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अधिकतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस लुढ़का
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। अधिकतम तापमान में रविवार को तीन डिग्री सेल्सियस गिरावट आने से गर्मी से कुछ राहत मिली है। शनिवार को जिले में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.6 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि शनिवार को अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 25.4 डिग्री सेल्सियस था। हवा की औसत गति 17.7 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। मौसम में कुछ बदलाव की संभावनाएं व्यक्त की जा रही हैं। धान उत्पादक किसान बारिश का इंतजार कर रहे हैं।
जिले में धान की रोपाई का कार्य मंद गति पर है। इसकी वजह प्री-मानसून और मानसून का समय पर नहीं आना रहा। शनिवार को बेशक अधिकतम तापमान गिरा है, लेकिन दिन में गर्मी, उमस और तेज धूप का सामना करना पड़ा। गर्मी में दोपहिया वाहन चालकों की त्वचा झुलसी। खेत में धान की रोपाई कर रहे श्रमिक अपने काम को पूरा करते दिखाई दिए। धान रोपाई का उचित समय चल रहा है, इसलिए किसानों को भी रोपाई कार्य आगे बढ़ाना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। किसानों के लिए रोपाई किए गए खेतों में पानी की मात्रा बरकरार रखना व आगे खाली खेतों में पानी भरना कठिन हो रहा है।
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करनाल। अधिकतम तापमान में रविवार को तीन डिग्री सेल्सियस गिरावट आने से गर्मी से कुछ राहत मिली है। शनिवार को जिले में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.6 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि शनिवार को अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 25.4 डिग्री सेल्सियस था। हवा की औसत गति 17.7 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। मौसम में कुछ बदलाव की संभावनाएं व्यक्त की जा रही हैं। धान उत्पादक किसान बारिश का इंतजार कर रहे हैं।
जिले में धान की रोपाई का कार्य मंद गति पर है। इसकी वजह प्री-मानसून और मानसून का समय पर नहीं आना रहा। शनिवार को बेशक अधिकतम तापमान गिरा है, लेकिन दिन में गर्मी, उमस और तेज धूप का सामना करना पड़ा। गर्मी में दोपहिया वाहन चालकों की त्वचा झुलसी। खेत में धान की रोपाई कर रहे श्रमिक अपने काम को पूरा करते दिखाई दिए। धान रोपाई का उचित समय चल रहा है, इसलिए किसानों को भी रोपाई कार्य आगे बढ़ाना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। किसानों के लिए रोपाई किए गए खेतों में पानी की मात्रा बरकरार रखना व आगे खाली खेतों में पानी भरना कठिन हो रहा है।
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