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नम आंखों से हजारों ने दी शहीद परगट सिंह को अंतिम विदाई
Updated Mon, 25 Dec 2017 12:30 AM IST
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शहीद परगट सिंह को दी अंतिम विदाई, माता-पिता बोले, बेटे की शहादत पर गर्व, सरकार पाक के खिलाफ एक्शन लेगी तो पड़ेगी ठंडक अमर उजाला ब्यूरो
करनाल।
सीमा पर पाकिस्तान की गोलाबारी में शहीद हुए सैनिक परगट सिंह का रविवार शाम पैतृक गांव रंबा में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। शहीद की अंतिम यात्रा में जन सैलाब उमड़ पड़ा। हजारों की संख्या में मौजूद लोगों ने नम आंखों से शहीद को अंतिम विदाई दी। शहीद को सलामी देने के लिए सेना के जवान और अधिकारी पहुंचे। वहीं पांच साल के बेटे दिवराज सिंह ने सेना की वर्दी पहनकर सलामी देते हुए पिता को मुखाग्नि दी।
इससे पहले दिनभर परिजन और ग्रामीण शहीद के पार्थिव शरीर का इंतजार करते रहे। रविवार शाम करीब साढ़े छह बजे जैसे ही तिरंगे में लिपटा शहीद परगट सिंह का पार्थिव शरीर पहुंचा तो गांव में मातम छा गया। शहीद की मां सुखविंद्र कौर, पिता रत्न सिंह और पत्नी रमनप्रीत कौर समेत अन्य परिजन शव से लिपट कर बिलख पड़े।
अंतिम दर्शन के बाद शहीद के पार्थिव शरीर को श्मशान घाट ले जा गया गया। इस दौरान भारत माता के जयघोष और ‘जब तक सूरज चांद रहेगा, परगट सिंह तेरा नाम रहेगा’ के उद्घोष से गांव गूंज उठा। इस दौरान ग्रामीणों ने पाकिस्तान मुर्दाबाद के भी नारे लगाए। शहीद की अंतिम विदाई के दौरान हजारों की संख्या में ग्रामीण, नेता और अधिकारी मौजूद रहे। जैसे ही शहीद को मुखाग्नि दी गई तो श्मशान घाट और गांव में मौजूद हर किसी की आंखें भर आईं। इस दौरान मंत्री कर्णदेव कांबोज, विधायक बख्शीश सिंह विर्क, हरविंद्र कल्याण, भगवानदास कबीरपंथी, सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा समेत अन्य राजनीतिक, सेना और प्रशासनिक अधिकारियों ने शहीद को नमन किया।
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तब ठंडक मिलेगी जब हमारी सरकार पाक के 10 सैनिकों को मार गिराएगी
बेटे परगट सिंह की शहादत पर पिता रत्न सिंह और माता सुखविंद्र कौर ने कहा कि उन्हें बेटे पर नाज है कि वह देश के काम आया। बिलखते हुए उन्होंने कहा कि मोदी साहब, देश के जवान किसी भी कीमत पर शहीद नहीं होने चाहिए, मरने चाहिए तो आतंकवादी। हमने बेटा खोया है, लेकिन आखिर कब तक माएं अपने बेटों को खोती रहेंगी, अब समय आ गया है कि आतंकियों को सबक सिखाया जाए।
दोनों ने एक सुर में कहा कि देश की सरकार को पाकिस्तान के मामले में कड़ा एक्शन लेना चाहिए। हम बेटे के बिना सब्र कर लेंगे, लेकिन किसी और का बेटा इस प्रकार न जाए, इसलिए पाकिस्तानी सेना के खिलाफ कड़ा कदम उठाया जाए। पिता रतन सिंह कहते हैं कि हमें तब ठंडक मिलेगी जब मेरे बेटे की मौत के बदले हमारी सरकार पाक के 10 सैनिकों को मार गिराएगी।
सरकार एक्शन लेती तो आज मेरे ये हालात नहीं होते : पत्नी
शहीद परगट सिंह की पत्नी रमनप्रीत कौर ने पाकिस्तान द्वारा की गई कायराना हरकत पर रूंदे स्वर में कहा कि उसे पति की बहादुरी व शहादत पर गर्व है। लेकिन सवाल ये है कि आखिर सरकार कर क्या रही है, हर रोज सीमा पर सैनिक शहीद हो रहे हैं, हर बार पाकिस्तान सीजफायर का उल्लंघन करता है, लेकिन हमारी सरकार क्या कर रही है। अगर सरकार कुछ करती तो आज मेरे ये हालात नहीं होते। आखिर कब तक देश के जवान शहीद होते रहेंगे, ये सिलसिला कब थमेगा।
