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अब एप पकड़ेगा मीटर से होने वाले बिजली चोरी
Updated Fri, 14 Jul 2017 10:59 PM IST
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अब एप पकड़ेगा मीटर से होने वाले बिजली चोरी
- बिजली निगम ने शुरू की एमआईएस एप से बिजली चोरी पकड़ने की तैयार, किया जा रहा सर्वे
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। बिजली चोरी कर निगम को चपत लगाने वाले अब मुश्किल में फंस सकते हैं, क्योंकि बिजली निगम अब बिजली चोरों को पकड़ने और लाइन लॉस कम करने के लिए एमआईएस एप (मैनेजमेंट इंफॉरमेशन सिस्टम) ला रहा है। जिसके द्वारा डिफेक्टेड मीटरों से बिजली चोरी करने वाले उपभोक्ताओं को निगम अधिकारी ऑफिस के अंदर बैठकर ही पहचान कर सकेंगे। निगम उच्चाधिकारियों द्वारा इस संबंध में सभी अधीक्षक और कार्यकारी अभियंताओं को पत्र जारी कर एप को लांच करने व सर्वे करवाकर सूची अपलोड करने के निर्देश जारी कर दिया गया है।
हरियाणा बिजली निगम द्वारा एमआईएस एप को पिछले वर्ष तैयार किया गया था और कुछ जिलों में इसे ट्रायल के तौर पर शुरू किया गया। ट्रायल पूरा होते ही अब निगम द्वारा पूरे प्रदेश में सर्वे करवाकर प्रत्येक जिले में शुरू कर दिया है। निगम ने एप का डाटा एकत्रित करने के लिए एक निजी कंपनी को हायर किया है जो प्रत्येक जिले में घर-घर जाकर डाटा एकत्रित कर रही है। इस डाटा को एप में डालने के बाद बिजली चोरी रोकने की प्रक्रिया शुरु हो जाएगी। एमआईएस एप में जिले के सभी उपभोक्ताओं के मीटर की डीटेल फीड होने के बाद कोई भी उपभोक्ता मीटर से छेड़खानी कर बिजली चोरी नहीं कर सकेगा। अगर कोई उपभोक्ता ऐसे करने की कोशिश करता है तो इसकी जानकारी तुरंत दफ्तर में बैठे निगम अधिकारियों को मिल जाएगी। इसके बाद निगम की टीम मौके पर पहुंचकर बिजली चोरी करने वाले उपभोक्ता को आसानी से पकड़ सकेगी।
किया जा रहा सर्वे, कुछ इलाकों में एप एक्टिवेट
-निगम द्वारा अधिकृति निजी कंपनी ने मीटरों का डाटा एकत्रित करने के लिए सर्वे शुरू कर दिया है। कंपनी के कर्मचारी इस समय घर-घर जाकर मीटर और उपभोक्ताओं की सूची तैयार कर रहे हैं। जिन इलाकों में सर्वे पूरा हो चुका है, वहां पर निगम ने ट्रायल बेस पर सूची के अनुसार बिजली चोरी पकड़नी भी शुरू कर दी है। हालांकि निगम अधिकारी अभी यह बताने को तैयार नहीं की किन इलाकों में एप के माध्यम से चोरी पकड़ी गई। अधिकारियों का कहना है कि अगर यह पता चल गया तो बिजली चोरी करने वाले उपभोक्ता सर्तक हो जाएंगे। एप के पूरी तरह सक्रिय होने के बाद निगम द्वारा भविष्य में कुंडी कनेक्शनों की भी चोरी पकड़ने के लिए विशेष सूची तैयार करवाकर इस एप पर अपलोड की जाएगी।
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- बिजली निगम ने शुरू की एमआईएस एप से बिजली चोरी पकड़ने की तैयार, किया जा रहा सर्वे
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। बिजली चोरी कर निगम को चपत लगाने वाले अब मुश्किल में फंस सकते हैं, क्योंकि बिजली निगम अब बिजली चोरों को पकड़ने और लाइन लॉस कम करने के लिए एमआईएस एप (मैनेजमेंट इंफॉरमेशन सिस्टम) ला रहा है। जिसके द्वारा डिफेक्टेड मीटरों से बिजली चोरी करने वाले उपभोक्ताओं को निगम अधिकारी ऑफिस के अंदर बैठकर ही पहचान कर सकेंगे। निगम उच्चाधिकारियों द्वारा इस संबंध में सभी अधीक्षक और कार्यकारी अभियंताओं को पत्र जारी कर एप को लांच करने व सर्वे करवाकर सूची अपलोड करने के निर्देश जारी कर दिया गया है।
हरियाणा बिजली निगम द्वारा एमआईएस एप को पिछले वर्ष तैयार किया गया था और कुछ जिलों में इसे ट्रायल के तौर पर शुरू किया गया। ट्रायल पूरा होते ही अब निगम द्वारा पूरे प्रदेश में सर्वे करवाकर प्रत्येक जिले में शुरू कर दिया है। निगम ने एप का डाटा एकत्रित करने के लिए एक निजी कंपनी को हायर किया है जो प्रत्येक जिले में घर-घर जाकर डाटा एकत्रित कर रही है। इस डाटा को एप में डालने के बाद बिजली चोरी रोकने की प्रक्रिया शुरु हो जाएगी। एमआईएस एप में जिले के सभी उपभोक्ताओं के मीटर की डीटेल फीड होने के बाद कोई भी उपभोक्ता मीटर से छेड़खानी कर बिजली चोरी नहीं कर सकेगा। अगर कोई उपभोक्ता ऐसे करने की कोशिश करता है तो इसकी जानकारी तुरंत दफ्तर में बैठे निगम अधिकारियों को मिल जाएगी। इसके बाद निगम की टीम मौके पर पहुंचकर बिजली चोरी करने वाले उपभोक्ता को आसानी से पकड़ सकेगी।
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किया जा रहा सर्वे, कुछ इलाकों में एप एक्टिवेट
-निगम द्वारा अधिकृति निजी कंपनी ने मीटरों का डाटा एकत्रित करने के लिए सर्वे शुरू कर दिया है। कंपनी के कर्मचारी इस समय घर-घर जाकर मीटर और उपभोक्ताओं की सूची तैयार कर रहे हैं। जिन इलाकों में सर्वे पूरा हो चुका है, वहां पर निगम ने ट्रायल बेस पर सूची के अनुसार बिजली चोरी पकड़नी भी शुरू कर दी है। हालांकि निगम अधिकारी अभी यह बताने को तैयार नहीं की किन इलाकों में एप के माध्यम से चोरी पकड़ी गई। अधिकारियों का कहना है कि अगर यह पता चल गया तो बिजली चोरी करने वाले उपभोक्ता सर्तक हो जाएंगे। एप के पूरी तरह सक्रिय होने के बाद निगम द्वारा भविष्य में कुंडी कनेक्शनों की भी चोरी पकड़ने के लिए विशेष सूची तैयार करवाकर इस एप पर अपलोड की जाएगी।
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