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शुगर मिल एमडी के नहीं मिलने से नाराज किसानों ने किया प्रदर्शन दिया धरना
Updated Fri, 30 Nov 2018 11:44 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। करनाल सहकारी शुगर मिल के एमडी द्वारा समय दे कर नहीं मिलने के विरोध में गन्ना उत्पादक किसानों ने शुगर मिल में टोल वाले कांटे पर प्रदर्शन किया। इसके बाद किसान धरने पर बैठक गए। इसके कारण गन्ना तुलाई का काम एक घंटे तक प्रभावित रहा। भारतीय किसान यूनियन के प्रतिनिधि मंडल को शुगर मिल से संबंधित समस्याओं पर विचार तथा निराकरण के लिए शुगर मिल के एमडी ने आज का सामय दिया था। आज जब किसान यहां पर पहुंचे तो वहां एमडी नहीं मिले। ना ही उनकी से कोई संतोषजनक जबाब दिया गया। इससे नाराज गन्ना उत्पादक किसानों ने सरकार और प्रबंधन के खिलाफ नारेवाजी की। किसानों का नेतृत्व भाकियू जिलाध्यक्ष यशपाल राणा ने किया। टोल कांटे पर दिए जा रहे धरने पर मौजूद किसानों को संबाधित करते हुए भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रेम चंद्र शाहपुर तथा जिलाध्यक्ष यशपाल राणा ने कहा कि मिल में गन्ना लाने वाले किसानों के लिए यहां मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं। यहां पानी, शौचालय, गन्ना यार्ड में बिजली की व्यवस्था और अन्य जरूरी सुविधाओं का अभाव है। इस अवसर पर प्रदेश संगठनमंत्री श्याम सिंह मान ने कहा कि दस दिन से किसान एमडी से मिलने का समय मांग रहे थे। लेकिन एमडी उनसे बच रहे है। उन्होंने सरकार से मांग की कि करनाल मे पूर्ण कालिक एमडी की नियुक्त की जाए।
जिला संरक्षक मेहताब सिंह बताया कि लंबा अंतराल निकलने के बाद भी शुगर मिल का नवीनकीकरण का काम शुरू नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि गन्ना उत्पादक किसानों का पिछले साल का करोड़ों रुपए का वकाए का अभी तक भुगतान नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि किसानों में इस बात को लेकर रोष है। किसानों को जिला प्रवक्ता सुरेंद्र सांगवान,जिला संरक्षक मेहताब सिंह कादियान,ने संबाधित किया। इस अवसर पर टोल कांटे पर किसानों के आक्रोश के कारण तुलाई का काम प्रभावित हुआ। इसके बाद 15 सूत्रीय मांगों को लेकरज्ञापन कैन मेनेजर को दिया। भाकियू ने शुगरमिल प्रबंधन को सात दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि इस दौरान समस्याका निदान नहीं हुआ तारे किसान बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। इसकी सारी जिम्मेदारी शुगरमिल प्रबंधन की होगी। इस अवसर पर पूर्व जिला प्रधान बाबू राम बड़थल, जिला महामंत्री सतपाल बड़थल, विनोद रोणा, लक्ष्मण राणा, कर्ण कालिया, सतीश शर्मा, श्याम सिंह चौहान, संजीब नसीरपुर, सुनील नली खुर्द, दिलावर डवकोली, ओमपाल मढ़ान, पाल सिंह मेहमदपुर, बबलू सोहाना सतबीर मान, अफसर अली मौजूद थे। उन्होंने सरकार से मांग की कि करनाल मे पूर्ण कालिक एमडी की नियुक्ति की जाए।
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करनाल। करनाल सहकारी शुगर मिल के एमडी द्वारा समय दे कर नहीं मिलने के विरोध में गन्ना उत्पादक किसानों ने शुगर मिल में टोल वाले कांटे पर प्रदर्शन किया। इसके बाद किसान धरने पर बैठक गए। इसके कारण गन्ना तुलाई का काम एक घंटे तक प्रभावित रहा। भारतीय किसान यूनियन के प्रतिनिधि मंडल को शुगर मिल से संबंधित समस्याओं पर विचार तथा निराकरण के लिए शुगर मिल के एमडी ने आज का सामय दिया था। आज जब किसान यहां पर पहुंचे तो वहां एमडी नहीं मिले। ना ही उनकी से कोई संतोषजनक जबाब दिया गया। इससे नाराज गन्ना उत्पादक किसानों ने सरकार और प्रबंधन के खिलाफ नारेवाजी की। किसानों का नेतृत्व भाकियू जिलाध्यक्ष यशपाल राणा ने किया। टोल कांटे पर दिए जा रहे धरने पर मौजूद किसानों को संबाधित करते हुए भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रेम चंद्र शाहपुर तथा जिलाध्यक्ष यशपाल राणा ने कहा कि मिल में गन्ना लाने वाले किसानों के लिए यहां मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं। यहां पानी, शौचालय, गन्ना यार्ड में बिजली की व्यवस्था और अन्य जरूरी सुविधाओं का अभाव है। इस अवसर पर प्रदेश संगठनमंत्री श्याम सिंह मान ने कहा कि दस दिन से किसान एमडी से मिलने का समय मांग रहे थे। लेकिन एमडी उनसे बच रहे है। उन्होंने सरकार से मांग की कि करनाल मे पूर्ण कालिक एमडी की नियुक्त की जाए।
जिला संरक्षक मेहताब सिंह बताया कि लंबा अंतराल निकलने के बाद भी शुगर मिल का नवीनकीकरण का काम शुरू नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि गन्ना उत्पादक किसानों का पिछले साल का करोड़ों रुपए का वकाए का अभी तक भुगतान नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि किसानों में इस बात को लेकर रोष है। किसानों को जिला प्रवक्ता सुरेंद्र सांगवान,जिला संरक्षक मेहताब सिंह कादियान,ने संबाधित किया। इस अवसर पर टोल कांटे पर किसानों के आक्रोश के कारण तुलाई का काम प्रभावित हुआ। इसके बाद 15 सूत्रीय मांगों को लेकरज्ञापन कैन मेनेजर को दिया। भाकियू ने शुगरमिल प्रबंधन को सात दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि इस दौरान समस्याका निदान नहीं हुआ तारे किसान बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। इसकी सारी जिम्मेदारी शुगरमिल प्रबंधन की होगी। इस अवसर पर पूर्व जिला प्रधान बाबू राम बड़थल, जिला महामंत्री सतपाल बड़थल, विनोद रोणा, लक्ष्मण राणा, कर्ण कालिया, सतीश शर्मा, श्याम सिंह चौहान, संजीब नसीरपुर, सुनील नली खुर्द, दिलावर डवकोली, ओमपाल मढ़ान, पाल सिंह मेहमदपुर, बबलू सोहाना सतबीर मान, अफसर अली मौजूद थे। उन्होंने सरकार से मांग की कि करनाल मे पूर्ण कालिक एमडी की नियुक्ति की जाए।
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