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72 घंटे में पेमेंट के दावे हुए फेल, सप्ताह तक नहीं मिल रहे किसानों को धान के पैसे
Updated Tue, 09 Oct 2018 12:24 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
घरौंडा (करनाल)। धान के सीजन में अपनी फसल सरकार को बेच चुके किसानों के खेत और जेब दोनों फिलहाल खाली हैं। मंडी में फसल बेचने के 72 घंटे के भीतर किसान को पेमेंट करने का सरकारी दावा फेल होता नजर आ रहा है। धान की सरकारी खरीद शुरू हुए एक सप्ताह से अधिक का समय बीत चुका है, बावजूद इसके खाद्य आपूर्ति विभाग ने एक पैसे का भी भुगतान किसानों को नहीं किया।
सरकार द्वारा धान का भुगतान नहीं किए जाने की वजह से किसानों और आढ़तियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मंडी से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार बीती पांच अक्तूबर तक खाद्य-आपूर्ति विभाग ने घरौंडा मंडी से करीब नब्बे हजार क्विंटल धान की खरीद की है।
बीती एक अक्तूबर से मंडियों में सरकारी खरीद शुरू हो चुकी है। घरौंडा मंडी में खरीद के लिए नियुक्त तीनों एजेंसियां हैफेड, हरियाणा वेयर हाउस और खाद्य-आपूर्ति विभाग ने हजारों क्विंटल धान की खरीद कर ली है। सरकार का दावा है कि फसल बेचने के बाद 72 घंटे के अंदर किसान को भुगतान किया जाएगा, लेकिन सरकार का यह दावा मंडी की वास्तविकता से कोसो दूर नजर आ रहा है। मंडी में फसल बेचने के बावजूद किसानों के हाथ खाली है। सात दिन बीत जाने के बाद भी किसानों को उनकी पेमेंट नहीं मिली है। समय पर भुगतान नहीं होने के कारण किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। किसान रामभूल, राजबीर सिंह, दयानंद, सुरता सिंह, मेहर सिंह और अन्य ने बताया कि सरकार भुगतान नहीं कर रही। ऐसे में उन्हें आढ़ती से थोड़े बहुत पैसे लेकर गुजारा करना पड़ रहा है।
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खाद्य आपूर्ति विभाग पर 16 करोड़ बकाया
मंडी से मिले आंकड़ों के अनुसार एक अक्तूबर से लेकर पांच अक्तूबर तक खाद्य आपूर्ति विभाग ने 88 हजार क्विंटल पीआर धान की खरीद की है। मंडी के आढ़ती खरीद के बिल बनाकर विभाग को भेज चुके हैं। व्यापारियों से मिली जानकारी के मुताबिक खाद्य आपूर्ति विभाग ने करीब सोलह करोड़ की पेमेंट का भुगतान करना है, लेकिन अभी तक एक बार भी पेमेंट जारी नहीं की गई। हालांकि मंडी में सरकारी खरीद कर रही हैफेड व हरियाणा वेयर हाउस अपनी खरीद का भुगतान कर चुकी है।
अभी करनाल जिले की किसी भी मंडी में भुगतान नहीं हुआ है। मेरे पास पांच लाख तक की पेमेंट करने की पावर है। अनाज मंडियों के भुगतान की राशि बड़ी है। इतनी बड़ी अमाउंट का अप्रूवल उच्च अधिकारियों द्वारा दिया जाता है। उम्मीद है कि आज शाम तक पेमेंट का भुगतान हो जाएगा।-रामनिवास जिला खजाना अधिकारी।
पिछले वर्षों के दौरान खरीद के एक-दो दिन में पेमेंट हो जाती थी, लेकिन इस सीजन में अभी तक एक बार भी खाद्य आपूर्ति विभाग ने पेमेंट नहीं दी। मैने डीसी करनाल व जिला खाद्य-आपूर्ति अधिकारी से पेमेंट के बारे में बात की है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही पेमेंट जारी कर दी जाएगी। -रामलाल गोयल, प्रधान मंडी एसोसिएशन, घरौंडा।
ट्रेजरी में कुछ दिक्कत के कारण पेमेंट नहीं दी गई। मेरी बात हुई है एक-दो दिन में नियमित रूप से भुगतान शुरू हो जाएगा।-कर्ण देव काम्बोज राज्यमंत्री खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, हरियाणा।
