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चेकपोस्ट पर मंत्री का छापा, चार कर्मी गैरहाजिर मिले, टीम लीडर कैबिन में कर रहा था आराम, चारों सस्पेंड
Updated Sun, 22 Apr 2018 11:00 PM IST
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चेकपोस्ट पर मंत्री का छापा, चार कर्मी गैरहाजिर मिले, टीम लीडर कैबिन में कर रहा था आराम, चारों सस्पेंड
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। मेरठ रोड स्थित अंतर्राराज्यीय मंगलौरा चेकपोस्ट पर ओवरलोडेड वाहन चालकों से रिश्वत लेकर उन्हें निकालने का यह गोरखधंधा अभी तक चल रहा है। यह मामला हरियाणा परिवहन मंत्री के सामने भी पहुंच चुका है। चेकपोस्ट पर रिश्वत लेने की शिकायत मिलने पर रविवार को परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने दोपहर के समय आरटीए टीम के साथ मंगलौरा चेकपोस्ट पर छापा मारा। जहां चार कर्मचारी गैर हाजिर मिले, जिन्हें मंत्री ने तुरंत प्रभाव से सस्पेंड करने के आदेश दिये। इसके बाद मंत्री ने चेकपोस्ट के टीम लीडर फूड सप्लाई विभाग के इंस्पेक्टर देवेंद्र कुमार पर जमकर लताड़ लगाई और पूछा कि अभी तक तुमने कितने ओवरलोडेड वाहनों के चालान किए हैं? टीम ने बताया कि पांच वाहनों के चालन किए हैं। इस पर गुस्सा गए और मंत्री ने कहा कि मैंने 15 मिनट में आठ ओवरलोडेड वाहनों के चालान किए हैं। तुम सारा दिन क्या करते हो? इस दौरान मंत्री ने सभी कर्मचारियों व अधिकारियों को सख्म निर्देश दिए कि वह कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। इसके बाद मंत्री ने रंबा चेकपोस्ट का भी औचक निरीक्षण किया, जहां पर सभी कर्मचारी हाजिर मिले।
बता दें पानीपत से आते समय करीब 12 बजे मंत्री करनाल पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस पर मिले वहां से आटीए टीम को साथ लेकर करीब 1.22 बजे मंगलौरा चेकपोस्ट पर छापा मारा। गौरतलब है कि इससे पहले भी मंत्री दो बार घरौंडा टोल टैक्स के पास ओवरलोडेड वाहनों को पकड़ कर आरटीए विभाग व चेकपोस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा चुके हैं। हालांकि, इसके बावजूद ओवरलोड नहीं रूक रहा है और चेकपोस्ट पर तैनात कर्मचारी ही अवैध वसूली करके वाहनों को निकाल रहे हैं।
ये कर्मचारी किये सस्पेंड, कैबिन में बैठे टीम लीडर पर लगाई लताड़
मंगलौरा चेकपोस्ट पर जब मंत्री कृष्ण पवार आरटीए टीम के इंस्पेक्टर जोगिंद्र ढुल, मनिष, कर्मबीर स्टेनों, भागीरथ शर्मा,जगबीर सिंह व सुरेंद्र पाढ़ा के साथ पहुंचे तो वहां बिजली निगम के एलडीसी जोगिंद्र, बिजली निगम तरावड़ी में तैनात शिवकुमार, डाइट शाहपुर में तैनात क्लर्क रमेश व डीईओ कार्यालय में तैनात सेवादार गैर हाजिर। टीम लीडर डीएसएफसी इंस्पेक्टर देवेंद्र कैबिन में बैठे आराम करते मिले। मंत्री ने जाते ही डीएफएससी देवेंद्र को लताड़ लगाई कि वह कैबिन में बैठकर क्या कर रहे हैं, इसके बाद उन्होंने गैर हाजिर मिले कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया। गौरतलब है कि चेकपोस्ट पर एक समय में 11 कर्मचारी तैनात रहते हैं। इस समय जिले में मंगलौरा, ब्याना और रंबा में चेक पोस्ट बनाई गई हैं।
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मंत्री ने मेरठ रोड व जीटी रोड से 15 मिनट में पकड़े आठ ओवर लोड ट्रक
रेस्ट हाउस से मंगलौरा चेकपोस्ट पर जाते समय मंत्री कृष्ण पंवार ने सेक्टर-7 के समीप ओवरलोडेड चार ट्रकों को पकड़ा, जिन्हें ट्रैफिक थाना को सौंप दिया गया। इसी प्रकार जब मंत्री मेरठ रोड पर पहुंचे तो करनाल से यूपी की ओर जा रहे ओवरलोडेड ट्रकों को रूकवाया, जिसमें चार ओवरलोडेड ट्रक थे उन्हें भी पुलिस के हवाले कर दिया।
रिश्वत में कई के नाम आये थे सामने, कार्रवाई किसी पर नहीं
एडीसी निशांत कुमार ने 11 अप्रैल को अलसुबह साढ़े चार बजे मंगलौरा चेकपोस्ट पर छापामार कर बिजली निगम में एलडीसी रामपाल को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा था। इस दौरान आरोपी से रिश्तव के 39160 रुपये बरामद हुए थे। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी रामपाल ने बताया था कि वह किसके कहने पर ओवरलोडेड वाहन चालकों से रिश्वत लेता था और फिर कौन-कौन उन रुपयों को बांटते थे। यह सारा खुलासा रामपाल ने पुलिस के सामने किया थ। लेकिन पुलिस इस मामले में कुछ बताने को तैयार नहीं है, ऐसा लगता है कि पुलिस इस मामले को दबाने का प्रयास कर रही है। 11 दिन बीतने के बाद भी पुलिस ने अभी तक न तो किसी अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया है और न ही उनके नाम बता रही है।
