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30 वर्ष से अधिक उम्र के 6 लाख लोगों का स्वास्थ्य डाटा जुटा रहा विभाग
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। जिले में गैर संचारित रोगों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने गैर संचारित रोग नियंत्रण कार्यक्रम शुरू कर दिया है। इस कार्यक्रम के तहत 30 उम्र से अधिक की महिला और पुरुषों के स्वास्थ्य की कुंडली आशा वर्कर बनाएंगी।
करनाल जिले की 16 लाख के करीब जनसंख्या है। इनमें करीब 6 लाख महिला और पुरुष 30 साल की उम्र पार कर चुके हैं। इन सभी महिला पुरुषों के पास घर-घर आशा वर्कर जाएंगी और पांच बीमारी मुंह का कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर, बच्चेदानी का कैंसर, शुगर और बीपी के लक्षणों को देखेंगी। यदि उस महिला और पुरुष में इन पांचों बीमारियों में से किसी के भी लक्षण पाए जाते हैं तो वह उनका नाम अपने रजिस्टर में दर्ज करेगी और फिर एएनएम उसका चेकअप कर उसे दवा देगी। यही बीमारी बड़ी हुई है तो उसका इलाज जिला नागरिक अस्पताल में कराया जाएगा।
1100 आशा वर्क और 250 एएनएम को दी गई है ट्रेनिंग
मेडिकल ऑफिसर डॉ. अन्नू ने बताया कि गैर संचारित रोगों की रोकथाम के लिए जिले की 1100 आशा वर्करों और 250 एएनएम को ट्रेनिंग दी गई है। पहले आशा वर्कर घर-घर जाकर मरीज को ट्रेस करेंगी और फिर आशा वर्कर उस मरीज का इलाज कराएंगी। इससे मरीजों को कोई परेशानी नहीं होगी। आशा वर्कर इसका अलग से रजिस्टर में रिकार्ड भी दर्ज करेगी।
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ऑनलाइन होगा रिकार्ड, एएनएम करेंगी अपलोड
6 लाख महिला एवं पुरुषों की स्क्रीनिंग के बाद जिन लोगों में इन पांच बीमारियों में से जो भी बीमारी पाई जाएगी। उसका रिकार्ड विभाग की साइट एनसीडी पर ऑनलाइन किया जाएगा। यह कार्य एएनएम करेंगी। एएनएम को सरकार ने टैबलेट दिए हुए हैं। साइट पर मरीजों का डाटा ऑनलाइन करने को लेकर एएनएम को ट्रेनिंग भी दी जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से गैर संचारित रोग नियंत्रण कार्यक्रम शुरू किया हुआ है। इस कार्यक्रम को लेकर आशा वर्कर और एएनएम को ट्रेनिंग भी दी गई है। जिले में करीब 6 लाख महिला एवं पुरुष हैं जो 30 साल से ऊपर के हैं जिनकी स्क्रीनिंग की जाएगी।
-डॉ. अन्नू, मेडिकल ऑफिसर, करनाल।
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करनाल। जिले में गैर संचारित रोगों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने गैर संचारित रोग नियंत्रण कार्यक्रम शुरू कर दिया है। इस कार्यक्रम के तहत 30 उम्र से अधिक की महिला और पुरुषों के स्वास्थ्य की कुंडली आशा वर्कर बनाएंगी।
करनाल जिले की 16 लाख के करीब जनसंख्या है। इनमें करीब 6 लाख महिला और पुरुष 30 साल की उम्र पार कर चुके हैं। इन सभी महिला पुरुषों के पास घर-घर आशा वर्कर जाएंगी और पांच बीमारी मुंह का कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर, बच्चेदानी का कैंसर, शुगर और बीपी के लक्षणों को देखेंगी। यदि उस महिला और पुरुष में इन पांचों बीमारियों में से किसी के भी लक्षण पाए जाते हैं तो वह उनका नाम अपने रजिस्टर में दर्ज करेगी और फिर एएनएम उसका चेकअप कर उसे दवा देगी। यही बीमारी बड़ी हुई है तो उसका इलाज जिला नागरिक अस्पताल में कराया जाएगा।
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1100 आशा वर्क और 250 एएनएम को दी गई है ट्रेनिंग
मेडिकल ऑफिसर डॉ. अन्नू ने बताया कि गैर संचारित रोगों की रोकथाम के लिए जिले की 1100 आशा वर्करों और 250 एएनएम को ट्रेनिंग दी गई है। पहले आशा वर्कर घर-घर जाकर मरीज को ट्रेस करेंगी और फिर आशा वर्कर उस मरीज का इलाज कराएंगी। इससे मरीजों को कोई परेशानी नहीं होगी। आशा वर्कर इसका अलग से रजिस्टर में रिकार्ड भी दर्ज करेगी।
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ऑनलाइन होगा रिकार्ड, एएनएम करेंगी अपलोड
6 लाख महिला एवं पुरुषों की स्क्रीनिंग के बाद जिन लोगों में इन पांच बीमारियों में से जो भी बीमारी पाई जाएगी। उसका रिकार्ड विभाग की साइट एनसीडी पर ऑनलाइन किया जाएगा। यह कार्य एएनएम करेंगी। एएनएम को सरकार ने टैबलेट दिए हुए हैं। साइट पर मरीजों का डाटा ऑनलाइन करने को लेकर एएनएम को ट्रेनिंग भी दी जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से गैर संचारित रोग नियंत्रण कार्यक्रम शुरू किया हुआ है। इस कार्यक्रम को लेकर आशा वर्कर और एएनएम को ट्रेनिंग भी दी गई है। जिले में करीब 6 लाख महिला एवं पुरुष हैं जो 30 साल से ऊपर के हैं जिनकी स्क्रीनिंग की जाएगी।
-डॉ. अन्नू, मेडिकल ऑफिसर, करनाल।