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हमारे लिये तो पहले ही मर चुका है संजय, इसलिये शव किसका और क्यों लें
Updated Wed, 21 Feb 2018 12:49 AM IST
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शार्प शूटर की मां बोली, हमारे लिये तो पहले ही मर चुका है संजय, इसलिए शव किसका और क्यों लें
अमर उजाला ब्यूरो
घरौंडा. (करनाल)।
उत्तर प्रदेश ग्रेटर नोएडा में पुलिस की मुठभेड़ में शार्प शूटर के एनकाउंटर के बाद परिजनों ने उसका शव लेने से साफ इंकार कर दिया है। मृतक की मां का कहना है कि हमारे लिए तो पहले ही संजय मर गया था। उसकी मौत से मुझे या मेरे परिवार के किसी सदस्य को कोई दुख नहीं है। हमने तो उसी दिन उसे मरा समझ लिया था जिस दिन से वह बदमाशी करने लगा था। हम मेहनत और मजदूरी करके खाते हैं, इसी में हम खुश हैं किसी का घर लूटकर हम अपना घर नहीं भरना चाहते। उसने गलत किया तो भुगतेगा भी वही। हम उसका शव न तो लेने जाएंगे और न ही उसकी शक्ल देखना चाहते हैं।
उधर, नोएडा पुलिस ने परिजनों से शव लेने को लेकर संपर्क साधा है, लेकिन परिजनों ने इससे इंकार कर दिया है। गांव अमृतपुर कलां निवासी महाबीर के पुत्र संजय ने बीस साल पहले गांव में लड़ाई-झगड़ा शुरू कर दिया था। इसके बाद उस पर कई मामले दर्ज हुए। लगभग दस साल पूर्व हरियाणा, हिमाचल, उत्तरप्रदेश में भी वारदातें की। फिलहाल उत्तरप्रदेश ग्रेटर नोएडा में मुकीम काला गिरोह से जुड़ा हुआ था। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले संजय ने भाजपा नेता पुष्कर सिंह से 50 लाख रुपए की रंगदारी मांगी थी। लगभग चार दिन पूर्व नोएडा पुलिस गांव अमृतपुर कलां में उसके घर पहुंची थी और एक फोटो साथ लेकर गई थी। सोमवार को गांव के सरपंच विक्रम को पुलिस ने संजय के एनकाउंटर किए जाने की सूचना दी और शव ले जाने के लिए भी कहा। सरपंच ने उसके परिजनों को इत्तलाह की और शव लाने के लिए कहा, लेकिन परिजनों ने उसका शव लाने से साफ मना कर दिया। मृतक की मां केला देवी ने बताया कि तीसरी क्लास पढ़ने के बाद ही वह गलत संगत में पड़ गया था और उसकी हरकतों को देखते हुए 15 साल पहले ही उसके पिता ने उसे बेदखल कर दिया था। उसके बाद परिवार से उसका कोई भी रिश्ता नहीं था।
मां ने पकड़वाया था कट्टे के साथ
मृतक की मां ने बताया कि वह गांव में कई बार कट्टा (देसी पिस्तौल) लेकर घूमता था और एक बार उसके बेटे ने उसे ही जान से मारने की धमकी दी थी। इसको लेकर उसने पुलिस में शिकायत की थी और उसको कट्टे के साथ गिरफ्तार करवाया था। उन्होंने बताया कि परिजनों ने उसकी कभी भी जमानत तक नहीं करवाई थी। बताया जाता है कि करनाल-पानीपत जिले में कई आपराधिक मामले में वांछित था। हालांकि, ज्यादातर वारदातें यूपी व अन्य प्रदेशों में ही की हैं।
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घर में नहीं है किसी प्रकार का मातम
शार्प शूटर संजय के एनकाउंटर के बाद भी उसके परिवार व आस पड़ौस में किसी प्रकार का मातम नहीं है। यहां तक की आस पड़ौस के लोग भी उसके घर की ओर जाना पसंद नहीं करते थे। जब पत्रकारों की एक टीम उनके घर पहुंची तो भाभी प्रियंका बच्चों के लिए खाना बना रही थी और मृतक की मां अपने पौते पौतियों को खिला रही थी। बातचीत के दौरान परिवार के सभी सदस्यों ने बताया कि उन्हें संजय के मारे जाने का कोई दुख नहीं है। वहीं, संजय के छोटे भाई ने प्रदीप ने बताया कि वह मजदूरी करके अपना परिवार पाल रहा है और वह इसी में खुश है।
परिजन नहीं लेना चाहते शव : सरपंच
गांव के सरपंच विक्रम सिंह ने बताया कि शूटर संजय के एनकाउंटर की उसको नोएडा पुलिस ने सूचना दी थी और शव लाने के लिए भी कहा था। इस मामले को लेकर उसके परिजनों से शव लाने के लिए संपर्क किया था, लेकिन उसके परिजनों ने शव लाने से साफ मना कर दिया।