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। मेरठ रोड स्थित अंतर्राराज्यीय मंगलौरा चेकपोस्ट पर ओवरलोडेड वाहन चालकों से रिश्वत लेकर उन्हें निकालने का यह गोरखधंधा अभी तक चल रहा है। यह मामला हरियाणा परिवहन मंत्री के सामने भी पहुंच चुका है। चेकपोस्ट पर रिश्वत लेने की शिकायत मिलने पर रविवार को परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने दोपहर के समय आरटीए टीम के साथ मंगलौरा चेकपोस्ट पर छापा मारा। जहां चार कर्मचारी गैर हाजिर मिले, जिन्हें मंत्री ने तुरंत प्रभाव से सस्पेंड करने के आदेश दिये। इसके बाद मंत्री ने चेकपोस्ट के टीम लीडर फूड सप्लाई विभाग के इंस्पेक्टर देवेंद्र कुमार पर जमकर लताड़ लगाई और पूछा कि अभी तक तुमने कितने ओवरलोडेड वाहनों के चालान किए हैं? टीम ने बताया कि पांच वाहनों के चालन किए हैं। इस पर गुस्सा गए और मंत्री ने कहा कि मैंने 15 मिनट में आठ ओवरलोडेड वाहनों के चालान किए हैं। तुम सारा दिन क्या करते हो? इस दौरान मंत्री ने सभी कर्मचारियों व अधिकारियों को सख्म निर्देश दिए कि वह कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। इसके बाद मंत्री ने रंबा चेकपोस्ट का भी औचक निरीक्षण किया, जहां पर सभी कर्मचारी हाजिर मिले।
बता दें पानीपत से आते समय करीब 12 बजे मंत्री करनाल पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस पर मिले वहां से आटीए टीम को साथ लेकर करीब 1.22 बजे मंगलौरा चेकपोस्ट पर छापा मारा। गौरतलब है कि इससे पहले भी मंत्री दो बार घरौंडा टोल टैक्स के पास ओवरलोडेड वाहनों को पकड़ कर आरटीए विभाग व चेकपोस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा चुके हैं। हालांकि, इसके बावजूद ओवरलोड नहीं रूक रहा है और चेकपोस्ट पर तैनात कर्मचारी ही अवैध वसूली करके वाहनों को निकाल रहे हैं।
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ये कर्मचारी किये सस्पेंड, कैबिन में बैठे टीम लीडर पर लगाई लताड़
मंगलौरा चेकपोस्ट पर जब मंत्री कृष्ण पवार आरटीए टीम के इंस्पेक्टर जोगिंद्र ढुल, मनिष, कर्मबीर स्टेनों, भागीरथ शर्मा,जगबीर सिंह व सुरेंद्र पाढ़ा के साथ पहुंचे तो वहां बिजली निगम के एलडीसी जोगिंद्र, बिजली निगम तरावड़ी में तैनात शिवकुमार, डाइट शाहपुर में तैनात क्लर्क रमेश व डीईओ कार्यालय में तैनात सेवादार गैर हाजिर। टीम लीडर डीएसएफसी इंस्पेक्टर देवेंद्र कैबिन में बैठे आराम करते मिले। मंत्री ने जाते ही डीएफएससी देवेंद्र को लताड़ लगाई कि वह कैबिन में बैठकर क्या कर रहे हैं, इसके बाद उन्होंने गैर हाजिर मिले कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया। गौरतलब है कि चेकपोस्ट पर एक समय में 11 कर्मचारी तैनात रहते हैं। इस समय जिले में मंगलौरा, ब्याना और रंबा में चेक पोस्ट बनाई गई हैं।
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मंत्री ने मेरठ रोड व जीटी रोड से 15 मिनट में पकड़े आठ ओवर लोड ट्रक
रेस्ट हाउस से मंगलौरा चेकपोस्ट पर जाते समय मंत्री कृष्ण पंवार ने सेक्टर-7 के समीप ओवरलोडेड चार ट्रकों को पकड़ा, जिन्हें ट्रैफिक थाना को सौंप दिया गया। इसी प्रकार जब मंत्री मेरठ रोड पर पहुंचे तो करनाल से यूपी की ओर जा रहे ओवरलोडेड ट्रकों को रूकवाया, जिसमें चार ओवरलोडेड ट्रक थे उन्हें भी पुलिस के हवाले कर दिया।
रिश्वत में कई के नाम आये थे सामने, कार्रवाई किसी पर नहीं
एडीसी निशांत कुमार ने 11 अप्रैल को अलसुबह साढ़े चार बजे मंगलौरा चेकपोस्ट पर छापामार कर बिजली निगम में एलडीसी रामपाल को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा था। इस दौरान आरोपी से रिश्तव के 39160 रुपये बरामद हुए थे। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी रामपाल ने बताया था कि वह किसके कहने पर ओवरलोडेड वाहन चालकों से रिश्वत लेता था और फिर कौन-कौन उन रुपयों को बांटते थे। यह सारा खुलासा रामपाल ने पुलिस के सामने किया थ। लेकिन पुलिस इस मामले में कुछ बताने को तैयार नहीं है, ऐसा लगता है कि पुलिस इस मामले को दबाने का प्रयास कर रही है। 11 दिन बीतने के बाद भी पुलिस ने अभी तक न तो किसी अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया है और न ही उनके नाम बता रही है।