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घरौंडा (करनाल)। धान के सीजन में अपनी फसल सरकार को बेच चुके किसानों के खेत और जेब दोनों फिलहाल खाली हैं। मंडी में फसल बेचने के 72 घंटे के भीतर किसान को पेमेंट करने का सरकारी दावा फेल होता नजर आ रहा है। धान की सरकारी खरीद शुरू हुए एक सप्ताह से अधिक का समय बीत चुका है, बावजूद इसके खाद्य आपूर्ति विभाग ने एक पैसे का भी भुगतान किसानों को नहीं किया।
सरकार द्वारा धान का भुगतान नहीं किए जाने की वजह से किसानों और आढ़तियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मंडी से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार बीती पांच अक्तूबर तक खाद्य-आपूर्ति विभाग ने घरौंडा मंडी से करीब नब्बे हजार क्विंटल धान की खरीद की है।
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बीती एक अक्तूबर से मंडियों में सरकारी खरीद शुरू हो चुकी है। घरौंडा मंडी में खरीद के लिए नियुक्त तीनों एजेंसियां हैफेड, हरियाणा वेयर हाउस और खाद्य-आपूर्ति विभाग ने हजारों क्विंटल धान की खरीद कर ली है। सरकार का दावा है कि फसल बेचने के बाद 72 घंटे के अंदर किसान को भुगतान किया जाएगा, लेकिन सरकार का यह दावा मंडी की वास्तविकता से कोसो दूर नजर आ रहा है। मंडी में फसल बेचने के बावजूद किसानों के हाथ खाली है। सात दिन बीत जाने के बाद भी किसानों को उनकी पेमेंट नहीं मिली है। समय पर भुगतान नहीं होने के कारण किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। किसान रामभूल, राजबीर सिंह, दयानंद, सुरता सिंह, मेहर सिंह और अन्य ने बताया कि सरकार भुगतान नहीं कर रही। ऐसे में उन्हें आढ़ती से थोड़े बहुत पैसे लेकर गुजारा करना पड़ रहा है।
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खाद्य आपूर्ति विभाग पर 16 करोड़ बकाया
मंडी से मिले आंकड़ों के अनुसार एक अक्तूबर से लेकर पांच अक्तूबर तक खाद्य आपूर्ति विभाग ने 88 हजार क्विंटल पीआर धान की खरीद की है। मंडी के आढ़ती खरीद के बिल बनाकर विभाग को भेज चुके हैं। व्यापारियों से मिली जानकारी के मुताबिक खाद्य आपूर्ति विभाग ने करीब सोलह करोड़ की पेमेंट का भुगतान करना है, लेकिन अभी तक एक बार भी पेमेंट जारी नहीं की गई। हालांकि मंडी में सरकारी खरीद कर रही हैफेड व हरियाणा वेयर हाउस अपनी खरीद का भुगतान कर चुकी है।
अभी करनाल जिले की किसी भी मंडी में भुगतान नहीं हुआ है। मेरे पास पांच लाख तक की पेमेंट करने की पावर है। अनाज मंडियों के भुगतान की राशि बड़ी है। इतनी बड़ी अमाउंट का अप्रूवल उच्च अधिकारियों द्वारा दिया जाता है। उम्मीद है कि आज शाम तक पेमेंट का भुगतान हो जाएगा।-रामनिवास जिला खजाना अधिकारी।
पिछले वर्षों के दौरान खरीद के एक-दो दिन में पेमेंट हो जाती थी, लेकिन इस सीजन में अभी तक एक बार भी खाद्य आपूर्ति विभाग ने पेमेंट नहीं दी। मैने डीसी करनाल व जिला खाद्य-आपूर्ति अधिकारी से पेमेंट के बारे में बात की है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही पेमेंट जारी कर दी जाएगी। -रामलाल गोयल, प्रधान मंडी एसोसिएशन, घरौंडा।
ट्रेजरी में कुछ दिक्कत के कारण पेमेंट नहीं दी गई। मेरी बात हुई है एक-दो दिन में नियमित रूप से भुगतान शुरू हो जाएगा।-कर्ण देव काम्बोज राज्यमंत्री खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, हरियाणा।