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सीएम के आदेश पर हरकत में आया नगर निगम, पहले ही दिन छुड़वाया 20 एकड़ से कब्जा
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। नगर निगम की जमीनों से कब्जे छुड़वाने के सीएम के आदेश के अगले ही दिन नगर निगम का अमला हरकत में आ गया। डीटीपी मोहन सिंह पूरे अमले के साथ गांव उचाना स्थित 20 एकड़ जमीन से कब्जा छुड़वाने पहुंचे। इसके लिए बाकायदा करनाल के बीडीपीओ को ड्यूटी मजिस्ट्रेट लगाया गया और सदर थाना प्रभारी मनोज वर्मा के नेतृत्व में सुरक्षा बल तैनात रहा। निगम की ओर से सभी जमीन पर ट्रैक्टर चलाया कब्जा कार्रवाई की गई। निगम अधिकारियों ने दावा किया कि जल्द ही अन्य जमीनों को भी खाली कराया जाएगा।
वहीं, बताया जाता है कि निगम के पास कुल 2200 एकड़ जमीन है, इनमें से करीब 500 एकड़ पर लोगों ने अवैध कब्जा किया हुआ है।
बता दें कि सोमवार को सीएम के पास नगर निगम की जमीनों पर किए गए कब्जों का मामला पहुंचा था। सीएम मनोहर लाल ने इस मामले को इतनी गंभीरता से लिया कि उन्होंने खुद शहर में ऐसी चार बड़ी साइटों को देखा, जहां पर कब्जा किया हुआ है। इस पर सीएम ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस मामले में गंभीरता से कार्य करें और निगम की जमीनों को कब्जा मुक्त कराया जाए। इस पर सीएम के आदेश मिलते ही डीटीपी मोहन सिंह निगम के अमले के साथ जीटी रोड स्थित मयूर ढाबे के साथ लगती जमीन पर पहुंचे। यहां पर पिछले छह साल किसान जमीन पर खेती कर रहे थे और निगम को इसके बदले कोई राजस्व नहीं दे रहे थे। इस दौरान भारी पुलिस भी मौजूद रहा। निगम की ओर से पांच ट्रैक्टरों से खड़ी गेहूं की फसल में ऐरो चलाकर कब्जा लिया गया। इस दौरान खेती करने वाले किसानों प्रशासन से मिन्नतें भी की, लेकिन दोपहर तक निगम के अधिकारियों ने जमीन की तारबंदी भी की। इसके साथ ही जमीन के अंदर में बने एक कमरे को भी सील कर दिया गया है। इस दौरान निगम के सचिव बल सिंह ने बताया कि यह मामला जिला अदालत में था, पिछले दिनों नगर निगम यह केस जीत गई है।
गांव उचाना में और भी हैं अवैध कब्जे
निगम के अधिकारी बताते हैं कि निगम की ओर से गांव उचाना में 40 एकड़ जमीन ठेके पर दी जाती है। शेष जमीन पर आज भी लोगों ने कब्जे जमाए हुए हैं। उनके भी दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं। इसके अलावा, कुछ के मामले में अदालत में चल रहे हैं। इन मामलों में निगम की ओर से अब मजबूती से केस लड़े जाएंगे। साथ ही जो लोग अवैध रूप से जमीन पर कब्जा किए हुए हैं, उनके खिलाफ एक्शन भी लिया जाएगा।
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अभियान की हो गई है शुरुआत : डीटीपी
इस बारे में निगम के डीटीपी मोहन सिंह ने कहा कि निगम की काफी जमीन पर लोगों ने अवैध कब्जे जमा रखे हैं। सीएम के आदेश हैं कि जमीनों को कब्जा मुक्त करना है। जल्द ही निगम की सारी जमीन को कब्जा मुक्त कर लिया जाएगा। आज से इस अभियान की शुरूआत हो गई है। लगातार जमीनें खाली कराई जानी हैं। पिछले छह साल का रिकवरी नोटिस भी किसानों को दिया जाएगा, ताकि निगम के खजाने में पैसे जमा हो सकें।
