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मोबाइल टावर लगाने के नाम पर एक लाख की धोखाधड़ी
Updated Sat, 22 Jul 2017 11:43 PM IST
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मोबाइल टावर लगाने के नाम पर एक लाख की धोखाधड़ी
अमर उजाला ब्यूरो
तरावड़ी। तरावड़ी क्षेत्र में मोबाइल टॉवर लगाने के नाम पर करीब एक लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता से चार किश्तों में एक लाख रुपए की राशि अकाउंट में जमा करवा ली गई, लेकिन अब टावर नहीं लगाया जा रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पुलिस को दी शिकायत में शिकायतकर्ता राजकुमार निवासी गांव गांगर ने बताया कि उसने एक कंपनी से गांव में पड़ी उसकी जमीन पर टावर लगाने की बात की थी। इस पर निजी कंपनी के संचालकों द्वारा फोन पर पैसों की डिमांड की गई। कंपनी की तरफ से मुझसे 4 किश्तों में करीब एक लाख रुपए की राशि जमा करवा ली गई, लेकिन अब कंपनी संचालकों का नंबर ही नहीं मिल रहा। उसने बताया कि सबसे पहले उसने निजी कंपनी द्वारा दिए गए अकाउंट नंबर में 3 हजार रुपए की राशि डलवाई। इसके बाद कंपनी की तरफ से कुछ दस्तावेज उसके घर पर पहुंचे। कंपनी द्वारा पैसे की डिमांड करने के बाद दस्तावेजों पर विश्वास जताते हुए उसने फिर दोबारा 25 हजार रुपए की राशि अकाउंड में डलवा दी, लेकिन इसके बाद भी उसकी जगह पर टावर नहीं लगवाया गया। जब टॉवर नहीं लगने पर कंपनी संचालकों से फोन किया गया तो उन्होंने कहा कि पहले पूरे एक लाख रुपए की राशि जमा करवानी होगी। इसके बाद उसे 30 हजार रुपए प्रति माह के हिसाब से किराया दिया जाएगा। इसके बाद शिकायतकर्ता ने बचे हुए पैसे भी जमा करवाकर एक लाख रुपए पूरे कर दिए, लेकिन बाद में कंपनी द्वारा दिया गया नंबर ही बंद हो गया। इस बारे में जब तरावड़ी थाना प्रभारी जनकराज ने बताया कि मामले की जांच की जाएगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
तरावड़ी। तरावड़ी क्षेत्र में मोबाइल टॉवर लगाने के नाम पर करीब एक लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता से चार किश्तों में एक लाख रुपए की राशि अकाउंट में जमा करवा ली गई, लेकिन अब टावर नहीं लगाया जा रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पुलिस को दी शिकायत में शिकायतकर्ता राजकुमार निवासी गांव गांगर ने बताया कि उसने एक कंपनी से गांव में पड़ी उसकी जमीन पर टावर लगाने की बात की थी। इस पर निजी कंपनी के संचालकों द्वारा फोन पर पैसों की डिमांड की गई। कंपनी की तरफ से मुझसे 4 किश्तों में करीब एक लाख रुपए की राशि जमा करवा ली गई, लेकिन अब कंपनी संचालकों का नंबर ही नहीं मिल रहा। उसने बताया कि सबसे पहले उसने निजी कंपनी द्वारा दिए गए अकाउंट नंबर में 3 हजार रुपए की राशि डलवाई। इसके बाद कंपनी की तरफ से कुछ दस्तावेज उसके घर पर पहुंचे। कंपनी द्वारा पैसे की डिमांड करने के बाद दस्तावेजों पर विश्वास जताते हुए उसने फिर दोबारा 25 हजार रुपए की राशि अकाउंड में डलवा दी, लेकिन इसके बाद भी उसकी जगह पर टावर नहीं लगवाया गया। जब टॉवर नहीं लगने पर कंपनी संचालकों से फोन किया गया तो उन्होंने कहा कि पहले पूरे एक लाख रुपए की राशि जमा करवानी होगी। इसके बाद उसे 30 हजार रुपए प्रति माह के हिसाब से किराया दिया जाएगा। इसके बाद शिकायतकर्ता ने बचे हुए पैसे भी जमा करवाकर एक लाख रुपए पूरे कर दिए, लेकिन बाद में कंपनी द्वारा दिया गया नंबर ही बंद हो गया। इस बारे में जब तरावड़ी थाना प्रभारी जनकराज ने बताया कि मामले की जांच की जाएगी।
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