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रिफानरी पाइप लाइन से तेल चुराने को दोगुणे दाम देकर ठेके पर ली थी पंचायती जमीन
Updated Fri, 21 Jul 2017 11:18 PM IST
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रिफानरी पाइप लाइन से तेल चुराने को दोगुने दाम देकर ठेके पर ली थी पंचायती जमीन
अमर उजाला ब्यूरो
घरौंडा(करनाल)। रिफाइनरी की मथुरा-जालंधर पाइप लाइन में सेंधमारी की परतें अब खुलने लगी हैं। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि चोर गिरोह के सदस्यों ने इस कार्य को अंजाम देने के लिए काफी दिन पहले ही तैयारी कर रखी थी। इसके लिए उन्होंने गांव फुरलक की पंचायती जमीन (यहां से पाइप लाइन गुजरती है) दोगुने दामों पर ठेके पर ली थी। इसी के बहाने उन्होंने यहां से तेल चुराने के लिए खेत में गड्डा खोद रखा था और देसी उपकरण से लगातार तेल चुराने का प्रयास किया। मामले का खुलासा होने के बाद रिफाइनरी प्रबंधन और पुलिस प्रशासन में हड़कंप है। कंपनी की तकनीकी टीम ने पाइप लाइन को तो दुरुस्त कर लिया है, लेकिन शातिर गिरोह अभी भी कानून की गिरफ्त से बाहर है।
शुक्रवार को थाना प्रभारी हरजिन्द्र सिंह ने पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर छानबीन की। पुलिस का दावा है कि इस मामले की जांच तेज कर दी गई है, जल्द ही आरोपियों को काबू कर लिया जाएगा। गौरतलब है कि क्षेत्र के कई गांवों से गुजरने वाली रिफाइनरी की मथुरा-जालंधर पाइप लाईन तेल आपूर्ति के मामले में बेहद ही अहम है। पाइप लाइन के जरिए प्रति घंटे सैकड़ों लीटर पेट्रोल, डीजल व कैरोसिन की सप्लाई की जाती है। ऐसे में पाइप लाइन तेल आपूर्ति के साथ-साथ बेहद संवेदनशील भी है। घरौंडा इलाके में दूसरी बार रिफाइनरी की मेन पाइप लाइन में सेंधमारी की गई है, लेकिन इस दफा तेल के सौदागर मंसूबों में कामयाब नहीं हो सके है। थाना प्रभारी हरजिंद्र सिंह ने बताया कि तेल पाईप लाईन में हुई सेंधमारी की गहनता से छानबीन की जा रही है। ग्राम पंचायत से भी सम्बन्धित भूमि के बारे में जानकारी ली गई है। इस मामले में संलिप्त लोगों को जल्द काबू कर लिया जाएगा।
सवा तीन एकड़ जमीन 1.70 लाख रुपये में ठेके पर ली
जमीन के नीचे से गुजर रही तेल पाइप से चोरी करना आसान काम नहीं है। इस षड्यंत्र को अंजाम देने का ब्लू प्रिंट गिरोह ने करीब ढाई महीने पहले ही बना लिया था। इसके लिए गिरोह ने फुरलक गांव की पंचायती भूमि को चिन्हित किया। जहां से पाइप लाईन गुजरती है। फुरलक ग्राम पंचायत द्वारा बीते मई माह में की गई नीलामी के दौरान भूमि ठेके पर लेने के बाद तेल चोरों ने अपनी कार्रवाई शुरू की। ग्राम पंचायत फुरलक के सरपंच ने बताया कि घरौंडा-फुरलक रोड़ से महज सौ मीटर दूरी पर पंचायत की करीब सवा तीन एकड़ भूमि है। इस बार हुई पंचायत भूमि की नीलामी में इस सवा तीन एकड़ भूमि की बोली काफी ज्यादा लगाईं गई। गांव के निवासी मनोज कुमार ने इस भूमि को करीब एक लाख सत्तर हजार रुपये में पट्टे पर लिया है। सरपंच ने कहा कि ग्राम पंचायत की दूसरी जमीन 30 से 35 हजार के पट्टे पर दी गई है, जबकि इस भूमि के लिए बोली दाता ने करीब दोगुनी रकम चुकाई है। हालांकि, ग्राम पंचायत से मई माह में ली गई इस भूमि पर फसल की बिजाई भी बहुत देरी से की गई।
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हो सकता है बड़ा हादसा
रिफाइनरी के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार सुरक्षा की दृष्टि से मथुरा-जालंधर तेल पाइप लाइन बेहद संवेदनशील है। जरूरत के अनुसार पाइप लाइन में प्रति घंटा सैकड़ों लीटर तेल की सप्लाई की जाती है। ऐसे में तेल पाइप में छेड़छाड़ से बड़ा हादसा हो सकता है। रिफाइनरी से सीनियर मैनेजर राकेश कुमार ने बताया कि जब कभी भी कंपनी की टेक्निकल टीम पाइप लाइन पर काम करती है तो उस समय बहुत सावधानी बरती जाती है। पाइप रिपेयरिंग से समय मौके पर अग्निशामक सिलेंडर व फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौजूद रहती है। इस तरह की छेड़छाड़ से हादसे की आशंका रहती है।
