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सीएम का वादा, नये शुगर मिल का टैंडर और बकाया राशि का भुगतान अगस्त तक, भाकियू ने किया स्वागत, धरना समाप्त
Updated Tue, 14 Aug 2018 12:17 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। शुगर मिल के नवीनीकरण और गन्ने की बकाया राशि को लेकर पिछले 20 दिन से चल रहा आंदोलन आखिरकार सोमवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल के वादे पर खत्म हो गया। कर्ण लेक पर भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों और सीएम के बीच करीब आधे घंटे तक हुई बातचीत के बाद किसानों ने अपना आंदोलन समाप्त करने का एलान किया। मीडिया के सामने खुद सीएम ने किसानों की मांगों को पूरा करने का वादा किया और भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष रतन मान ने सीएम के फैसले का स्वागत किया।
बता दें कि नए शुगर मिल के नवीनीकरण और बकाया राशि को लेकर भारतीय किसान यूनियन शुगर मिल के बाहर धरना दे रही थी। हालांकि, 29 जुलाई को घरौंडा में हुई धान रैली में सीएम ने आगामी एक माह में शुगर मिल का टेंडर होने की घोषणा की थी। इसके बाद घरौंडा के विधायक हरविंद्र कल्याण द्वारा दो माह में टेंडर होने की बात कही गई। इसको लेकर मामला गरमा गया और भाकियू ने टेंडर कराने को लेकर गिरफ्तारी देनी शुरू कर दी। शुगरफेड के चेयरमैन चंद्रप्रकाश कथूरिया व विधायक हरविंद्र कल्याण की ओर से किसानों को समझाने को प्रयास किए गए, लेकिन वे किसानों को धरने से उठाने को राजी नहीं कर सके। भाकियू ने दोनों प्रतिनिधियों से लिखित में आश्वासन मांगा था, लेकिन बात नहीं बन पाई थी। भाकियू ने सीएम से मिलने की घोषणा की थी, इसके बाद से प्रशासन में भगदड़ मच गई थी।
सोमवार सुबह 11 बजे सैकड़ों की संख्या में किसान मिल के बाहर एकत्रित हुए और सरकार के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार, किसानों को ट्रैक्टर ट्रॉलियों में सवार होकर सीएम के कार्यक्रम में जाना था, लेकिन इससे पहले ही सीएम से मिलने के लिए शामिल मिल के एमडी प्रद्युमन सिंह और शुगरफेड के चेयरमैन चंद्रप्रकाश कथूरिया की ओर से किसानों को न्योता दिया। दोपहर बाद भाकियू पदाधिकारियों और सीएम के बीच कर्ण लेक पर बैठक हुई। बैठक में भाकियू की ओर प्रदेशाध्यक्ष रतन मान, मेहताब कादियान, सुरेंद्र सांगवान, जिलाध्यक्ष यशपाल राणा, पूर्व जिलाध्यक्ष बाबू राम बड़थल, जोगिंदर सिंह झिंडा, जिला सचिव इनाम खान, इंद्री हलका प्रधान सतीश कलसौरा, महिला इकाई की जिलाध्यक्ष नीलम राणा किसान नेता सुनील नली, नरेंद्र सिंह, दिलावर सिंह डबकोली शामिल हुए। वहीं, सीएम मनोहर लाल, शुगर फेड के चेयरमैन चंद्रप्रकाश कथूरिया, घरौंडा विधायक हरविंद्र कल्याण समेत डीसी और एसपी मौजूद रहे।
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बैठक में सीएम ने किए वादे
-शुगरमिल का नवीनीकरण का कार्य 29 अगस्त से पहले होगा शुरू।
-बीपीएल गन्ना किसान को मिल से एक किलो चीनी सस्ती दर पर दी जाएगी।
-मिल के पैट्रोल पंप से गन्ने की बकाया पेमेंट में से ले सकेंगे किसान डीजल व पैट्रोल।
-इसी माह किसानों को बकाया गन्ना पेमेंट दी जाएगी।
मैं किसान का बेटा, किसान की हर मजबूरी को समझता हूं : खट्टर