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अमर उजाला ब्यूरो
घरौंडा. (करनाल)।
उत्तर प्रदेश ग्रेटर नोएडा में पुलिस की मुठभेड़ में शार्प शूटर के एनकाउंटर के बाद परिजनों ने उसका शव लेने से साफ इंकार कर दिया है। मृतक की मां का कहना है कि हमारे लिए तो पहले ही संजय मर गया था। उसकी मौत से मुझे या मेरे परिवार के किसी सदस्य को कोई दुख नहीं है। हमने तो उसी दिन उसे मरा समझ लिया था जिस दिन से वह बदमाशी करने लगा था। हम मेहनत और मजदूरी करके खाते हैं, इसी में हम खुश हैं किसी का घर लूटकर हम अपना घर नहीं भरना चाहते। उसने गलत किया तो भुगतेगा भी वही। हम उसका शव न तो लेने जाएंगे और न ही उसकी शक्ल देखना चाहते हैं।
उधर, नोएडा पुलिस ने परिजनों से शव लेने को लेकर संपर्क साधा है, लेकिन परिजनों ने इससे इंकार कर दिया है। गांव अमृतपुर कलां निवासी महाबीर के पुत्र संजय ने बीस साल पहले गांव में लड़ाई-झगड़ा शुरू कर दिया था। इसके बाद उस पर कई मामले दर्ज हुए। लगभग दस साल पूर्व हरियाणा, हिमाचल, उत्तरप्रदेश में भी वारदातें की। फिलहाल उत्तरप्रदेश ग्रेटर नोएडा में मुकीम काला गिरोह से जुड़ा हुआ था। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले संजय ने भाजपा नेता पुष्कर सिंह से 50 लाख रुपए की रंगदारी मांगी थी। लगभग चार दिन पूर्व नोएडा पुलिस गांव अमृतपुर कलां में उसके घर पहुंची थी और एक फोटो साथ लेकर गई थी। सोमवार को गांव के सरपंच विक्रम को पुलिस ने संजय के एनकाउंटर किए जाने की सूचना दी और शव ले जाने के लिए भी कहा। सरपंच ने उसके परिजनों को इत्तलाह की और शव लाने के लिए कहा, लेकिन परिजनों ने उसका शव लाने से साफ मना कर दिया। मृतक की मां केला देवी ने बताया कि तीसरी क्लास पढ़ने के बाद ही वह गलत संगत में पड़ गया था और उसकी हरकतों को देखते हुए 15 साल पहले ही उसके पिता ने उसे बेदखल कर दिया था। उसके बाद परिवार से उसका कोई भी रिश्ता नहीं था।
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मां ने पकड़वाया था कट्टे के साथ
मृतक की मां ने बताया कि वह गांव में कई बार कट्टा (देसी पिस्तौल) लेकर घूमता था और एक बार उसके बेटे ने उसे ही जान से मारने की धमकी दी थी। इसको लेकर उसने पुलिस में शिकायत की थी और उसको कट्टे के साथ गिरफ्तार करवाया था। उन्होंने बताया कि परिजनों ने उसकी कभी भी जमानत तक नहीं करवाई थी। बताया जाता है कि करनाल-पानीपत जिले में कई आपराधिक मामले में वांछित था। हालांकि, ज्यादातर वारदातें यूपी व अन्य प्रदेशों में ही की हैं।
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घर में नहीं है किसी प्रकार का मातम
शार्प शूटर संजय के एनकाउंटर के बाद भी उसके परिवार व आस पड़ौस में किसी प्रकार का मातम नहीं है। यहां तक की आस पड़ौस के लोग भी उसके घर की ओर जाना पसंद नहीं करते थे। जब पत्रकारों की एक टीम उनके घर पहुंची तो भाभी प्रियंका बच्चों के लिए खाना बना रही थी और मृतक की मां अपने पौते पौतियों को खिला रही थी। बातचीत के दौरान परिवार के सभी सदस्यों ने बताया कि उन्हें संजय के मारे जाने का कोई दुख नहीं है। वहीं, संजय के छोटे भाई ने प्रदीप ने बताया कि वह मजदूरी करके अपना परिवार पाल रहा है और वह इसी में खुश है।
परिजन नहीं लेना चाहते शव : सरपंच
गांव के सरपंच विक्रम सिंह ने बताया कि शूटर संजय के एनकाउंटर की उसको नोएडा पुलिस ने सूचना दी थी और शव लाने के लिए भी कहा था। इस मामले को लेकर उसके परिजनों से शव लाने के लिए संपर्क किया था, लेकिन उसके परिजनों ने शव लाने से साफ मना कर दिया।