फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   मिलर्स से रिशवत मांगने के दो मामले, कार्रवाई अलग-अलग, मार्केटिंग बोर्ड ने सस्पेंड कर केस दर्ज कराया, एफसीआई ने आरोपी को दी क्लीन

मिलर्स से रिशवत मांगने के दो मामले, कार्रवाई अलग-अलग, मार्केटिंग बोर्ड ने सस्पेंड कर केस दर्ज कराया, एफसीआई ने आरोपी को दी क्लीन

Fri, 09 Feb 2018 12:13 AM IST
Updated Fri, 09 Feb 2018 12:13 AM IST
विज्ञापन
मिलर्स से रिशवत मांगने के दो मामले, कार्रवाई अलग-अलग, मार्केटिंग बोर्ड ने सस्पेंड कर केस दर्ज कराया, एफसीआई ने आरोपी को दी क्लीन
मिलर्स से रिश्वत मांगने के दो मामले, कार्रवाई अलग-अलग, मार्केटिंग बोर्ड ने सस्पेंड कर केस दर्ज कराया, एफसीआई ने आरोपी को दी क्लीनचिट
विज्ञापन

सोमदत्त शर्मा
करनाल। राइस मिलर्स से अवैध वसूली करने के दो मामलों में दोनों विभागों ने अलग-अलग कार्रवाई की है। फोन पर 20 लाख रुपये की रिश्वत मांगने के मामले में बोर्ड के मुख्य प्रशासक मनदीप सिंह बराड़ ने पांचों अधिकारियों को न केवल सस्पेंड किया, बल्कि उनके खिलाफ अवैध वसूली का केस भी दर्ज कराया। इसके साथ ही दूसरे मामले में एफसीआई के अधिकारी पर चावल की गाड़ी पास कराने के नाम पर 5 हजार रुपये प्रति गाड़ी मांगने का आरोप लिखित में राइस मिलर्स ने लगाया, लेकिन एफसीआई ने अपने अधिकारी को क्लीनचिट दे दी है। इन दोनों ही मामलों में अलग-अलग कार्रवाई पर अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। अहम बात ये है कि दोनों ही मामलों की गूंज सीएम दरबार तक पहुंची थी। इस मामले सबसे बड़ी बात ये है कि एफसीआई द्वारा 30 जनवरी को ही अपनी जांच में एसिस्टेंट मैनेजर (टेक्नीकल) को क्लीनचिट दी जा चुकी थी, जबकि मीडिया द्वारा पूछने पर डीएम लगातार ये ही कहते रहे कि मामले की जांच चल रही है। अब सवाल ये भी है कि आखिरकार जांच पूरी होने के बाद भी उसे क्यों दबाया गया?
केस नंबर एक-
दूसरे राइस मिलर्स के हवाले से दी क्लीनचिट
18 जनवरी को नेवल गोडाउन राइस मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी एफसीआई के डीएम रवि कुमार से मिले और लिखित में शिकायत दी। शिकायत के अनुसार, राइस मिलर्स ने बताया कि उन्होंने सरकार से सीएमआर ली हुई है। इसके तहत सरकार से धान लेकर चावल वापस करना होता है। मिलर्स ने आरोप लगाया कि नेवल गोदाम में तैनात एस्सिटैंट मैनेजर (टेक्नीकल) कपिल पालीवाल मिलर्स से चावल की गाड़ी पास करने के लिए प्रति गाड़ी पांच हजार रुपये की मांग कर रहा है। मिलर्स ने ये भी आरोप लगाया कि अच्छे चावल को भी रिजेक्ट किया जा रहा है। मिलर्स ने ये भी आरोप लगाया था कि दो माह में 20 चावल की गाड़ियां रिजेक्ट की गई, लेकिन अब जब से उन्होंने पैसे देने से इंकार किया है, एक एक दिन में दस दस गाड़ियों को जानबुझ कर रिजेक्ट किया जा रहा है। मिलर्स के प्रधान नीरज कुमार ने मामले की जांच की मांग की थी। इसके बाद ये मामला सीएम मनोहर लाल के संज्ञान में भी लाया गया था। इसके बाद मामले की जांच तीन सदस्यीय कमेटी को दी गई। इस दौरान कपिल पालीवाल का तबादला नेवल से इंद्री कर दिया गया। इस मामले कपिल पालीवाल ने सभी आरोपों को निराधार बताया था। मीडिया द्वारा बार बार पूछे जाने पर डीएम रवि कुमार यही कहते रहे कि जांच चल रही है, जबकि गुरुवार को हुई बातचीत के दौरान उन्होंने दावा किया कि जांच 30 जनवरी को ही पूरी गई थी और इसमें प्रति गाड़ी पांच हजार रुपये मांगने के आरोप सही नहीं पाये गए हैं। इस जांच में खास बात ये है कि शिकायकर्ताओं से बात तक नहीं की गई और दूसरे राइस मिलर्स का हवाला देते हुए मामले में कपिल पालीवाल पर लगे आरोपों को सिरे से नकार दिया। पूरे मामले में नेवल एरिया के अन्य राइस मिलर्स, जिन्होंने शिकायत नहीं की थी के हवाले से इस जांच को अंतिम रूप दिया गया है।
विज्ञापन

----
वर्जन
इस मामले में हमारे से जांच टीम ने कोई बातचीत नहीं की। डीएम रवि कुमार ने एकतरफा पक्षपात करते हुए कपिल पालीवाल को क्लीनचिट दिलवाई है। हम आज भी इस बात पर कायम हैं कि उसने हमारे से प्रति गाड़ी पांच रुपये की मांग की थी और ये बातें बकायदा हम लिखित में दे चुके हैं। इतना ही नहीं हमें जांच पूरी होने के बारे में भी कोई जानकारी नहीं दी गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

-नंदलाल, पूर्व जिला प्रधान राइस मिलर्स एसो.
बाक्स
डीएम रवि कुमार से सीधे सवाल
एसिस्टेंट मैनेजर (टेक्नीकल) पर रिशवत मांगने के आरोप मामले की जांच पूरी हो गई क्या?
हां, वो तो पूरी हो गई, रिकार्ड के अनुसार 30 जनवरी को ही ये रिपोर्ट मेल द्वारा अधिकारियों को भेज दी गई?
जांच में क्या सामने आया? क्या आरोप सही पाये गए
नहीं, जांच में पैसे मांगने की बात सामने नहीं आई है, केवल मनमुटाव था मिलर्स और कपिल पालीवाल का।
अगर आरोप झूठे हैं तो कपिल पालीवाल का तबादला क्यों किया गया, उन्हें वापस लाओगे क्या?
नहीं ऐसा कुछ नहीं, आरोप लगे थे, इसलिए पालीवाल का तबादला किया गया, वापसी के बारे में कुछ नहीं कह सकता।
किस बात को लेकर मनमुटाव था?
ये तो नहीं पता, लेकिन कोई बड़ा मामला नहीं था?
ऐसे में एफसीआई व कपिल पालीवाल को बदनाम करने के आरोप में आप राइस मिलर्स पर क्या कार्रवाई करेंगे?
नहीं, कार्रवाई वाली कोई बात नहीं है, मामला निपट गया है। हम कोई कार्रवाई नहीं करेंगे।
बाक्स
जांच में किन लोगों की शामिल किया गया?
तीन सदस्यीय टीम ने जांच के दौरान शिकायकर्ताओं के अलावा दूसरे राइस मिलर्स से बात की थी, जिन्होंने पैसे के आरोपों को सिरे से नकार दिया?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed