{"_id":"5ba7e3eb867a557ffa24678c","slug":"11537729515-karnal-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"10 युद्ध वीरागंनाओं को प्रशासन ने किया सम्मानित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
10 युद्ध वीरागंनाओं को प्रशासन ने किया सम्मानित
Updated Mon, 24 Sep 2018 12:35 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। हरियाणा वीर एवं शहीदी दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन की ओर से तहसीलदार रामगोपाल ने स्थानीय शहीदी स्मारक पहुंचकर मातृभूमि की रक्षा के लिए प्राण न्योछावर करने वाले शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित करके नमन किया। इसके बाद जिला सैनिक बोर्ड कार्यालय परिसर में आयोजित समारोह में तहसीलदार ने 10 युद्ध विरांगनाओं को प्रेशर कुकर और नकद राशि देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में ब्रिगेडियर एनके भंडारी, वीरचक्र विजेता डीएस राजपूत, कर्नल पीकेे यादव सहित भूतपूर्व सैनिक व उनके आश्रित उपस्थित रहे। इस अवसर पर ब्रिगेडियर एनके भंडारी ने कहा कि शहीदों की गौरव गाथा सदैव अपनी समृद्ध विरासत की याद दिलाएंगी। उन्होंने कहा कि 23 सितंबर आज के दिन 1857 में प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महानायक अमर शहीद राव तुलाराम की शहादत पर हरियाणा वीर एवं शहीदी दिवस के रूप में मनाया जाता है। राव तुलाराम का जन्म 9 दिसंबर 1825 को रामपुरा जिला रेवाड़ी में राव पूर्ण सिंह के घर हुआ था। प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के दौरान राव तुलाराम ने अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध मोर्चा संभालते हुए संघर्ष किया और आजादी की आवाज को बुलंद करने की महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में राव तुलाराम के संघर्ष को कभी नहीं भुलाया जा सकता। वीरचक्र विजेता कर्नल डीएस राजपूत ने कहा कि हरियाणा में शहादत व शौर्य की गरिमामयी परंपरा रही है। आजादी से पहले और आजादी के बाद भी यहां के रणबांकुरों ने देश की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व अर्पित कर दिया। देश के उन शूरवीरों को कभी नहीं भुलाया जा सकता, जिन्होंने अपनी शहादत देकर देश की माटी का कर्ज अदा किया। ऐसे वीरों को सम्मान देते हुए उनके दिखाए मार्ग पर चलकर देश को तरक्की के रास्ते पर ले जाने का संकल्प हम सभी को लेना चाहिए।
विज्ञापन
करनाल। हरियाणा वीर एवं शहीदी दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन की ओर से तहसीलदार रामगोपाल ने स्थानीय शहीदी स्मारक पहुंचकर मातृभूमि की रक्षा के लिए प्राण न्योछावर करने वाले शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित करके नमन किया। इसके बाद जिला सैनिक बोर्ड कार्यालय परिसर में आयोजित समारोह में तहसीलदार ने 10 युद्ध विरांगनाओं को प्रेशर कुकर और नकद राशि देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में ब्रिगेडियर एनके भंडारी, वीरचक्र विजेता डीएस राजपूत, कर्नल पीकेे यादव सहित भूतपूर्व सैनिक व उनके आश्रित उपस्थित रहे। इस अवसर पर ब्रिगेडियर एनके भंडारी ने कहा कि शहीदों की गौरव गाथा सदैव अपनी समृद्ध विरासत की याद दिलाएंगी। उन्होंने कहा कि 23 सितंबर आज के दिन 1857 में प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महानायक अमर शहीद राव तुलाराम की शहादत पर हरियाणा वीर एवं शहीदी दिवस के रूप में मनाया जाता है। राव तुलाराम का जन्म 9 दिसंबर 1825 को रामपुरा जिला रेवाड़ी में राव पूर्ण सिंह के घर हुआ था। प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के दौरान राव तुलाराम ने अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध मोर्चा संभालते हुए संघर्ष किया और आजादी की आवाज को बुलंद करने की महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में राव तुलाराम के संघर्ष को कभी नहीं भुलाया जा सकता। वीरचक्र विजेता कर्नल डीएस राजपूत ने कहा कि हरियाणा में शहादत व शौर्य की गरिमामयी परंपरा रही है। आजादी से पहले और आजादी के बाद भी यहां के रणबांकुरों ने देश की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व अर्पित कर दिया। देश के उन शूरवीरों को कभी नहीं भुलाया जा सकता, जिन्होंने अपनी शहादत देकर देश की माटी का कर्ज अदा किया। ऐसे वीरों को सम्मान देते हुए उनके दिखाए मार्ग पर चलकर देश को तरक्की के रास्ते पर ले जाने का संकल्प हम सभी को लेना चाहिए।