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घरौंडा की महिला पार्षद व पति के खिलाफ नामांकन में फर्जी दस्तावेज देने के आरोप
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घरौंडा की महिला पार्षद व पति के खिलाफ नामांकन में फर्जी दस्तावेज देने के आरोप
-घरौंडा नगर पालिका में नपा के खिलाफ 13 बागी पार्षदों के मामले में अब नया मोड़
-अब नपा अध्यक्ष सुभाष गुप्ता ने साधा निशाना, डीसी को दी मामले की शिकायत
फोटो संख्या-36
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। घरौंडा नगरपालिका प्रधान के खिलाफ 13 पार्षदों के बगावती सुरों के बाद अब मामले में नया मोड़ आ गया है। अब नपा अध्यक्ष आक्रामक हो गए हैं और घरौंडा के वार्ड संख्या दो की महिला पार्षद व उसके पति पर जालसाजी व फर्जीबाडे़ के आरोप जड़े हैं। नगरपालिका अध्यक्ष ने पूरे मामले की शिकायत डीसी करनाल को शिकायत भेजकर जांच की मांग की है। शिकायत के अनुसार, पार्षद बबली व उसके पति अनिल पर चुनाव नामांकन में कई फर्जी दस्तावेजों का प्रयोग करने का आरोप है।
महिला पार्षद के इस मामले का खुलासा नगरपालिका अध्यक्ष सुभाष गुप्ता ने पूरे दस्तावेजों के साथ किया है। दरअसल शहर के वार्ड संख्या दो निवासी अनिल कुमार की पत्नी रीना रानी की वर्ष-2011 में मौत हो गई। पत्नी की मौत के बाद अनिल कुमार ने घरौंडा नगरपालिका में रीना की मृत्यु की सूचना देते हुए दिनांक 1 अप्रैल, 2011 को कार्यालय से उसका मृत्यु प्रमाण पत्र भी ले लिया। साल 2015 में अनिल कुमार ने बबली देवी से दूसरी शादी कर ली। मई 2016 में अनिल कुमार ने नगरपालिका चुनावों में वार्ड दो से पार्षद पद के लिए अपनी दूसरी पत्नी बबली देवी को चुनावी मैदान में उतार दिया। चुनावों में नामांकन के कागजात तैयार करते हुए उन्हें मालूम हुआ की बबली देवी की वोट घरौंडा निर्वाचन क्षेत्र में बनीं ही नहीं है। सुभाष गुप्ता ने बताया कि शहर में वोट नहीं होने के कारण बबली देवी चुनाव लड़ने की योग्यता नहीं रखती थी। यहां से इस दंपती ने फर्जीवाड़े की प्लानिंग शुरू कर दी। आरोप है कि वार्ड दो वोटर लिस्ट में अनिल की मृतक पत्नी रीना की वोट संख्या 764 पर अंकित थी। अनिल और बबली ने मिलकर एक झूठे शपथपत्र और इश्तिहार के जरिये बबली के दो नाम होने की घोषणा कर दी। 10 मई, 2016 को नामांकन दाखिल करते समय मृतक रीना की वोट संख्या 764 को अपनी वोट बताया और बबली के नाम से पर्चा भर दिया। इस नामांकन प्रक्रिया में बबली देवी को परपोज भी खुद अनिल कुमार ने ही किया था।
आरोप गंभीर, छिन सकती है सदस्यता
आरोपों के बाद बबली देवी के पद पर तलवार लटक चुकी है। नपा अध्यक्ष सुभाष गुप्ता ने कहा कि मृतक महिला की वोट संख्या का इस्तेमाल किया जाना बेहद गंभीर है, आरोपों में घिरी महिला पार्षद की सदस्यता छिन सकती है। कानून को ताक पर रखकर पार्षद बबली देवी बीते ढाई वर्षों तक नगरपालिका सदन में कुर्सी पर काबिज रही, लेकिन अब इस खुलासे के बाद गायब है। वार्ड दो स्थित पार्षद बबली देवी के घर पर ताला लटका हुआ है।
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पार्षद पति ने कहा, आरोप झूठे
इस बारे में पार्षद के पति अनिल कुमार से जब सवाल किए गए तो उन्होंने दावा किया सारे आरोप झूठे हैं, उन्होंने कोई गलत कार्य नहीं किया है। पत्नी के नाम के सवाल पर अनिल ने कहा कि उसकी पत्नी का नाम बबली और रानी दोनों ही हैं। हालांकि, जब वोट संख्या 764 किसकी है का सवाल पूछा गया तो वह वाद विवाद करते रहे।
