{"_id":"5a43e90d4f1c1ba7668bc813","slug":"21514400013-karnal-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गांव चौरा में चौपाल निर्माण में घटिया सामग्री लगाने का आरोप, काम रुकवाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गांव चौरा में चौपाल निर्माण में घटिया सामग्री लगाने का आरोप, काम रुकवाया
Updated Thu, 28 Dec 2017 12:10 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चौपाल निर्माण में घटिया सामग्री लगाने का आरोप, काम रुकवाया
अमर उजाला ब्यूरो
घरौंडा।
गांव चौरा में एससी चौपाल के निर्माण में घटिया सामग्री लगाने का मामला सामने आया है। इसकी शिकायत ग्रामीणों ने पंचायती राज विभाग को की है। इस पर संज्ञान लेते हुए पंचायतीराज के अधिकारियों ने चौपाल का निर्माण कार्य रुकवाया और जांच शुरू कर दी है। गांव चौरा में एससी चौपाल का निर्माण कार्य चला हुआ है। आरोप है कि लगभग 13 लाख रुपये की लागत से होने वाले निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का धड़ल्ले से प्रयोग किया जा रहा है। ग्रामीण अशोक कुमार, हरनारायण, पंच रवि, सतपाल सिंह, प्रवीण पाल, सूरजभान, रामपाल, कुलदीप, जिले सिंह, प्रमोद, प्रवीण कुमार आदि का आरोप है कि पिछले करीब आठ माह से गांव में एससी चौपाल का निर्माण किया जा रहा है। ठेकेदार निर्माण कार्य में पूरी कोताही बरत रहा है। चौपाल में लगने वाली टाईल्स, रेत व अन्य सामग्री निचले दर्जे की है। जिस रेत का इस्तेमाल नींव के भराव में किया जाता है, उस लो-क्वालिटी की रेत का प्रयोग चौपाल में हो रहा है। जिन टाइलों को चौपाल में लगाया जा रहा है, वे इतनी नाजुक है कि मात्र उठाने से ही टूट जाती है। जब इसको लेकर ठेकेदार से बात की गई तो उसने अभद्र भाषा का प्रयोग किया। ठेकेदार द्वारा बरती जा रही लापरवाही की शिकायत पंचायतीराज के अधिकारियों को की गई है।
कॉन्ट्रैक्टर को पहले भी मिले हैं नोटिस
ग्रामीणों का आरोप है कि जिस कॉन्ट्रैक्टर को निर्माण का ठेका दिया गया है, उसको पहले भी विभाग ने निर्माण कार्यों में लापरवाही बरतने पर नोटिस जारी किए है। ऐसे में अगर यह ठेकेदार लापरवाही के साथ निर्माण कार्य करता है तो भविष्य में यह चौपाल ढह सकती है। इसलिए किसी ओर को चौपाल का निर्माण कार्य दिया जाए। अगर ऐसा नही होता है तो आगामी रूपरेखा तैयार की जाएगी। इस बारे में पंचायती राज के एसडीओ केजी गोयल ने बताया कि एससी चौपाल के निर्माण कार्य में घटिया सामग्री लगाए जाने की शिकायत ग्रामीणों ने की थी। इसके बाद निर्माण कार्य रुकवा दिया है और कांट्रेक्टर विनय जुनेजा को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
घरौंडा।
गांव चौरा में एससी चौपाल के निर्माण में घटिया सामग्री लगाने का मामला सामने आया है। इसकी शिकायत ग्रामीणों ने पंचायती राज विभाग को की है। इस पर संज्ञान लेते हुए पंचायतीराज के अधिकारियों ने चौपाल का निर्माण कार्य रुकवाया और जांच शुरू कर दी है। गांव चौरा में एससी चौपाल का निर्माण कार्य चला हुआ है। आरोप है कि लगभग 13 लाख रुपये की लागत से होने वाले निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का धड़ल्ले से प्रयोग किया जा रहा है। ग्रामीण अशोक कुमार, हरनारायण, पंच रवि, सतपाल सिंह, प्रवीण पाल, सूरजभान, रामपाल, कुलदीप, जिले सिंह, प्रमोद, प्रवीण कुमार आदि का आरोप है कि पिछले करीब आठ माह से गांव में एससी चौपाल का निर्माण किया जा रहा है। ठेकेदार निर्माण कार्य में पूरी कोताही बरत रहा है। चौपाल में लगने वाली टाईल्स, रेत व अन्य सामग्री निचले दर्जे की है। जिस रेत का इस्तेमाल नींव के भराव में किया जाता है, उस लो-क्वालिटी की रेत का प्रयोग चौपाल में हो रहा है। जिन टाइलों को चौपाल में लगाया जा रहा है, वे इतनी नाजुक है कि मात्र उठाने से ही टूट जाती है। जब इसको लेकर ठेकेदार से बात की गई तो उसने अभद्र भाषा का प्रयोग किया। ठेकेदार द्वारा बरती जा रही लापरवाही की शिकायत पंचायतीराज के अधिकारियों को की गई है।
कॉन्ट्रैक्टर को पहले भी मिले हैं नोटिस
ग्रामीणों का आरोप है कि जिस कॉन्ट्रैक्टर को निर्माण का ठेका दिया गया है, उसको पहले भी विभाग ने निर्माण कार्यों में लापरवाही बरतने पर नोटिस जारी किए है। ऐसे में अगर यह ठेकेदार लापरवाही के साथ निर्माण कार्य करता है तो भविष्य में यह चौपाल ढह सकती है। इसलिए किसी ओर को चौपाल का निर्माण कार्य दिया जाए। अगर ऐसा नही होता है तो आगामी रूपरेखा तैयार की जाएगी। इस बारे में पंचायती राज के एसडीओ केजी गोयल ने बताया कि एससी चौपाल के निर्माण कार्य में घटिया सामग्री लगाए जाने की शिकायत ग्रामीणों ने की थी। इसके बाद निर्माण कार्य रुकवा दिया है और कांट्रेक्टर विनय जुनेजा को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है।
विज्ञापन