{"_id":"595d278d4f1c1b92198b4691","slug":"141499277197-karnal-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अमर उजाला इंपैक्ट- इंद्र चक्रवर्ती गांव को एक सप्ताह में मिलेगा राशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अमर उजाला इंपैक्ट- इंद्र चक्रवर्ती गांव को एक सप्ताह में मिलेगा राशन
Updated Wed, 05 Jul 2017 11:35 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
करनाल। इंद्रा चक्रवर्ती गांव में राशन न मिलने की समस्या एक सप्ताह में हल हो जाएगी। अमर उजाला द्वारा गांव की समस्या को प्रमुखता के साथ उठाए जाने के बाद डीएफसी विभाग एक्शन मोड़ में आ गया है और फार्मों में बदलाव कर गांव में रहने वाले कुष्ठ रोग पीड़ितों को किसी भी व्यक्ति को नामिनी बनाने की छूट दे दी है। अब कुष्ठ रोग पीड़ित अपने परिवार के सदस्यों के अलावा उन लोगों को भी अपना नामिनी बना सकते हैं, जिनका नाम उनके राशन कार्ड में नहीं है। विदित हो कि राशन वितरण ऑनलाइन होने के बाद से कुष्ठ रोग पीड़ितों के गांव इंद्रा चक्रवर्ती गांव में किसी को राशन नहीं मिल पा रहा। इस गांव में 65 परिवार के करीब 200 सदस्य रहते हैं। सभी परिवार के मुखिया कुष्ठ रोग से पीड़ित है और राशन कार्ड में भी उन्हीं का नाम है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के ऑनलाइन राशन वितरण प्रणाली में अंगूठा लगाकर राशन लेना पड़ता है, लेकिन यहां के लोग कुष्ठ रोग से पीड़ित हैं, इसलिए किसी को राशन नहीं मिल पा रहा। अमर उजाला ने गांव की इस समस्या को 5 जुलाई के अंक में प्रकाशित किया। जिसके बाद डीएफसी विभाग एक्शन मोड़ में आ गया। अभी तक ग्रामीणों की इस समस्या का कोई हल नहीं ढूंढ पा रहे डीएफसी विभाग ने एक दिन में ही ग्रामीणों की समस्या का निदान कर दिया। डीएफसी विभाग अब कुष्ठ रोग पीड़ितों का नामिनी बनाने के लिए फिर से फार्म भरवाएगा। जिसमें कुष्ठ रोग पीड़ित राशन लेने के लिए किसी को भी नामिनी बन सकेंगे। राशन कार्ड में वे लोग भी नामिनी बन सकेंगे, जिनका नाम अभी राशन कार्ड में नहीं है।
ग्रामीणों की समस्या हल करने के लिए फिर से फार्म भरवाया जाएगा, जिसमें वे किसी को भी नामिनी बना सकेंगे। यह प्रक्रिया एक सप्ताह के अंदर ही पूरी कर ग्रामीणों को राशन वितरण कर दिया जाएगा। आगे इन्हें किसी तरह की समस्या न हो इसका भी पूरा ध्यान रखा जाएगा।
- अनिल कुमार, डीएफएससी, करनाल।
विज्ञापन
ग्रामीणों की समस्या हल करने के लिए फिर से फार्म भरवाया जाएगा, जिसमें वे किसी को भी नामिनी बना सकेंगे। यह प्रक्रिया एक सप्ताह के अंदर ही पूरी कर ग्रामीणों को राशन वितरण कर दिया जाएगा। आगे इन्हें किसी तरह की समस्या न हो इसका भी पूरा ध्यान रखा जाएगा।
विज्ञापन
- अनिल कुमार, डीएफएससी, करनाल।