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करनाल। नगर निगम की जमीनों से कब्जे छुड़वाने के सीएम के आदेश के अगले ही दिन नगर निगम का अमला हरकत में आ गया। डीटीपी मोहन सिंह पूरे अमले के साथ गांव उचाना स्थित 20 एकड़ जमीन से कब्जा छुड़वाने पहुंचे। इसके लिए बाकायदा करनाल के बीडीपीओ को ड्यूटी मजिस्ट्रेट लगाया गया और सदर थाना प्रभारी मनोज वर्मा के नेतृत्व में सुरक्षा बल तैनात रहा। निगम की ओर से सभी जमीन पर ट्रैक्टर चलाया कब्जा कार्रवाई की गई। निगम अधिकारियों ने दावा किया कि जल्द ही अन्य जमीनों को भी खाली कराया जाएगा।
वहीं, बताया जाता है कि निगम के पास कुल 2200 एकड़ जमीन है, इनमें से करीब 500 एकड़ पर लोगों ने अवैध कब्जा किया हुआ है।
बता दें कि सोमवार को सीएम के पास नगर निगम की जमीनों पर किए गए कब्जों का मामला पहुंचा था। सीएम मनोहर लाल ने इस मामले को इतनी गंभीरता से लिया कि उन्होंने खुद शहर में ऐसी चार बड़ी साइटों को देखा, जहां पर कब्जा किया हुआ है। इस पर सीएम ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस मामले में गंभीरता से कार्य करें और निगम की जमीनों को कब्जा मुक्त कराया जाए। इस पर सीएम के आदेश मिलते ही डीटीपी मोहन सिंह निगम के अमले के साथ जीटी रोड स्थित मयूर ढाबे के साथ लगती जमीन पर पहुंचे। यहां पर पिछले छह साल किसान जमीन पर खेती कर रहे थे और निगम को इसके बदले कोई राजस्व नहीं दे रहे थे। इस दौरान भारी पुलिस भी मौजूद रहा। निगम की ओर से पांच ट्रैक्टरों से खड़ी गेहूं की फसल में ऐरो चलाकर कब्जा लिया गया। इस दौरान खेती करने वाले किसानों प्रशासन से मिन्नतें भी की, लेकिन दोपहर तक निगम के अधिकारियों ने जमीन की तारबंदी भी की। इसके साथ ही जमीन के अंदर में बने एक कमरे को भी सील कर दिया गया है। इस दौरान निगम के सचिव बल सिंह ने बताया कि यह मामला जिला अदालत में था, पिछले दिनों नगर निगम यह केस जीत गई है।
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गांव उचाना में और भी हैं अवैध कब्जे
निगम के अधिकारी बताते हैं कि निगम की ओर से गांव उचाना में 40 एकड़ जमीन ठेके पर दी जाती है। शेष जमीन पर आज भी लोगों ने कब्जे जमाए हुए हैं। उनके भी दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं। इसके अलावा, कुछ के मामले में अदालत में चल रहे हैं। इन मामलों में निगम की ओर से अब मजबूती से केस लड़े जाएंगे। साथ ही जो लोग अवैध रूप से जमीन पर कब्जा किए हुए हैं, उनके खिलाफ एक्शन भी लिया जाएगा।
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अभियान की हो गई है शुरुआत : डीटीपी
इस बारे में निगम के डीटीपी मोहन सिंह ने कहा कि निगम की काफी जमीन पर लोगों ने अवैध कब्जे जमा रखे हैं। सीएम के आदेश हैं कि जमीनों को कब्जा मुक्त करना है। जल्द ही निगम की सारी जमीन को कब्जा मुक्त कर लिया जाएगा। आज से इस अभियान की शुरूआत हो गई है। लगातार जमीनें खाली कराई जानी हैं। पिछले छह साल का रिकवरी नोटिस भी किसानों को दिया जाएगा, ताकि निगम के खजाने में पैसे जमा हो सकें।