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फालोअप : दो साल से फाइलों में घूम रहा था खिलाड़ियों के प्रताड़ना का मामला

Thu, 20 Jul 2017 10:54 PM IST
Updated Thu, 20 Jul 2017 10:54 PM IST
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फालोअप : दो साल से फाइलों में घूम रहा था खिलाड़ियों के प्रताड़ना का मामला
दो साल से फाइलों में घूम रहा था खिलाड़ियों के प्रताड़ना का मामला
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अमर उजाला ब्यूरो
घरौंडा (करनाल)। मधुबन कॉम्पलेक्स में महिला पुलिस खिलाड़ियों के साथ शारीरिक प्रताड़ना का मामला धूम रहा था। महिला खिलाड़ियों ने प्रताड़ना की शिकायत दी तो पहले जहां पर आईजी सुमन मंजरी की कमेटी ने इस मामले की जांच की, वहीं बाद में राजेंद्र सिंह का विभागीय जांच भी खोली गई थी। दो साल के बाद कुछ दिन पहले ही राजेंद्र सिंह को नौकरी पर बहाल किया गया था, लेकिन वह मामले को लेकर हुई बदनामी को लेकर परेशान रहता था। गौरतलब है कि एएसआई राजेंद्र सिंह मधुबन काम्पलेक्स में फर्स्ट बटालियन 5/183 में सीएसओ हेड क्लर्क के पद पर तैनात था। बुधवार की सुबह राजेंद्र सिंह की पत्नी अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने के बाद बाजार चल गई थी। जब वह घर वापस लौटी तो उसने देखा कि उसका पति राजेंद्र क्वार्टर के पिछले बरामदे में छत के कुंडे में फंदे पर लटका हुआ मिला। उसकी जेब से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ। इसमें मृतक ने अपनी मौत का जिम्मेवार सीएसओ की छह पुलिसकर्मियों को बताया है। पुलिस ने मृतक की पत्नी मीना की शिकायत पर सीएसओ की छह महिला पुलिसकर्मियों पर झूठे आरोप लगाने व इन आरोपों की वजह से मानसिक रूप से परेशानी के कारण आत्महत्या के लिए मजबूर करने पर मामला दर्ज किया है। बता दें कि ये सभी आरोपी खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी हैं। इनमें अनीता थ्रो बाल, रचना व मीना बाक्सिंग, मोनिका वुशु व ज्योति व चेतना बास्केटबाल की खिलाड़ी हैं। इस बारे में मधुबन थाना प्रभारी बलबीर सिंह का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है, जांच पूरी होने के बाद ही कुछ बताया जा सकता है।

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13 अगस्त, 2015 से जुड़ा है मामला
एएसआई के सुसाइड का मामला वर्ष 2015 से जुड़ा माना जा रहा है। मामले के अनुसार, 13 अगस्त, 2015 को थ्रो वाल की राष्ट्रीय खिलाड़ी अनीता ने जहरीला पदार्थ निगल लिया था, जिसे बाद में अर्पणा अस्पताल में दाखिल कराया गया था। बाद में उसे बचा लिया गया था। अनीता ने तत्कालीन आईपीएस अधिकारी, रीडर व उसके क्लर्क पर प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। राजेंद्र सिंह उस समय के आईपीएस अधिकारी के हैड क्लर्क थे। इस घटनाक्रम से पूरे मधुबन कांपलेक्स में हड़कंप मच गया था। अनीता के आरोपों के पक्ष में पांच अन्य महिला खिलाड़ियों ने भी इनका समर्थन किया था। उस समय अनीता ने आरोप लगाया था कि वह थ्रो बाल की राष्ट्रीय चैम्पियन है और कई प्रतियोगिताओं में गोल्ड व सिल्वर मेडल जीत चुकी है, पुलिस की स्टार खिलाड़ी अनीता ने आरोप लगाया की स्पोर्ट्स में बेहतरीन रिजल्ट देने के बावजूद उसका कैरियर बर्बाद करने की कोशिश की जा रही है। महकमे के कुछ अधिकारी व कर्मचारी मनमाने तरीके से महिला खिलाड़ियों का शोषण करते हैं और जो महिला खिलाड़ी उनकी मनमर्जी के मुताबिक़ नहीं चलती उसको बैक यूनिट करके प्रताड़ित किया जाता है। अनीता ने आरोप लगाया था कि एसपी, हैड क्लर्क व उसके रीडर ने फोन पर गंदी गालियां देते हैं और शारीरिक व मानसिक शोषण करते हैं। इस बारे में आईजी सुमन मंजरी का कहना है कि खिलाड़ियों की शिकायत के आधार पर जांच की थी, रिपोर्ट आला अधिकारियों को सौंप दी गई थी। रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता है। ------सोम
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