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-घरौंडा नगर पालिका में नपा के खिलाफ 13 बागी पार्षदों के मामले में अब नया मोड़
-अब नपा अध्यक्ष सुभाष गुप्ता ने साधा निशाना, डीसी को दी मामले की शिकायत
फोटो संख्या-36
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। घरौंडा नगरपालिका प्रधान के खिलाफ 13 पार्षदों के बगावती सुरों के बाद अब मामले में नया मोड़ आ गया है। अब नपा अध्यक्ष आक्रामक हो गए हैं और घरौंडा के वार्ड संख्या दो की महिला पार्षद व उसके पति पर जालसाजी व फर्जीबाडे़ के आरोप जड़े हैं। नगरपालिका अध्यक्ष ने पूरे मामले की शिकायत डीसी करनाल को शिकायत भेजकर जांच की मांग की है। शिकायत के अनुसार, पार्षद बबली व उसके पति अनिल पर चुनाव नामांकन में कई फर्जी दस्तावेजों का प्रयोग करने का आरोप है।
महिला पार्षद के इस मामले का खुलासा नगरपालिका अध्यक्ष सुभाष गुप्ता ने पूरे दस्तावेजों के साथ किया है। दरअसल शहर के वार्ड संख्या दो निवासी अनिल कुमार की पत्नी रीना रानी की वर्ष-2011 में मौत हो गई। पत्नी की मौत के बाद अनिल कुमार ने घरौंडा नगरपालिका में रीना की मृत्यु की सूचना देते हुए दिनांक 1 अप्रैल, 2011 को कार्यालय से उसका मृत्यु प्रमाण पत्र भी ले लिया। साल 2015 में अनिल कुमार ने बबली देवी से दूसरी शादी कर ली। मई 2016 में अनिल कुमार ने नगरपालिका चुनावों में वार्ड दो से पार्षद पद के लिए अपनी दूसरी पत्नी बबली देवी को चुनावी मैदान में उतार दिया। चुनावों में नामांकन के कागजात तैयार करते हुए उन्हें मालूम हुआ की बबली देवी की वोट घरौंडा निर्वाचन क्षेत्र में बनीं ही नहीं है। सुभाष गुप्ता ने बताया कि शहर में वोट नहीं होने के कारण बबली देवी चुनाव लड़ने की योग्यता नहीं रखती थी। यहां से इस दंपती ने फर्जीवाड़े की प्लानिंग शुरू कर दी। आरोप है कि वार्ड दो वोटर लिस्ट में अनिल की मृतक पत्नी रीना की वोट संख्या 764 पर अंकित थी। अनिल और बबली ने मिलकर एक झूठे शपथपत्र और इश्तिहार के जरिये बबली के दो नाम होने की घोषणा कर दी। 10 मई, 2016 को नामांकन दाखिल करते समय मृतक रीना की वोट संख्या 764 को अपनी वोट बताया और बबली के नाम से पर्चा भर दिया। इस नामांकन प्रक्रिया में बबली देवी को परपोज भी खुद अनिल कुमार ने ही किया था।
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आरोप गंभीर, छिन सकती है सदस्यता
आरोपों के बाद बबली देवी के पद पर तलवार लटक चुकी है। नपा अध्यक्ष सुभाष गुप्ता ने कहा कि मृतक महिला की वोट संख्या का इस्तेमाल किया जाना बेहद गंभीर है, आरोपों में घिरी महिला पार्षद की सदस्यता छिन सकती है। कानून को ताक पर रखकर पार्षद बबली देवी बीते ढाई वर्षों तक नगरपालिका सदन में कुर्सी पर काबिज रही, लेकिन अब इस खुलासे के बाद गायब है। वार्ड दो स्थित पार्षद बबली देवी के घर पर ताला लटका हुआ है।
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पार्षद पति ने कहा, आरोप झूठे
इस बारे में पार्षद के पति अनिल कुमार से जब सवाल किए गए तो उन्होंने दावा किया सारे आरोप झूठे हैं, उन्होंने कोई गलत कार्य नहीं किया है। पत्नी के नाम के सवाल पर अनिल ने कहा कि उसकी पत्नी का नाम बबली और रानी दोनों ही हैं। हालांकि, जब वोट संख्या 764 किसकी है का सवाल पूछा गया तो वह वाद विवाद करते रहे।