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अमर उजाला ब्यूरो
घरौंडा(करनाल)। रिफाइनरी की मथुरा-जालंधर पाइप लाइन में सेंधमारी की परतें अब खुलने लगी हैं। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि चोर गिरोह के सदस्यों ने इस कार्य को अंजाम देने के लिए काफी दिन पहले ही तैयारी कर रखी थी। इसके लिए उन्होंने गांव फुरलक की पंचायती जमीन (यहां से पाइप लाइन गुजरती है) दोगुने दामों पर ठेके पर ली थी। इसी के बहाने उन्होंने यहां से तेल चुराने के लिए खेत में गड्डा खोद रखा था और देसी उपकरण से लगातार तेल चुराने का प्रयास किया। मामले का खुलासा होने के बाद रिफाइनरी प्रबंधन और पुलिस प्रशासन में हड़कंप है। कंपनी की तकनीकी टीम ने पाइप लाइन को तो दुरुस्त कर लिया है, लेकिन शातिर गिरोह अभी भी कानून की गिरफ्त से बाहर है।
शुक्रवार को थाना प्रभारी हरजिन्द्र सिंह ने पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर छानबीन की। पुलिस का दावा है कि इस मामले की जांच तेज कर दी गई है, जल्द ही आरोपियों को काबू कर लिया जाएगा। गौरतलब है कि क्षेत्र के कई गांवों से गुजरने वाली रिफाइनरी की मथुरा-जालंधर पाइप लाईन तेल आपूर्ति के मामले में बेहद ही अहम है। पाइप लाइन के जरिए प्रति घंटे सैकड़ों लीटर पेट्रोल, डीजल व कैरोसिन की सप्लाई की जाती है। ऐसे में पाइप लाइन तेल आपूर्ति के साथ-साथ बेहद संवेदनशील भी है। घरौंडा इलाके में दूसरी बार रिफाइनरी की मेन पाइप लाइन में सेंधमारी की गई है, लेकिन इस दफा तेल के सौदागर मंसूबों में कामयाब नहीं हो सके है। थाना प्रभारी हरजिंद्र सिंह ने बताया कि तेल पाईप लाईन में हुई सेंधमारी की गहनता से छानबीन की जा रही है। ग्राम पंचायत से भी सम्बन्धित भूमि के बारे में जानकारी ली गई है। इस मामले में संलिप्त लोगों को जल्द काबू कर लिया जाएगा।
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सवा तीन एकड़ जमीन 1.70 लाख रुपये में ठेके पर ली
जमीन के नीचे से गुजर रही तेल पाइप से चोरी करना आसान काम नहीं है। इस षड्यंत्र को अंजाम देने का ब्लू प्रिंट गिरोह ने करीब ढाई महीने पहले ही बना लिया था। इसके लिए गिरोह ने फुरलक गांव की पंचायती भूमि को चिन्हित किया। जहां से पाइप लाईन गुजरती है। फुरलक ग्राम पंचायत द्वारा बीते मई माह में की गई नीलामी के दौरान भूमि ठेके पर लेने के बाद तेल चोरों ने अपनी कार्रवाई शुरू की। ग्राम पंचायत फुरलक के सरपंच ने बताया कि घरौंडा-फुरलक रोड़ से महज सौ मीटर दूरी पर पंचायत की करीब सवा तीन एकड़ भूमि है। इस बार हुई पंचायत भूमि की नीलामी में इस सवा तीन एकड़ भूमि की बोली काफी ज्यादा लगाईं गई। गांव के निवासी मनोज कुमार ने इस भूमि को करीब एक लाख सत्तर हजार रुपये में पट्टे पर लिया है। सरपंच ने कहा कि ग्राम पंचायत की दूसरी जमीन 30 से 35 हजार के पट्टे पर दी गई है, जबकि इस भूमि के लिए बोली दाता ने करीब दोगुनी रकम चुकाई है। हालांकि, ग्राम पंचायत से मई माह में ली गई इस भूमि पर फसल की बिजाई भी बहुत देरी से की गई।
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हो सकता है बड़ा हादसा
रिफाइनरी के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार सुरक्षा की दृष्टि से मथुरा-जालंधर तेल पाइप लाइन बेहद संवेदनशील है। जरूरत के अनुसार पाइप लाइन में प्रति घंटा सैकड़ों लीटर तेल की सप्लाई की जाती है। ऐसे में तेल पाइप में छेड़छाड़ से बड़ा हादसा हो सकता है। रिफाइनरी से सीनियर मैनेजर राकेश कुमार ने बताया कि जब कभी भी कंपनी की टेक्निकल टीम पाइप लाइन पर काम करती है तो उस समय बहुत सावधानी बरती जाती है। पाइप रिपेयरिंग से समय मौके पर अग्निशामक सिलेंडर व फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौजूद रहती है। इस तरह की छेड़छाड़ से हादसे की आशंका रहती है।