करनाल। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शुगर मिल करनाल के सामने मांगों को लेकर बैठे किसान यूनियन के पदाधिकारियों से भेंट करके उनसे बातचीत के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि मैं भी किसान का बेटा हूं और किसान की हर मजबूरी को समझता हूं। उनकी सभी जायज मांगों को पूरा किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सदा किसानों के हितों की सोची है वह भी किसान के बेटे हैं, वह उनकी समस्याओं को अच्छी तरह से जानते हैं, जो हमने किसान के लिए कोई नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि 29 अगस्त तक शुगर मिल के नवीनीकरण का कार्य शुरू हो जाएगा। जिन किसानों की गन्ने की पेमेंट अभी बकाया है, उन्हें एक-डेढ़ महीने में अदा करवा देंगे व किसानों की मांग के अनुसार मिल के पैट्रोल पंप से पैट्रोल व डीजल गन्ने की बकाया पेमेंट में से देने की मांग को भी स्वीकार कर लिया है। जो भी गन्ना किसान बीपीएल है, उन्हें भी सस्ते दर पर मिल से एक किलो चीनी दी जाएगी।
23 सितंबर से निकलेगी किसान क्रांति यात्रा
भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष रतन मान ने आंदोलन के लिए सभी किसानों का आभार जताते हुए कहा कि किसानों का धरना प्रदर्शन और गिरफ्तारी आंदोलन समाप्त हो गया है। सीएम ने किसानों की बातों को गंभीरता के साथ सुना है और उन्होंने दरियादिली दिखाते हुए साबित कर दिया कि सरकार का दिल बड़ा होना चाहिए। अब 23 सितंबर से किसानों की संपूर्ण कर्ज मुक्ति के लिए हरिद्वार से भाकियू द्वारा हरिद्वार में किसान घाट से किसान क्रांति यात्रा शुरू होगी। किसान घाट से इस यात्रा के माध्यम से दिल्ली के लिए लाखों किसान कूच करेंगे। इस यात्रा की अगुवाई भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत, राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत, राष्ट्रीय महासचिव युद्धवीर सिंह करेंगे।
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करनाल। शुगर मिल के नवीनीकरण और गन्ने की बकाया राशि को लेकर पिछले 20 दिन से चल रहा आंदोलन आखिरकार सोमवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल के वादे पर खत्म हो गया। कर्ण लेक पर भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों और सीएम के बीच करीब आधे घंटे तक हुई बातचीत के बाद किसानों ने अपना आंदोलन समाप्त करने का एलान किया। मीडिया के सामने खुद सीएम ने किसानों की मांगों को पूरा करने का वादा किया और भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष रतन मान ने सीएम के फैसले का स्वागत किया।
बता दें कि नए शुगर मिल के नवीनीकरण और बकाया राशि को लेकर भारतीय किसान यूनियन शुगर मिल के बाहर धरना दे रही थी। हालांकि, 29 जुलाई को घरौंडा में हुई धान रैली में सीएम ने आगामी एक माह में शुगर मिल का टेंडर होने की घोषणा की थी। इसके बाद घरौंडा के विधायक हरविंद्र कल्याण द्वारा दो माह में टेंडर होने की बात कही गई। इसको लेकर मामला गरमा गया और भाकियू ने टेंडर कराने को लेकर गिरफ्तारी देनी शुरू कर दी। शुगरफेड के चेयरमैन चंद्रप्रकाश कथूरिया व विधायक हरविंद्र कल्याण की ओर से किसानों को समझाने को प्रयास किए गए, लेकिन वे किसानों को धरने से उठाने को राजी नहीं कर सके। भाकियू ने दोनों प्रतिनिधियों से लिखित में आश्वासन मांगा था, लेकिन बात नहीं बन पाई थी। भाकियू ने सीएम से मिलने की घोषणा की थी, इसके बाद से प्रशासन में भगदड़ मच गई थी।
