{"_id":"5b64a6874f1c1b61508b6f68","slug":"141533322887-karnal-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"घरौडा विधायक नहीं कर पाए किसानों का सामना, फोन पर आशवासन देने लगे तो किसान बोले, वोट भी फोन पर ही मांग लेना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घरौडा विधायक नहीं कर पाए किसानों का सामना, फोन पर आशवासन देने लगे तो किसान बोले, वोट भी फोन पर ही मांग लेना
Updated Sat, 04 Aug 2018 12:31 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। पिछले 11 दिनों से मेरठ रोड पर धरने पर बैठे किसानों के सामने शुक्रवार को भी घरौंडा विधायक हरविंद्र कल्याण नहीं आ पाए, उन्होंने अपने आश्वासन के लिए घरौंडा एसडीएम को किसानों के पास मैसेज लेकर भेजा की वे फोन से किसानों से बात करेंगे और उन्हें जल्द ही नए शुगर मिल का निर्माण कार्य शुरू होने का आश्वासन देंगे।
जब एसडीएम मो. इमरान रजा धरना स्थल पर पहुंचे और विधायक के मैसेज के बारे में बताया तो गुस्साएं किसानों ने मना करते हुए कहा कि विधायक जी को कहना कि वो फोन ही वोट मांग लेना। वोट के समय तो विधायक घर-घर जा रहे थे, अब वो फोन ही आश्वासन देने लगे हैं। इसके बाद किसानों ने जमकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और धरने साथ ही गिरफ्तारी आंदोलन भी शुरू कर दिया। भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष रतन मान ने प्रशासन को कहा कि 15 किसान गिरफ्तारी देंगे और प्रशासन उन्हें गिरफ्तार करें। लेकिन पुलिस ने उन्हें 1 बजे तक गिरफ्तार नहीं किया। इसके बाद किसान मेरठ रोड की ओर बढ़े तो तुरंत सदर थाना प्रभारी ने उन 15 किसानों को गिरफ्तार कर लिया, जिन्होंने गिरफ्तारी दी। रतन मान ने कहा कि अब हर रोज 11 किसान अपनी गिरफ्तारी देंगे। इस दौरान शुगर मिल के आस-पास भारी पुलिस बल तैनात रहा। शुगर मिल एमडी व एसडीएम ने भी किसानों को जल्द निर्माण कार्य शुरू करने का आश्वासन दिया, लेकिन किसान नहीं माने।
सीएम एक महीने में तो घरौड़ा विधायक दो महीने में शुगर मिल का निर्माण कार्य शुरू होने का दे रहें हैं आश्वासन
प्रदेशाध्यक्ष रतनमान ने कहा कि अब समय आ गया है, जब सरकार से दो-दो हाथ किए जाएं। उन्होंने सरकार को भरपूर समय दिया। आखिरकार सरकार अपने जन-प्रतिनिधि विधायकों को महापंचायत में लाने से क्यों कतरा रही है। मुख्यमंत्री जहां एक तरफ एक माह के भीतर शुगर मिल के नवीनीकरण की बात करते है। वहीं, घरौंडा के विधायक दो महीने की बात कर रहे हैं। आखिरकार किसकी बात पर भरोसा करें। प्रदेश की मनोहर सरकार किसान विरोधी सरकार है। उन्होंने कहा कि जहां एक तरफ भाजपा और सरकार धान के समर्थन मूल्य बढ़ाने पर रैलियों का आयोजन कर रही है। वहीं, गन्ना उत्पादक किसानों का 400 करोड़ से अधिक का बकाया चीनी मिलों पर है। इसका अभी तक कोई भुगतान नहीं हुआ। इस अवसर पर धरना स्थल पर सभा की अध्यक्षता प्रदेश उपप्रधान प्रेमचंद शाहपुर ने किया। इरण कालिया, अभय राम, रामसिंह चौरपुरा समेत अन्य किसान मौजूद थे।
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ये हैं मांगें
- करनाल-पानीपत में नए शुगर मिल का निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू करना।
- गन्ने की बकाया पेमेंट का ब्याज सहित भुगतान।
- कैन मेनेजर द्वारा किसानों से की गई बदसलूकी की उच्च स्तरीय जांच।
इन्होंने दी गिरफ्तारी
भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष रतन मान की अगुवाई में किसान राजबीर सिंह, योगिंद्र सिंह, रामेश्वर मान, सतबीर मान, भलेराम, राजपाल, सूरजीभान कश्यप, हरपाल सिंह, सुभाष, जोगिंद्र, नरेंद्र, भरतरी सिंह, जयपाल शर्मा, धर्मपाल कश्यप आदि किसानों ने गिरफ्तारी दी।
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करनाल। पिछले 11 दिनों से मेरठ रोड पर धरने पर बैठे किसानों के सामने शुक्रवार को भी घरौंडा विधायक हरविंद्र कल्याण नहीं आ पाए, उन्होंने अपने आश्वासन के लिए घरौंडा एसडीएम को किसानों के पास मैसेज लेकर भेजा की वे फोन से किसानों से बात करेंगे और उन्हें जल्द ही नए शुगर मिल का निर्माण कार्य शुरू होने का आश्वासन देंगे।
जब एसडीएम मो. इमरान रजा धरना स्थल पर पहुंचे और विधायक के मैसेज के बारे में बताया तो गुस्साएं किसानों ने मना करते हुए कहा कि विधायक जी को कहना कि वो फोन ही वोट मांग लेना। वोट के समय तो विधायक घर-घर जा रहे थे, अब वो फोन ही आश्वासन देने लगे हैं। इसके बाद किसानों ने जमकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और धरने साथ ही गिरफ्तारी आंदोलन भी शुरू कर दिया। भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष रतन मान ने प्रशासन को कहा कि 15 किसान गिरफ्तारी देंगे और प्रशासन उन्हें गिरफ्तार करें। लेकिन पुलिस ने उन्हें 1 बजे तक गिरफ्तार नहीं किया। इसके बाद किसान मेरठ रोड की ओर बढ़े तो तुरंत सदर थाना प्रभारी ने उन 15 किसानों को गिरफ्तार कर लिया, जिन्होंने गिरफ्तारी दी। रतन मान ने कहा कि अब हर रोज 11 किसान अपनी गिरफ्तारी देंगे। इस दौरान शुगर मिल के आस-पास भारी पुलिस बल तैनात रहा। शुगर मिल एमडी व एसडीएम ने भी किसानों को जल्द निर्माण कार्य शुरू करने का आश्वासन दिया, लेकिन किसान नहीं माने।
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सीएम एक महीने में तो घरौड़ा विधायक दो महीने में शुगर मिल का निर्माण कार्य शुरू होने का दे रहें हैं आश्वासन
प्रदेशाध्यक्ष रतनमान ने कहा कि अब समय आ गया है, जब सरकार से दो-दो हाथ किए जाएं। उन्होंने सरकार को भरपूर समय दिया। आखिरकार सरकार अपने जन-प्रतिनिधि विधायकों को महापंचायत में लाने से क्यों कतरा रही है। मुख्यमंत्री जहां एक तरफ एक माह के भीतर शुगर मिल के नवीनीकरण की बात करते है। वहीं, घरौंडा के विधायक दो महीने की बात कर रहे हैं। आखिरकार किसकी बात पर भरोसा करें। प्रदेश की मनोहर सरकार किसान विरोधी सरकार है। उन्होंने कहा कि जहां एक तरफ भाजपा और सरकार धान के समर्थन मूल्य बढ़ाने पर रैलियों का आयोजन कर रही है। वहीं, गन्ना उत्पादक किसानों का 400 करोड़ से अधिक का बकाया चीनी मिलों पर है। इसका अभी तक कोई भुगतान नहीं हुआ। इस अवसर पर धरना स्थल पर सभा की अध्यक्षता प्रदेश उपप्रधान प्रेमचंद शाहपुर ने किया। इरण कालिया, अभय राम, रामसिंह चौरपुरा समेत अन्य किसान मौजूद थे।
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ये हैं मांगें
- करनाल-पानीपत में नए शुगर मिल का निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू करना।
- गन्ने की बकाया पेमेंट का ब्याज सहित भुगतान।
- कैन मेनेजर द्वारा किसानों से की गई बदसलूकी की उच्च स्तरीय जांच।
इन्होंने दी गिरफ्तारी
भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष रतन मान की अगुवाई में किसान राजबीर सिंह, योगिंद्र सिंह, रामेश्वर मान, सतबीर मान, भलेराम, राजपाल, सूरजीभान कश्यप, हरपाल सिंह, सुभाष, जोगिंद्र, नरेंद्र, भरतरी सिंह, जयपाल शर्मा, धर्मपाल कश्यप आदि किसानों ने गिरफ्तारी दी।