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करनाल।
सीमा पर पाकिस्तान की गोलाबारी में शहीद हुए सैनिक परगट सिंह का रविवार शाम पैतृक गांव रंबा में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। शहीद की अंतिम यात्रा में जन सैलाब उमड़ पड़ा। हजारों की संख्या में मौजूद लोगों ने नम आंखों से शहीद को अंतिम विदाई दी। शहीद को सलामी देने के लिए सेना के जवान और अधिकारी पहुंचे। वहीं पांच साल के बेटे दिवराज सिंह ने सेना की वर्दी पहनकर सलामी देते हुए पिता को मुखाग्नि दी।
इससे पहले दिनभर परिजन और ग्रामीण शहीद के पार्थिव शरीर का इंतजार करते रहे। रविवार शाम करीब साढ़े छह बजे जैसे ही तिरंगे में लिपटा शहीद परगट सिंह का पार्थिव शरीर पहुंचा तो गांव में मातम छा गया। शहीद की मां सुखविंद्र कौर, पिता रत्न सिंह और पत्नी रमनप्रीत कौर समेत अन्य परिजन शव से लिपट कर बिलख पड़े।
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अंतिम दर्शन के बाद शहीद के पार्थिव शरीर को श्मशान घाट ले जा गया गया। इस दौरान भारत माता के जयघोष और ‘जब तक सूरज चांद रहेगा, परगट सिंह तेरा नाम रहेगा’ के उद्घोष से गांव गूंज उठा। इस दौरान ग्रामीणों ने पाकिस्तान मुर्दाबाद के भी नारे लगाए। शहीद की अंतिम विदाई के दौरान हजारों की संख्या में ग्रामीण, नेता और अधिकारी मौजूद रहे। जैसे ही शहीद को मुखाग्नि दी गई तो श्मशान घाट और गांव में मौजूद हर किसी की आंखें भर आईं। इस दौरान मंत्री कर्णदेव कांबोज, विधायक बख्शीश सिंह विर्क, हरविंद्र कल्याण, भगवानदास कबीरपंथी, सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा समेत अन्य राजनीतिक, सेना और प्रशासनिक अधिकारियों ने शहीद को नमन किया।
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तब ठंडक मिलेगी जब हमारी सरकार पाक के 10 सैनिकों को मार गिराएगी
बेटे परगट सिंह की शहादत पर पिता रत्न सिंह और माता सुखविंद्र कौर ने कहा कि उन्हें बेटे पर नाज है कि वह देश के काम आया। बिलखते हुए उन्होंने कहा कि मोदी साहब, देश के जवान किसी भी कीमत पर शहीद नहीं होने चाहिए, मरने चाहिए तो आतंकवादी। हमने बेटा खोया है, लेकिन आखिर कब तक माएं अपने बेटों को खोती रहेंगी, अब समय आ गया है कि आतंकियों को सबक सिखाया जाए।
दोनों ने एक सुर में कहा कि देश की सरकार को पाकिस्तान के मामले में कड़ा एक्शन लेना चाहिए। हम बेटे के बिना सब्र कर लेंगे, लेकिन किसी और का बेटा इस प्रकार न जाए, इसलिए पाकिस्तानी सेना के खिलाफ कड़ा कदम उठाया जाए। पिता रतन सिंह कहते हैं कि हमें तब ठंडक मिलेगी जब मेरे बेटे की मौत के बदले हमारी सरकार पाक के 10 सैनिकों को मार गिराएगी।
सरकार एक्शन लेती तो आज मेरे ये हालात नहीं होते : पत्नी
शहीद परगट सिंह की पत्नी रमनप्रीत कौर ने पाकिस्तान द्वारा की गई कायराना हरकत पर रूंदे स्वर में कहा कि उसे पति की बहादुरी व शहादत पर गर्व है। लेकिन सवाल ये है कि आखिर सरकार कर क्या रही है, हर रोज सीमा पर सैनिक शहीद हो रहे हैं, हर बार पाकिस्तान सीजफायर का उल्लंघन करता है, लेकिन हमारी सरकार क्या कर रही है। अगर सरकार कुछ करती तो आज मेरे ये हालात नहीं होते। आखिर कब तक देश के जवान शहीद होते रहेंगे, ये सिलसिला कब थमेगा।