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दलितों और पिछड़ों में जाकर सावित्री फुले ने जगाई थी शिक्षा की अलख : रमेश
Updated Thu, 04 Jan 2018 11:54 PM IST
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दलितों और पिछड़ों में सावित्री बाई फूले ने जगाई शिक्षा की अलख : सैनी
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल।
कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महासचिव तथा ‘अदब’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेश सैनी ने कहा है कि आज लोग भले ही समानता की बात करें, लेकिन दलितों और पिछड़ों को शिक्षा के प्रति जागरूक करने की दिशा में पहली बार सावित्री बाई फूले ने अलख जगाई थी। उन्होंने कहा कि फूले ने महिलाओं को जागरूक करते हुए कहा था कि जब तक दलित, पिछड़ा वर्ग और महिला वर्ग शिक्षित नहीं होगा, तब तक देश का भला नहीं हो सकता। रमेश सैनी चांद सराय में आयोजित सावित्री बाई फूले की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कृष्ण कुटेल ने की। इस मौके पर विशेष अतिथि के तौर पर भाजपा नेता आजाद सिंह ने शिरकत की। आजाद सिंह ने कहा कि सावित्री बाई फूले का जन्म तीन जनवरी 1831 में हुआ था। वह देश की पहली महिला शिक्षिका और कवि थी। उन्होंने पति के साथ मिलकर देश का पहला अछूत बालिकाओं का विद्यालय खोला। कार्यक्रम में राम किशोर बडसालू और जागीर सैनी ने कहा कि आज देश को ऐसी महिला की जरूरत है। जो सामाजिक समानता के लिए काम कर सकें। इस अवसर पर लोगों ने सावित्री बाई फूले के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर बाबूराम डबरी, अमित सैनी, सुरजीत सैनी, विनोद सैनी, जीवन प्रजापति, कमलेश, मीनाक्षी, जसबीर सिंह, पूर्व पार्षद प्रहलाद सिंह चहल, सुनीता पूरी, धीरज खरकाली आदि मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल।
कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महासचिव तथा ‘अदब’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेश सैनी ने कहा है कि आज लोग भले ही समानता की बात करें, लेकिन दलितों और पिछड़ों को शिक्षा के प्रति जागरूक करने की दिशा में पहली बार सावित्री बाई फूले ने अलख जगाई थी। उन्होंने कहा कि फूले ने महिलाओं को जागरूक करते हुए कहा था कि जब तक दलित, पिछड़ा वर्ग और महिला वर्ग शिक्षित नहीं होगा, तब तक देश का भला नहीं हो सकता। रमेश सैनी चांद सराय में आयोजित सावित्री बाई फूले की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कृष्ण कुटेल ने की। इस मौके पर विशेष अतिथि के तौर पर भाजपा नेता आजाद सिंह ने शिरकत की। आजाद सिंह ने कहा कि सावित्री बाई फूले का जन्म तीन जनवरी 1831 में हुआ था। वह देश की पहली महिला शिक्षिका और कवि थी। उन्होंने पति के साथ मिलकर देश का पहला अछूत बालिकाओं का विद्यालय खोला। कार्यक्रम में राम किशोर बडसालू और जागीर सैनी ने कहा कि आज देश को ऐसी महिला की जरूरत है। जो सामाजिक समानता के लिए काम कर सकें। इस अवसर पर लोगों ने सावित्री बाई फूले के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर बाबूराम डबरी, अमित सैनी, सुरजीत सैनी, विनोद सैनी, जीवन प्रजापति, कमलेश, मीनाक्षी, जसबीर सिंह, पूर्व पार्षद प्रहलाद सिंह चहल, सुनीता पूरी, धीरज खरकाली आदि मौजूद रहे।