव के खिलाफ कार्रवाई के लिए धरने पर बैठ गए। उधर, जब इस बारे में मार्केट कमेटी इंद्री के सचिव सुंदरलाल से बात की गई तो उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच चल रही है जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी यदि इस मामले में किसी आढ़ती की संलिप्तता पाई जाएगी तो उसका लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह गेहूं गांव नगली के एक किसान की थी, जिसकी जांच करके उसे छोड़ दिया गया है।
तरावड़ी में एक और आढ़ती का लाइसेंस रद्द (फोटो-30)
तरावड़ी। मार्केट कमेटी अधिकारियों ने तीसरे दिन भी यूपी का गेहूं बेचने वाले आढ़तियों के खिलाफ कार्रवाई को जारी रखा। इस कार्रवाई में तरावड़ी की एक फर्म गर्ग ट्रेडिंग कंपनी दुकान नंबर-30 का लाइसेंस रद्द कर दिया गया। मार्केट कमेटी सचिव गौरव आर्य ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि मंडी की उक्त फर्म के मालिक अपने राइस मिल में यूंपी का गेहूं उतरवा कर उन्हें सरकारी बोरियों में भरवा रहे हैं। इसके बाद मार्केट कमेटी सचिव गौरव आर्य ने अपनी टीम के साथ राइस मिल में छापा मारा और वहां तीन ट्रक यूपी की गेहूं बरामद कर ली। इसके बाद गौरव आर्य ने कार्रवाई करते हुए फर्म का लाइसेंस रद्द कर दिया। लगातार तीन दिन चल रही मार्केट कमेटी की कार्रवाई के बाद मंडी की दो एसोसिएशनें एक-दूसरे के खिलाफ खड़ी हो गई हैं और एक-दूसरे पर शिकायत का आरोप लगा रही हैं। अगले एक दो दिनों में मामले को लेकर दोनों एसोसिएशनों का मन-मुटाव बढ़ने की संभावना है। यही नहीं जिन 10 फर्मों का लाइसेंस अभी तक रद्द हुआ है, उनके मालिकों में भारी आक्रोश है और उनका आरोप है कि मार्केट कमेटी अधिकारी छोटे आढ़तियों पर ही कार्रवाई कर रहे हैं, जबकि बड़े मगरमच्छ खुलेआम यूपी का गेहूं बेचकर मोटा माल कमा रहे हैं।