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नियमों के खिलाफ बना दिये हैड एग्जामिनर, सीबीएसई चेयरपर्सन को भेजी शिकायत
Updated Sat, 28 Apr 2018 12:40 AM IST
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नियमों के खिलाफ बना दिए हैड एग्जामिनर, सीबीएसई चेयरपर्सन को भेजी शिकायत
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। नियमों के खिलाफ जाकर सीबीएसई ने ऐसे अध्यापकों को हैड एग्जामिनर बना दिया, जो इन पदों के लिए योग्यता नहीं रखते। इतना ही नहीं इस मामले की दूसरे अध्यापकों द्वारा सीबीएसई के पदाधिकारियों को शिकायत भी की गई, लेकिन इनके खिलाफ न तो कोई एक्शन लिया गया और न ही उनको बदला गया। सीबीएसई के चेयरपर्सन को भेजी गई शिकायत में अध्यापकों ने बताया कि एसडी आदर्श पब्लिक स्कूल, कुंजपुरा रोड में हर साल सीबीसीएसई के 10वीं और 12वीं कक्षा के पेपरों की चेकिंग के लिए सेंटर बनाया जाता है। इसके लिए सीबीएसई की ओर से हर विषय से संबंधित अध्यापक को हैड एग्जामिनर बनाया जाता है। शिकायत में बताया गया है कि एसडी आदर्श स्कूल के अध्यापक उमेश शर्मा को दसवीं कक्षा के मैथ विषय का हैड एग्जामिनर बनाया गया है। नियमों के तहत वो अध्यापक हैड एग्जामिनर नहीं बन सकता, जिसके बच्चे उसी कक्षा की बोर्ड की परीक्षा दे रहे हैं। शिकायत के अनुसार, उमेश शर्मा के बेटे ने इस बार दसवीं बोर्ड की परीक्षा दी है। इसके साथ ही दूसरी अध्यापिका नवनीत नागपाल हैं। इन पर आरोप है कि इनको भी नियमों के खिलाफ जाकर हैड एग्जामिनर बनाया गया है। नियमों के तहत हैड एग्जामिनर बनने के लिए कम से कम मास्टर डिग्री चाहिए होती है। शिकायत के अनुसार आरोप लगाया गया है कि नवनीत नागपाल केवल बीएससी बीएड हैं। स्कूल के ही अध्यापकों ने इस पूरे मामले की शिकायत सीबीएसई के चेयरमैन अनिता व एग्जाम कोर्डिनेटर डॉ. अनुराग त्रिपाठी को भेज कर कार्रवाई की मांग की है। अध्यापकों का कहना है कि इससे पहले भी वे इस मामले की शिकायत करनाल में सीबीएसई के पदाधिकारियों को इसकी शिकायत कर चुके हैं, पर इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस बारे में करनाल में सीबीएसई के एग्जाम कोर्डिनेटर डॉ .राजन लांबा ने कहा कि वे अभी व्यस्त हैं, मामले को देखने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। नियमों के खिलाफ जाकर सीबीएसई ने ऐसे अध्यापकों को हैड एग्जामिनर बना दिया, जो इन पदों के लिए योग्यता नहीं रखते। इतना ही नहीं इस मामले की दूसरे अध्यापकों द्वारा सीबीएसई के पदाधिकारियों को शिकायत भी की गई, लेकिन इनके खिलाफ न तो कोई एक्शन लिया गया और न ही उनको बदला गया। सीबीएसई के चेयरपर्सन को भेजी गई शिकायत में अध्यापकों ने बताया कि एसडी आदर्श पब्लिक स्कूल, कुंजपुरा रोड में हर साल सीबीसीएसई के 10वीं और 12वीं कक्षा के पेपरों की चेकिंग के लिए सेंटर बनाया जाता है। इसके लिए सीबीएसई की ओर से हर विषय से संबंधित अध्यापक को हैड एग्जामिनर बनाया जाता है। शिकायत में बताया गया है कि एसडी आदर्श स्कूल के अध्यापक उमेश शर्मा को दसवीं कक्षा के मैथ विषय का हैड एग्जामिनर बनाया गया है। नियमों के तहत वो अध्यापक हैड एग्जामिनर नहीं बन सकता, जिसके बच्चे उसी कक्षा की बोर्ड की परीक्षा दे रहे हैं। शिकायत के अनुसार, उमेश शर्मा के बेटे ने इस बार दसवीं बोर्ड की परीक्षा दी है। इसके साथ ही दूसरी अध्यापिका नवनीत नागपाल हैं। इन पर आरोप है कि इनको भी नियमों के खिलाफ जाकर हैड एग्जामिनर बनाया गया है। नियमों के तहत हैड एग्जामिनर बनने के लिए कम से कम मास्टर डिग्री चाहिए होती है। शिकायत के अनुसार आरोप लगाया गया है कि नवनीत नागपाल केवल बीएससी बीएड हैं। स्कूल के ही अध्यापकों ने इस पूरे मामले की शिकायत सीबीएसई के चेयरमैन अनिता व एग्जाम कोर्डिनेटर डॉ. अनुराग त्रिपाठी को भेज कर कार्रवाई की मांग की है। अध्यापकों का कहना है कि इससे पहले भी वे इस मामले की शिकायत करनाल में सीबीएसई के पदाधिकारियों को इसकी शिकायत कर चुके हैं, पर इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस बारे में करनाल में सीबीएसई के एग्जाम कोर्डिनेटर डॉ .राजन लांबा ने कहा कि वे अभी व्यस्त हैं, मामले को देखने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।