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कर्ण नगरी को सलाम, शांतिपूर्ण किया 62 प्रतिशत मतदान, 19 को होगा शहर की चौधर का फैसला
Updated Mon, 17 Dec 2018 12:32 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। कई दिनों के शोरगुल के बाद स्थानीय निकाय चुनाव रविवार को कर्ण नगरी में शांतिपूर्ण संपन्न हो गया। सुबह साढ़े सात बजे से शुरू हुआ मतदान शाम साढ़े चार बजे तक हुआ। हालांकि, जो लोग लाइनों में लगे हुए थे उन्होंने पांच बजे तक भी मतदान किया।
करनाल में 62 प्रतिशत मतदाताओं ने शहर की सरकार चुनने के लिए अपने घरों से निकले और मतदान किया। अब 19 दिसंबर को ईवीएम बताएगी कि शहर की चौधर का ताज किसके सिर पर सजता है। मेयर के साथ ही निगम के 20 वार्डों के पार्षदों की हार जीत का फैसला भी ईवीएम में कैद हो गया। बुधवार को मतगणना के बाद शहर की आगामी सरकार के चेहरे सामने आएंगे। हालांकि, सभी प्रत्याशी अपने-अपने के दावे कर रहे हैं। मेयर पद को लेकर भाजपा प्रत्याशी रेणु बाला गुप्ता और इनेलो समर्थित आशा वधवा के बीच कांटे का मुकाबला होने के आसार हैं। चुनाव में क्रास वोटिंग की भी आशंका है। मतदान की सबसे अच्छी बात ये रही है कि कुल 224 बूथों में मामूली कहासुनी को छोड़कर कहीं पर भी कोई झगड़े और तनाव की सूचनाएं नहीं आई।
सीएम के वर्चस्व का सवाल
प्रदेश के पांच जिलों में नगर निगम के साथ ही दो नगर पालिकाओं में भी रविवार को चुनाव संपन्न हुआ, लेकिन इनमें करनाल की मेयर सीट को काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि यहां की जीत हार से सीएम की साख जुड़ी है। यहां की सीट उनके वर्चस्व से जुड़ी है। अब बुधवार को ही पता चलेगा कि जनता ने मुख्यमंत्री मनोहर का साथ दिया है या फिर इस बार विपक्ष पर भरोसा जताया है। दूसरे जिलों के नेताओं ने भी करनाल के चुनाव पर नजर रखी। अपने जानकारों को फोन कर स्थिति का जायजा लेते रहे। बता दें कि करनाल को लेकर खुद सीएम मनोहर लाल ने चार दिन यहां पर प्रचार किया।
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रही कड़ी सुरक्षा, संवेदनशील बूथों पर भी बनी रही शांति
चुनाव के दिन रविवार को कार्यकर्ताओं ने अपने प्रत्याशियों के पक्ष में पूरी ताकत झोंक दी। मतदाताओं को उनके घर से मतदान केंद्रों तक लेकर आए। बुजुर्गों और दिव्यांगों पर कार्यकर्ताओं का विशेष फोकस रहा। निगम के 20 वार्डों में बनाए गए 224 बूथों पर शांतिपूर्ण मतदान देखने को मिला। कहीं भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं आई। अतिसंवेदनशील 12 और संवेदनशील 34 बूथों पर पुलिस की विशेष नजर रही। यहां भी शांतिपूर्ण मतदान हुआ।
लाइनपार पर दिग्गजों की नजर, दिनभर डटे रहे मंत्री
लाइनपार यानि बड़ा वोट बैंक। 2, 48287 मतदाताओं में से 50 हजार यहीं के हैं। मेयर प्रत्याशी की हार और जीत का फैसला यहीं से होना है। इसलिए धुरंधर सुबह से लेकर शाम तक लाइनपार एरिया में डटे रहे। पोलिंग बूथों पर गए के बाहर बैठे पार्टी कार्यकर्ताओं से मिले। लोगों के रुझान को भी देखा। राज्यमंत्री कर्णदेव कांबोज, कुरुक्षेत्र के विधायक सुभाष सुधा के साथ लाइनपर एरिया में पहुंचे। रेणू बाला गुप्ता भी पोलिंग बूथों पर व्यवस्था का जायजा लिया। पार्टी के बस्ते पर बैठे कार्यकर्ताओं को पूरा दिन फुर्सत नहीं मिली, जबकि प्रशासन की तरफ से नियुक्त बीएलओ पर कम भीड़ देखने को मिली।
