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विजिलेंस डीएसपी ने मरीजों से की बात तो डॉक्टरों की फिर खुली कमीशनखोरी की पोल
Updated Sat, 11 Aug 2018 12:30 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज डॉक्टर द्वारा मरीजों की पर्ची पर बाहर की दवा लिखकर कमीश बनाने का धंधा अभी भी जोरों पर चल रहा है। मेडिकल कॉलेज की डिस्पेंसरी में दवा होने के बावजूद भी डॉक्टर बाहर की महंगी दवा लिख रहे हैं। यह मामला शुक्रवार को सामने स्टेट विजिलेंस की टीम के सामने भी आया है। स्टेट विजिलेंस के डीएसपी राज सिंह ने इसकी रिपोर्ट तैयार कर ली है।
बता दें मेडिकल कॉलेज में बाहर की दवा लिखकर कमीशन बनाने वाले डॉक्टरों व मरीजों को प्राइवेट अस्पताल रेफर कर कमीशन लेने व एक मरीज का प्राइवेट अस्पताल में ऑप्रेशन कर 16 हजार रुपये लेने के मामले की जांच अब स्टेट विजिलेंस कर रही है। जांच के लिए शुक्रवार को विजिलेंस डीएसपी राज सिंह अपनी टीम के साथ कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में पहुंचा। वहां उन्होंने करीब दो घंटे तक मरीजों से बातचीत की और उनकी पर्ची चेक की। डीएसपी राज सिंह ने बताया कि डॉक्टरों ने मरीजों की पर्ची पर बाहर की दवा लिखी हुई थी। जब डिस्पेंसरी में उस दवा के बारे में पूछा तो पता चला की उससे दूसरी कंपनी की वही दवा डिस्पेंसरी में है। इस बारे में उन्होंने संबंधित डॉक्टर से भी बात की, जिस में सामने आया कि डॉक्टर बाहर की दवा लिख रहे हैं।
डीएसपी राज सिंह ने बताया कि मरीजों के बाद उन्होंने मेडिकल कॉलेज के डायरेक्टर डॉ. सुरेंद्र कश्यप से भी बातचीत की है। पूरे मामले की जानकारी ली है। इसके साथ ही संबंधित डॉक्टरों से भी फोन पर बात की है। जल्द ही इसकी रिपोर्ट तैयार कर ली जाएगी। इसके बाद जो भी दोषी होगा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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करनाल। कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज डॉक्टर द्वारा मरीजों की पर्ची पर बाहर की दवा लिखकर कमीश बनाने का धंधा अभी भी जोरों पर चल रहा है। मेडिकल कॉलेज की डिस्पेंसरी में दवा होने के बावजूद भी डॉक्टर बाहर की महंगी दवा लिख रहे हैं। यह मामला शुक्रवार को सामने स्टेट विजिलेंस की टीम के सामने भी आया है। स्टेट विजिलेंस के डीएसपी राज सिंह ने इसकी रिपोर्ट तैयार कर ली है।
बता दें मेडिकल कॉलेज में बाहर की दवा लिखकर कमीशन बनाने वाले डॉक्टरों व मरीजों को प्राइवेट अस्पताल रेफर कर कमीशन लेने व एक मरीज का प्राइवेट अस्पताल में ऑप्रेशन कर 16 हजार रुपये लेने के मामले की जांच अब स्टेट विजिलेंस कर रही है। जांच के लिए शुक्रवार को विजिलेंस डीएसपी राज सिंह अपनी टीम के साथ कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में पहुंचा। वहां उन्होंने करीब दो घंटे तक मरीजों से बातचीत की और उनकी पर्ची चेक की। डीएसपी राज सिंह ने बताया कि डॉक्टरों ने मरीजों की पर्ची पर बाहर की दवा लिखी हुई थी। जब डिस्पेंसरी में उस दवा के बारे में पूछा तो पता चला की उससे दूसरी कंपनी की वही दवा डिस्पेंसरी में है। इस बारे में उन्होंने संबंधित डॉक्टर से भी बात की, जिस में सामने आया कि डॉक्टर बाहर की दवा लिख रहे हैं।
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डीएसपी राज सिंह ने बताया कि मरीजों के बाद उन्होंने मेडिकल कॉलेज के डायरेक्टर डॉ. सुरेंद्र कश्यप से भी बातचीत की है। पूरे मामले की जानकारी ली है। इसके साथ ही संबंधित डॉक्टरों से भी फोन पर बात की है। जल्द ही इसकी रिपोर्ट तैयार कर ली जाएगी। इसके बाद जो भी दोषी होगा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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