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सोमवार सुबह 11 बजे सैकड़ों की संख्या में किसान मिल के बाहर एकत्रित हुए और सरकार के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार, किसानों को ट्रैक्टर ट्रॉलियों में सवार होकर सीएम के कार्यक्रम में जाना था, लेकिन इससे पहले ही सीएम से मिलने के लिए शामिल मिल के एमडी प्रद्युमन सिंह और शुगरफेड के चेयरमैन चंद्रप्रकाश कथूरिया की ओर से किसानों को न्योता दिया। दोपहर बाद भाकियू पदाधिकारियों और सीएम के बीच कर्ण लेक पर बैठक हुई। बैठक में भाकियू की ओर प्रदेशाध्यक्ष रतन मान, मेहताब कादियान, सुरेंद्र सांगवान, जिलाध्यक्ष यशपाल राणा, पूर्व जिलाध्यक्ष बाबू राम बड़थल, जोगिंदर सिंह झिंडा, जिला सचिव इनाम खान, इंद्री हलका प्रधान सतीश कलसौरा, महिला इकाई की जिलाध्यक्ष नीलम राणा किसान नेता सुनील नली, नरेंद्र सिंह, दिलावर सिंह डबकोली शामिल हुए। वहीं, सीएम मनोहर लाल, शुगर फेड के चेयरमैन चंद्रप्रकाश कथूरिया, घरौंडा विधायक हरविंद्र कल्याण समेत डीसी और एसपी मौजूद रहे।
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बैठक में सीएम ने किए वादे
-शुगरमिल का नवीनीकरण का कार्य 29 अगस्त से पहले होगा शुरू।
-बीपीएल गन्ना किसान को मिल से एक किलो चीनी सस्ती दर पर दी जाएगी।
-मिल के पैट्रोल पंप से गन्ने की बकाया पेमेंट में से ले सकेंगे किसान डीजल व पैट्रोल।
-इसी माह किसानों को बकाया गन्ना पेमेंट दी जाएगी।
मैं किसान का बेटा, किसान की हर मजबूरी को समझता हूं : खट्टर
करनाल। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शुगर मिल करनाल के सामने मांगों को लेकर बैठे किसान यूनियन के पदाधिकारियों से भेंट करके उनसे बातचीत के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि मैं भी किसान का बेटा हूं और किसान की हर मजबूरी को समझता हूं। उनकी सभी जायज मांगों को पूरा किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सदा किसानों के हितों की सोची है वह भी किसान के बेटे हैं, वह उनकी समस्याओं को अच्छी तरह से जानते हैं, जो हमने किसान के लिए कोई नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि 29 अगस्त तक शुगर मिल के नवीनीकरण का कार्य शुरू हो जाएगा। जिन किसानों की गन्ने की पेमेंट अभी बकाया है, उन्हें एक-डेढ़ महीने में अदा करवा देंगे व किसानों की मांग के अनुसार मिल के पैट्रोल पंप से पैट्रोल व डीजल गन्ने की बकाया पेमेंट में से देने की मांग को भी स्वीकार कर लिया है। जो भी गन्ना किसान बीपीएल है, उन्हें भी सस्ते दर पर मिल से एक किलो चीनी दी जाएगी।
23 सितंबर से निकलेगी किसान क्रांति यात्रा
भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष रतन मान ने आंदोलन के लिए सभी किसानों का आभार जताते हुए कहा कि किसानों का धरना प्रदर्शन और गिरफ्तारी आंदोलन समाप्त हो गया है। सीएम ने किसानों की बातों को गंभीरता के साथ सुना है और उन्होंने दरियादिली दिखाते हुए साबित कर दिया कि सरकार का दिल बड़ा होना चाहिए। अब 23 सितंबर से किसानों की संपूर्ण कर्ज मुक्ति के लिए हरिद्वार से भाकियू द्वारा हरिद्वार में किसान घाट से किसान क्रांति यात्रा शुरू होगी। किसान घाट से इस यात्रा के माध्यम से दिल्ली के लिए लाखों किसान कूच करेंगे। इस यात्रा की अगुवाई भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत, राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत, राष्ट्रीय महासचिव युद्धवीर सिंह करेंगे।