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करनाल। कई दिनों के शोरगुल के बाद स्थानीय निकाय चुनाव रविवार को कर्ण नगरी में शांतिपूर्ण संपन्न हो गया। सुबह साढ़े सात बजे से शुरू हुआ मतदान शाम साढ़े चार बजे तक हुआ। हालांकि, जो लोग लाइनों में लगे हुए थे उन्होंने पांच बजे तक भी मतदान किया।
करनाल में 62 प्रतिशत मतदाताओं ने शहर की सरकार चुनने के लिए अपने घरों से निकले और मतदान किया। अब 19 दिसंबर को ईवीएम बताएगी कि शहर की चौधर का ताज किसके सिर पर सजता है। मेयर के साथ ही निगम के 20 वार्डों के पार्षदों की हार जीत का फैसला भी ईवीएम में कैद हो गया। बुधवार को मतगणना के बाद शहर की आगामी सरकार के चेहरे सामने आएंगे। हालांकि, सभी प्रत्याशी अपने-अपने के दावे कर रहे हैं। मेयर पद को लेकर भाजपा प्रत्याशी रेणु बाला गुप्ता और इनेलो समर्थित आशा वधवा के बीच कांटे का मुकाबला होने के आसार हैं। चुनाव में क्रास वोटिंग की भी आशंका है। मतदान की सबसे अच्छी बात ये रही है कि कुल 224 बूथों में मामूली कहासुनी को छोड़कर कहीं पर भी कोई झगड़े और तनाव की सूचनाएं नहीं आई।
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सीएम के वर्चस्व का सवाल
प्रदेश के पांच जिलों में नगर निगम के साथ ही दो नगर पालिकाओं में भी रविवार को चुनाव संपन्न हुआ, लेकिन इनमें करनाल की मेयर सीट को काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि यहां की जीत हार से सीएम की साख जुड़ी है। यहां की सीट उनके वर्चस्व से जुड़ी है। अब बुधवार को ही पता चलेगा कि जनता ने मुख्यमंत्री मनोहर का साथ दिया है या फिर इस बार विपक्ष पर भरोसा जताया है। दूसरे जिलों के नेताओं ने भी करनाल के चुनाव पर नजर रखी। अपने जानकारों को फोन कर स्थिति का जायजा लेते रहे। बता दें कि करनाल को लेकर खुद सीएम मनोहर लाल ने चार दिन यहां पर प्रचार किया।
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रही कड़ी सुरक्षा, संवेदनशील बूथों पर भी बनी रही शांति
चुनाव के दिन रविवार को कार्यकर्ताओं ने अपने प्रत्याशियों के पक्ष में पूरी ताकत झोंक दी। मतदाताओं को उनके घर से मतदान केंद्रों तक लेकर आए। बुजुर्गों और दिव्यांगों पर कार्यकर्ताओं का विशेष फोकस रहा। निगम के 20 वार्डों में बनाए गए 224 बूथों पर शांतिपूर्ण मतदान देखने को मिला। कहीं भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं आई। अतिसंवेदनशील 12 और संवेदनशील 34 बूथों पर पुलिस की विशेष नजर रही। यहां भी शांतिपूर्ण मतदान हुआ।
लाइनपार पर दिग्गजों की नजर, दिनभर डटे रहे मंत्री
लाइनपार यानि बड़ा वोट बैंक। 2, 48287 मतदाताओं में से 50 हजार यहीं के हैं। मेयर प्रत्याशी की हार और जीत का फैसला यहीं से होना है। इसलिए धुरंधर सुबह से लेकर शाम तक लाइनपार एरिया में डटे रहे। पोलिंग बूथों पर गए के बाहर बैठे पार्टी कार्यकर्ताओं से मिले। लोगों के रुझान को भी देखा। राज्यमंत्री कर्णदेव कांबोज, कुरुक्षेत्र के विधायक सुभाष सुधा के साथ लाइनपर एरिया में पहुंचे। रेणू बाला गुप्ता भी पोलिंग बूथों पर व्यवस्था का जायजा लिया। पार्टी के बस्ते पर बैठे कार्यकर्ताओं को पूरा दिन फुर्सत नहीं मिली, जबकि प्रशासन की तरफ से नियुक्त बीएलओ पर कम भीड़ देखने को मिली।