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भादसों में प्रशासन का रात्री खुला दरबार, शिकायतें निपटाने में हुई केवल खानापूर्ति
Updated Wed, 23 May 2018 01:08 AM IST
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90 शिकायतें आईं, निपटा पाए केवल 12
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। गांव भादसों में मंगलवार को आयोजित रात्रि ठहराव-खुला दरबार में प्रशासन और जनता के बीच सीधे संवाद से 90 शिकायतों पर सुनवाई हुई। इसके तहत 1 दर्जन से भी अधिक शिकायतों का मौके पर ही निवारण हुआ, जबकि शेष शिकायतें संबंधित अधिकारियों को देकर उनका यथाशीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए। दरबार में केवल लोगों की शिकायतें सुनी गईं। समाधान को दूर है। प्रशासन शिकायतकर्ताओं को कोई ठोस आश्वासन नहीं दे पाया। 10 शिकायतें प्लाट दिलवाने से संबंधित थीं, जबकि कुछ शिकायतें गली में अवैध कब्जे हटवाने, पक्के मकान बनवाने, बीपीएल कार्ड, गंदे पानी की निकासी, सामाजिक पेंशन बनवाने तथा बिजली विभाग से संबंधित थीं। पुलिस विभाग से संबंधित 5 शिकायतें आईं।
रात्रि खुले दरबार में जिला के आला अधिकारी, उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक व एडीसी के अतिरिक्त, सीटीएम तथा इंद्री के एसडीएम व डीएसपी मौजूद रहे। उपायुक्त के निर्देश पर सरकार की कल्याणकारी स्कीमों से जुड़े करीब 14 विभागों के अधिकारियों ने ग्रामीणों को अपने-अपने विभागों की स्कीमों की जानकारी दी। ग्राम सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम में इन अधिकारियों ने सचिवालय परिसर में बेहड़ा व महुआ के पौधे लगाए। उपायुक्त ने खुले दरबार में प्राप्त सभी शिकायतों की सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता व आवेदकों से सीधा संवाद कर उनकी मूल शिकायत पूछी और संबंधित अधिकारी को अपने समक्ष बुलाकर उसे निर्देश दिए कि वे अगले कुछ दिनों में इसका समाधान करें। खुले दरबार में एक दर्जन से अधिक विभागों ने अपने स्टाल लगाए थे, जिन पर स्कीमों से संबंधित प्रचार सामग्री और लाभार्थी के लिए फार्म उपलब्ध करवाए गए थे। खास बात यह थी कि कृषि विभाग के स्टाल पर किसानों के लिए मक्की का बीज निशुल्क उपलब्ध करवाया जा रहा था। इसी प्रकार एसडीएम इंद्री कार्यालय के स्टाल पर युवाओं के लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बनाए गए। समाज कल्याण विभाग के स्टाल पर सामाजिक पेंशन के फार्म भरे गए।
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। गांव भादसों में मंगलवार को आयोजित रात्रि ठहराव-खुला दरबार में प्रशासन और जनता के बीच सीधे संवाद से 90 शिकायतों पर सुनवाई हुई। इसके तहत 1 दर्जन से भी अधिक शिकायतों का मौके पर ही निवारण हुआ, जबकि शेष शिकायतें संबंधित अधिकारियों को देकर उनका यथाशीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए। दरबार में केवल लोगों की शिकायतें सुनी गईं। समाधान को दूर है। प्रशासन शिकायतकर्ताओं को कोई ठोस आश्वासन नहीं दे पाया। 10 शिकायतें प्लाट दिलवाने से संबंधित थीं, जबकि कुछ शिकायतें गली में अवैध कब्जे हटवाने, पक्के मकान बनवाने, बीपीएल कार्ड, गंदे पानी की निकासी, सामाजिक पेंशन बनवाने तथा बिजली विभाग से संबंधित थीं। पुलिस विभाग से संबंधित 5 शिकायतें आईं।
रात्रि खुले दरबार में जिला के आला अधिकारी, उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक व एडीसी के अतिरिक्त, सीटीएम तथा इंद्री के एसडीएम व डीएसपी मौजूद रहे। उपायुक्त के निर्देश पर सरकार की कल्याणकारी स्कीमों से जुड़े करीब 14 विभागों के अधिकारियों ने ग्रामीणों को अपने-अपने विभागों की स्कीमों की जानकारी दी। ग्राम सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम में इन अधिकारियों ने सचिवालय परिसर में बेहड़ा व महुआ के पौधे लगाए। उपायुक्त ने खुले दरबार में प्राप्त सभी शिकायतों की सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता व आवेदकों से सीधा संवाद कर उनकी मूल शिकायत पूछी और संबंधित अधिकारी को अपने समक्ष बुलाकर उसे निर्देश दिए कि वे अगले कुछ दिनों में इसका समाधान करें। खुले दरबार में एक दर्जन से अधिक विभागों ने अपने स्टाल लगाए थे, जिन पर स्कीमों से संबंधित प्रचार सामग्री और लाभार्थी के लिए फार्म उपलब्ध करवाए गए थे। खास बात यह थी कि कृषि विभाग के स्टाल पर किसानों के लिए मक्की का बीज निशुल्क उपलब्ध करवाया जा रहा था। इसी प्रकार एसडीएम इंद्री कार्यालय के स्टाल पर युवाओं के लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बनाए गए। समाज कल्याण विभाग के स्टाल पर सामाजिक पेंशन के फार्म भरे गए।
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