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स्कूल में छात्र खेल-खेल में सीखेंगे साइंस के सिद्घांत

Sun, 18 Jun 2017 10:43 PM IST
Updated Sun, 18 Jun 2017 10:43 PM IST
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स्कूल में छात्र खेल-खेल में सीखेंगे साइंस के सिद्घांत
स्कूल में छात्र खेल-खेल में सीखेंगे साइंस के सिद्घांत
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- साइंस प्रमोशन प्रोग्राम के लिए सभी ब्लॉक से 10 स्कूलों का किया जाएगा चयन
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। स्कूली बच्चों के लिए खेल-खेल में विज्ञान के सिद्धांतों को सीखना अब और भी आसान होगा। क्योंकि शिक्षा विभाग साइंस प्रमोशन प्रोग्राम के तहत इस वर्ष हर ब्लॉक से 10 स्कूलों का चयन किया है। जिसमें कक्षा छठीं से 10वीं तक के बच्चों को खेल-खेल में साइंस की गतिविधियों से रूबरू कराया जाएगा। विभाग पिछले चार साल से साइंस प्रमोशन प्रोग्राम चल रहा है। जिसके लिए पहले सभी जिलों से 50 स्कूलों का चयन किया गया था, लेकिन इसबार नियमों में बदलाव कर सभी ब्लॉक से 10 स्कूलों को लिया गया है। इस हिसाब से विभाग इस बार करनाल जिले के 60 स्कूलों में यह योजना चलाएगा। एससीआरटी के हरियाणा शिक्षा विभाग द्वारा साल 2014 से साइंस प्रमोशन प्रोग्राम हरियाणा के सभी जिलों में शुरू किया गया था। इसमें डाइट पिछले तीन वर्ष से सहयोग कर रहा है। इस प्रोग्राम का प्रमुख उद्देश्य साइंस को बढ़ावा देना है और छात्रों को सांइस के सभी सिद्घांतों को खेल-खेल में मौखिक व प्रयोगिक रूप से सिखाना है। कक्षा छठी से 10वीं कक्षा के स्टूडेंट्स को इस योजना के तहत सांइस का ज्ञान दिया जाएगा। छात्रों को हर माह एक सप्ताह खेल-खेल में वायु, गैस, ऊर्जा सहित उनके आसपास साइंस की गतिविधियों के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा छात्रों को महीने में एक दिन एससीईआरटी डाइट में प्रयोग कराया जाएगा। शिक्षा विभाग ने इस प्रोग्राम के तहत सालभर की योजना तैयार कर ली है। हालही में गुड़गांव में हुए सभी जिला शिक्षा अधिकारियों व जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दे दिया गया है।
छात्रों को लिखने और रटने से मिलेगी राहत
स्कूलों में साइंस जिस तरह से पढ़ाई जाती है, उससे छात्र दूर भागते थे, लेकिन इस योजना से छात्र सांइस के और पास आएंगे। अभी साइंस स्कूलों में लिखने और रटने का विषय बनकर रह गया है, लेकिन अब छात्रों को प्रायोगिक तौर पर विज्ञान का ज्ञान दिया जाएगा। इसके लिए टीचरों को भी ट्रेनिंग दी गई है, ताकि साइंस पढ़ाने वाले टीचर्स की सोच और टीचिंग मैथड साइंटिफिक हो सके। यदि साइंस टीचर इस विषय को पढ़ाने की बजाय सिखाना सीख जाएगा तो जाहिर तौर पर इसका सीधा- सीधा लाभ स्कूली बच्चों को मिलेगा। इसके साथ ही विभाग की तरफ से टीचर्स को साइंस किट भी उपलब्ध करायी जाएगी। जिससे वे क्लास के अंदर छात्रों को साइंटिफिक तरीकों से साइंस की जानकारी दे सकें।
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पिछले सप्ताह गुड़गांव में हुई बैठक में सभी को इस संबंध में जानकारी दी गई है। इसके लिए टीचरों को भी ट्रेनिंग दी जा रही है। स्कूल शुरू होते ही चयनित स्कूलों में छात्रों के लिए साइंस की स्पेशल क्लासेज शुरू हो जाएंगी। इससे छात्रों को विशेष लाभ मिलेगा।
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- सरोज बाला गुर, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।
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