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जहां शोषण है, उसके खिलाफ आवाज उठाना मीडिया का काम
Updated Fri, 11 Aug 2017 12:12 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
घरौंडा।
आरपीआईआईटी कॉलेज बसताड़ा में सामाजिक समस्याएं एवं मीडिया विषय पर जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया। इसमें संस्थान के डायरेक्टर डॉ. सौरभ गुप्ता व एडमिनिस्ट्रेटर डॉ. मोहिंद्र सिंह मीडियाकर्मियों से रूबरू हुए और समाज में मीडिया की भूमिका और एक अच्छे पत्रकार में होने वाले गुणों को लेकर अपने विचार साझा किए।
साथ ही, एक्सपटर्स ने पत्रकारिता के दौरान उत्पन्न होने वाली विषम परिस्थितियों में निपटने के तरीकों के बारे में भी जानकारी दी। संस्थान के एडमिनिस्ट्रेटर डॉ. मोहिंद्र सिंह ने कहा कि जहां कहीं भी अन्याय है, शोषण है, अत्याचार, भ्रष्टाचार और छलना है, उसे जनहित में उजागर करना पत्रकारिता का मर्म और धर्म है। हर ओर से निराश व्यक्ति अखबार की तरफ आता है। अखबार ही उनकी अंधकारमय जिंदगी में उम्मीद की आखिरी किरण है। उन्होंने कहा कि एक पत्रकार को रिपोर्टिंग के समय कई प्रकार की विषम परिस्थितियों से भी गुजरना पड़ता है, लेकिन विपरीत परिस्थितियों के बावजूद भी पत्रकार अपनी कलम को धारदार बनाए रखते हैं। कॉलेज के डायरेक्टर डॉ. सौरभ गुप्ता ने कहा कि आज लोगों की जीवनशैली में जो परिवर्तन आया है, गरीबी अमीरी के बीच की खाई में जो कम गहराई देखने को मिला है, वह मीडिया परिवर्तन का फल हैं। व्यक्ति भले ही अभावों में जी रहा है, पर मीडिया के माध्यम से हर अच्छे व बुरे पहलू को समझ रहा हैं।
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घरौंडा।
आरपीआईआईटी कॉलेज बसताड़ा में सामाजिक समस्याएं एवं मीडिया विषय पर जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया। इसमें संस्थान के डायरेक्टर डॉ. सौरभ गुप्ता व एडमिनिस्ट्रेटर डॉ. मोहिंद्र सिंह मीडियाकर्मियों से रूबरू हुए और समाज में मीडिया की भूमिका और एक अच्छे पत्रकार में होने वाले गुणों को लेकर अपने विचार साझा किए।
साथ ही, एक्सपटर्स ने पत्रकारिता के दौरान उत्पन्न होने वाली विषम परिस्थितियों में निपटने के तरीकों के बारे में भी जानकारी दी। संस्थान के एडमिनिस्ट्रेटर डॉ. मोहिंद्र सिंह ने कहा कि जहां कहीं भी अन्याय है, शोषण है, अत्याचार, भ्रष्टाचार और छलना है, उसे जनहित में उजागर करना पत्रकारिता का मर्म और धर्म है। हर ओर से निराश व्यक्ति अखबार की तरफ आता है। अखबार ही उनकी अंधकारमय जिंदगी में उम्मीद की आखिरी किरण है। उन्होंने कहा कि एक पत्रकार को रिपोर्टिंग के समय कई प्रकार की विषम परिस्थितियों से भी गुजरना पड़ता है, लेकिन विपरीत परिस्थितियों के बावजूद भी पत्रकार अपनी कलम को धारदार बनाए रखते हैं। कॉलेज के डायरेक्टर डॉ. सौरभ गुप्ता ने कहा कि आज लोगों की जीवनशैली में जो परिवर्तन आया है, गरीबी अमीरी के बीच की खाई में जो कम गहराई देखने को मिला है, वह मीडिया परिवर्तन का फल हैं। व्यक्ति भले ही अभावों में जी रहा है, पर मीडिया के माध्यम से हर अच्छे व बुरे पहलू को समझ रहा हैं।
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