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यमुना नदी पर चल रहे कार्यों का डीसी ने किया निरीक्षण, बारिश के सीजन से पहले कार्य पूरा करने के निर्देश
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। डीसी विनय प्रताप सिंह ने सोमवार को इंद्री जल सेवाएं मंडल के तहत किए जा रहे बाढ़ बचाव कार्यों का निरीक्षण किया। उनके साथ एसीयूटी साहिल गुप्ता, एसडीएम इंद्री सुमित सिहाग एवं एसडीएम करनाल नरेंद्र पाल मलिक, जिला राजस्व अधिकारी श्याम लाल, डीएसपी इंद्री रणधीर सिंह और इस मंडल के कार्यकारी अभियंता मनीष शर्मा भी रहे।
डीसी ने सबसे पहले मुस्तफाबाद कॉम्प्लेक्स पर किए जा रहे कार्यों का निरीक्षण किया। सिंचाई विभाग की ओर से यहां 726 फुट तट पर स्टोन रिवेटमेंट यानी पत्थरों से सहारे की दीवार बनाई जा रही है व 6 स्टोन स्टड यानी पत्थर की ठोकरों की मरम्मत भी की जा रही है। इन उपायों से मानसून के दिनों में यमुना नदी में अत्यधिक पानी आ जाने से भूमि कटाव नहीं हो सकेगा। रिवेटमेंट और स्टोन स्टड के इन कार्यों पर 2 करोड़, 92 लाख रुपये की राशि खर्च होगी।
इसके पश्चात, डीसी ने इसके साथ लगते जम्मूखाला कॉम्प्लेक्स पर चल रहे बाढ़ बचाव कार्यों का निरीक्षण किया। बता दें कि यहां 465 फुट स्टोन रिवेटमेंट, 1 नए स्टड का निर्माण और 4 स्टड की मरम्मत के कार्य चल रहे हैं। इन पर 1 करोड़, 75 लाख रुपये की राशि खर्च होगी। डीसी ने कलसौरा कॉम्प्लेक्स पर जाकर वहां के बाढ़ बचाव कार्यों का भी निरीक्षण किया। यहां 610 फुट रिवेटमेंट, 8 स्टोन स्टड की मरम्मत के कार्य चल रहे हैं। सिंचाई विभाग की ओर से इन कार्यों पर डेढ़ करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। उन्होंने नबियाबाद कॉम्प्लेक्स का भी निरीक्षण किया। यहां गत वर्ष बाढ़ से बचाव के लिए 3 स्टोन स्टड लगाए गए थे और उन पर 19 लाख रुपए की राशि खर्च हुई थी, अब इनकी मरम्मत की जा रही है। गत वर्ष ही कुंडाकलां कॉम्प्लेक्स पर भी बाढ़ से बचाव के लिए 3 स्टोन स्टड लगाए गए थे, इनकी भी मरम्मत की जा रही है। अब यहां एक नया स्टड भी बनाया जा रहा है। इस कॉम्प्लेक्स पर किए जा रहे कार्यों पर 80 लाख रुपये की राशि खर्च होगी।
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मई से पहले पूरे होंगे सभी कार्य
बतौर उपायुक्त करनाल के पूर्व में गुजरती यमुना बारिश के दिनों में पानी से लबालब हो जाती है। गत वर्ष इसमें 6 लाख क्यूसिक पानी आया था। सिंचाई विभाग की ओर से समय पर बाढ़ से बचाव के उपायों से किसी भी जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। इस बार भी बाढ़ से बचाव के लिए मरम्मत और नए स्टड बनाने के कार्य शुरू हो गए हैं। लक्ष्य है कि आगामी मानसून से पहले मई तक सभी कार्य पूरे कर लिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इन कार्यों के लिए सरकार की ओर से बीती 7 मार्च को निर्माण के एग्रीमेंट हो गए थे, जबकि बीती 15 फरवरी को इनके टेंडर आमंत्रित किए गए थे।
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करनाल। डीसी विनय प्रताप सिंह ने सोमवार को इंद्री जल सेवाएं मंडल के तहत किए जा रहे बाढ़ बचाव कार्यों का निरीक्षण किया। उनके साथ एसीयूटी साहिल गुप्ता, एसडीएम इंद्री सुमित सिहाग एवं एसडीएम करनाल नरेंद्र पाल मलिक, जिला राजस्व अधिकारी श्याम लाल, डीएसपी इंद्री रणधीर सिंह और इस मंडल के कार्यकारी अभियंता मनीष शर्मा भी रहे।
डीसी ने सबसे पहले मुस्तफाबाद कॉम्प्लेक्स पर किए जा रहे कार्यों का निरीक्षण किया। सिंचाई विभाग की ओर से यहां 726 फुट तट पर स्टोन रिवेटमेंट यानी पत्थरों से सहारे की दीवार बनाई जा रही है व 6 स्टोन स्टड यानी पत्थर की ठोकरों की मरम्मत भी की जा रही है। इन उपायों से मानसून के दिनों में यमुना नदी में अत्यधिक पानी आ जाने से भूमि कटाव नहीं हो सकेगा। रिवेटमेंट और स्टोन स्टड के इन कार्यों पर 2 करोड़, 92 लाख रुपये की राशि खर्च होगी।
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इसके पश्चात, डीसी ने इसके साथ लगते जम्मूखाला कॉम्प्लेक्स पर चल रहे बाढ़ बचाव कार्यों का निरीक्षण किया। बता दें कि यहां 465 फुट स्टोन रिवेटमेंट, 1 नए स्टड का निर्माण और 4 स्टड की मरम्मत के कार्य चल रहे हैं। इन पर 1 करोड़, 75 लाख रुपये की राशि खर्च होगी। डीसी ने कलसौरा कॉम्प्लेक्स पर जाकर वहां के बाढ़ बचाव कार्यों का भी निरीक्षण किया। यहां 610 फुट रिवेटमेंट, 8 स्टोन स्टड की मरम्मत के कार्य चल रहे हैं। सिंचाई विभाग की ओर से इन कार्यों पर डेढ़ करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। उन्होंने नबियाबाद कॉम्प्लेक्स का भी निरीक्षण किया। यहां गत वर्ष बाढ़ से बचाव के लिए 3 स्टोन स्टड लगाए गए थे और उन पर 19 लाख रुपए की राशि खर्च हुई थी, अब इनकी मरम्मत की जा रही है। गत वर्ष ही कुंडाकलां कॉम्प्लेक्स पर भी बाढ़ से बचाव के लिए 3 स्टोन स्टड लगाए गए थे, इनकी भी मरम्मत की जा रही है। अब यहां एक नया स्टड भी बनाया जा रहा है। इस कॉम्प्लेक्स पर किए जा रहे कार्यों पर 80 लाख रुपये की राशि खर्च होगी।
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मई से पहले पूरे होंगे सभी कार्य
बतौर उपायुक्त करनाल के पूर्व में गुजरती यमुना बारिश के दिनों में पानी से लबालब हो जाती है। गत वर्ष इसमें 6 लाख क्यूसिक पानी आया था। सिंचाई विभाग की ओर से समय पर बाढ़ से बचाव के उपायों से किसी भी जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। इस बार भी बाढ़ से बचाव के लिए मरम्मत और नए स्टड बनाने के कार्य शुरू हो गए हैं। लक्ष्य है कि आगामी मानसून से पहले मई तक सभी कार्य पूरे कर लिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इन कार्यों के लिए सरकार की ओर से बीती 7 मार्च को निर्माण के एग्रीमेंट हो गए थे, जबकि बीती 15 फरवरी को इनके टेंडर आमंत्रित किए गए थे।