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लाठीचार्ज मामला : पुलिस का तर्क, आईटीआई में रखी ईवीएम मशीनों की सुरक्षा थी जरूरी
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। आईटीआई संस्थान के छात्र की सड़क हादसे में हुई मौत के बाद अगले दिन पुलिस और छात्रों के बीच हुए पथराव के बाद लाठीचार्ज और हवाई फायरिंग के मामले में अब नई चीज सामने आई है। पुलिस ने अपनी सफाई में तर्क दिया है कि क्योंकि आईटीआई परिसर के अंदर ईवीएम रखी गई थी और पुलिस को अंदेशा था कि कहीं उपद्रवी मशीनों को नुकसान न पहुंचा दें, इसलिए मशीनों की सुरक्षा जरूरी थी।
मंगलवार को मीडिया को जारी किए गए बयान में एसपी सुरेंद्र भौरिया ने बताया कि लोकसभा चुनाव को लेकर घरौंडा विधानसभा क्षेत्र के लिए ईवीएम रखी हुई थी। जैसे ही छात्र आईटीआई के अंदर घुसे तो पुलिस को अंदेशा हुआ कि कहीं वे ईवीएम को नुकसान न पहुंचा दें, इसलिए पुलिस आईटीआई परिसर के अंदर घुसी और प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा।
पेट्रोल बम फेंकने की थी आशंका
पुलिस ने अपने पक्ष में ये भी कहा है कि जब उपद्रवी पत्थरबाजी से नहीं माने तो पुलिस ने उनको खदेड़ने की कोशिश की। इसके बावजूद वे आगे बढ़ते जा रहे थे, साथ ही पुलिस के पास गुप्तचर विभाग से सूचना मिली थी कि कुछ शरारती तत्व पेट्रोल बम का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इसलिए छात्रों को भगाने के लिए हवाई फायर किए।
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सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस, बाहरी युवकों के होने की आशंका
पुलिस पूरे मामले में जांच कर रही है। पुलिस ने सीसीसीटी फुटेज खंगाली है, साथ ही पत्थरबाजी कर रहे युवकों की पहचान की कोशिश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में ये भी सामने आया है कि इस पूरे प्रकरण में कुछ बाहरी युवक शामिल रहे हैं, जो युवकों को न केवल उकसा रहे थे, बल्कि उन्होंने पत्थरबाजी भी की। एसपी सुरेंद्र भौरिया का कहना है कि पत्थरबाजी करने वालों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। इस मामले में कोई भी शामिल हो, उनके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा।
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करनाल। आईटीआई संस्थान के छात्र की सड़क हादसे में हुई मौत के बाद अगले दिन पुलिस और छात्रों के बीच हुए पथराव के बाद लाठीचार्ज और हवाई फायरिंग के मामले में अब नई चीज सामने आई है। पुलिस ने अपनी सफाई में तर्क दिया है कि क्योंकि आईटीआई परिसर के अंदर ईवीएम रखी गई थी और पुलिस को अंदेशा था कि कहीं उपद्रवी मशीनों को नुकसान न पहुंचा दें, इसलिए मशीनों की सुरक्षा जरूरी थी।
मंगलवार को मीडिया को जारी किए गए बयान में एसपी सुरेंद्र भौरिया ने बताया कि लोकसभा चुनाव को लेकर घरौंडा विधानसभा क्षेत्र के लिए ईवीएम रखी हुई थी। जैसे ही छात्र आईटीआई के अंदर घुसे तो पुलिस को अंदेशा हुआ कि कहीं वे ईवीएम को नुकसान न पहुंचा दें, इसलिए पुलिस आईटीआई परिसर के अंदर घुसी और प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा।
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पेट्रोल बम फेंकने की थी आशंका
पुलिस ने अपने पक्ष में ये भी कहा है कि जब उपद्रवी पत्थरबाजी से नहीं माने तो पुलिस ने उनको खदेड़ने की कोशिश की। इसके बावजूद वे आगे बढ़ते जा रहे थे, साथ ही पुलिस के पास गुप्तचर विभाग से सूचना मिली थी कि कुछ शरारती तत्व पेट्रोल बम का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इसलिए छात्रों को भगाने के लिए हवाई फायर किए।
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सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस, बाहरी युवकों के होने की आशंका
पुलिस पूरे मामले में जांच कर रही है। पुलिस ने सीसीसीटी फुटेज खंगाली है, साथ ही पत्थरबाजी कर रहे युवकों की पहचान की कोशिश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में ये भी सामने आया है कि इस पूरे प्रकरण में कुछ बाहरी युवक शामिल रहे हैं, जो युवकों को न केवल उकसा रहे थे, बल्कि उन्होंने पत्थरबाजी भी की। एसपी सुरेंद्र भौरिया का कहना है कि पत्थरबाजी करने वालों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। इस मामले में कोई भी शामिल हो, उनके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा।