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मुगल कैनाल से चूहों को भगाने के लिए नगर निगम ने बिलों को बंद कराने का काम किया शुरू, दोबारा से पार्क होंगे सुंदर
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। मुगल कैनाल को चूहों की समस्या से निजात दिलाने के लिए नगर निगम ने चूहों के बिलों को बंद करने का काम शुरू कर दिया है। सात कर्मचारी मुगल कैनाल के पार्क में बने चूहों के बिलों को बंद करने में लगे हुए हैं। हालांकि, इससे मुगल कैनाल के पार्कों की स्थित कुछ हद तक ठीक होने लगी है, लेकिन चूहे अभी भी मुगल कैनाल की बिल्डिंग में छिपे हुए हैं और रात को वे दुकानों में उत्पात मचाते हैं। इस कारण अभी तक दुकानदारों की समस्या दूर नहीं हुई है। चूहों को पकड़ने के लिए दुकानदारों ने चूहे पकड़ने के पिंजरे खरीदे हुए हैं, लेकिन फिर भी ये चूहे काबू नहीं आ रहे हैं। नगर निगम के डीएमसी का कहना है कि यदि चूहों की समस्या बिल बंद होने के बाद भी दूर नहीं हुई तो वे चूहों के समाधान के लिए प्रयास करेंगे।
बता दें मुगल कैनाल में चूहों की समस्या को अमर उजाला ने उठाया था और 11 जनवरी को प्रकाशित किया था कि मुगल कैनाल नहीं जनाब चूहा कैनाल कहिए। खबर छपने के बाद नगर निगम हरकत में आया और नगर निगम कमिश्नर राजीव मेहता ने इंजीनियरिंग विंग को निर्देश दिए कि वह मुगल कैनाल में जाकर स्थिति का जायजा लें। इसके बाद नगर निगम ने मुगल कैनाल के पार्कों में चूहों द्वारा बनाए गए बड़े-बड़े बिलों को बंद कराने का कार्य शुरू किया।
मुगल कैनाल के पार्क अभी भी हैं बदहाल
मुगल कैनाल के बीचों बीच पार्क बनाए हुए हैं ताकि वहां लोग सुबह व दोपहर सैर कर सकें तथा शाम को बैठ सकें, लेकिन चूहों ने इन पार्कों को बदहाल कर दिया है। पार्क में गहरे और बड़े-बड़े बिल बना दिए थे, हालांकि नगर निगम ने चूहों के बिलों को बंद कराने का काम तो शुरू कर दिया लेकिन पार्क अभी भी बदहाल हैं। इन पार्कों में घास के साथ-साथ पौधे भी खत्म हो चुके हैं।
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वर्जन
चूहों ने मुगल कैनाल के पार्कों में जो बिल बनाए हुए थे उन्हें बंद कराया जा रहा है, यदि इसके बाद भी चूहों की समस्या दूर नहीं हुई तो फिर किसी कंपनी से समझौता कर इन चूहों को भगाया जाएगा, जल्द ही टेंडर कर पार्कों को सुंदर बनाया जाएगा।
-धीरज कुमार, डीएमसी, नगर निगम करनाल।
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करनाल। मुगल कैनाल को चूहों की समस्या से निजात दिलाने के लिए नगर निगम ने चूहों के बिलों को बंद करने का काम शुरू कर दिया है। सात कर्मचारी मुगल कैनाल के पार्क में बने चूहों के बिलों को बंद करने में लगे हुए हैं। हालांकि, इससे मुगल कैनाल के पार्कों की स्थित कुछ हद तक ठीक होने लगी है, लेकिन चूहे अभी भी मुगल कैनाल की बिल्डिंग में छिपे हुए हैं और रात को वे दुकानों में उत्पात मचाते हैं। इस कारण अभी तक दुकानदारों की समस्या दूर नहीं हुई है। चूहों को पकड़ने के लिए दुकानदारों ने चूहे पकड़ने के पिंजरे खरीदे हुए हैं, लेकिन फिर भी ये चूहे काबू नहीं आ रहे हैं। नगर निगम के डीएमसी का कहना है कि यदि चूहों की समस्या बिल बंद होने के बाद भी दूर नहीं हुई तो वे चूहों के समाधान के लिए प्रयास करेंगे।
बता दें मुगल कैनाल में चूहों की समस्या को अमर उजाला ने उठाया था और 11 जनवरी को प्रकाशित किया था कि मुगल कैनाल नहीं जनाब चूहा कैनाल कहिए। खबर छपने के बाद नगर निगम हरकत में आया और नगर निगम कमिश्नर राजीव मेहता ने इंजीनियरिंग विंग को निर्देश दिए कि वह मुगल कैनाल में जाकर स्थिति का जायजा लें। इसके बाद नगर निगम ने मुगल कैनाल के पार्कों में चूहों द्वारा बनाए गए बड़े-बड़े बिलों को बंद कराने का कार्य शुरू किया।
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मुगल कैनाल के पार्क अभी भी हैं बदहाल
मुगल कैनाल के बीचों बीच पार्क बनाए हुए हैं ताकि वहां लोग सुबह व दोपहर सैर कर सकें तथा शाम को बैठ सकें, लेकिन चूहों ने इन पार्कों को बदहाल कर दिया है। पार्क में गहरे और बड़े-बड़े बिल बना दिए थे, हालांकि नगर निगम ने चूहों के बिलों को बंद कराने का काम तो शुरू कर दिया लेकिन पार्क अभी भी बदहाल हैं। इन पार्कों में घास के साथ-साथ पौधे भी खत्म हो चुके हैं।
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चूहों ने मुगल कैनाल के पार्कों में जो बिल बनाए हुए थे उन्हें बंद कराया जा रहा है, यदि इसके बाद भी चूहों की समस्या दूर नहीं हुई तो फिर किसी कंपनी से समझौता कर इन चूहों को भगाया जाएगा, जल्द ही टेंडर कर पार्कों को सुंदर बनाया जाएगा।
-धीरज कुमार, डीएमसी, नगर निगम करनाल।