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ओडीएफ प्लस के बाद करनाल ओडीएफ प्लस-प्लस घोषित
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। स्वच्छता के क्षेत्र में करनाल ने नई उपलब्धि हासिल की। ओडीएफ प्लस का प्रमाण पत्र मिलने के बाद अब करनाल शहर ओडीएफ प्लस-प्लस घोषित कर दिया गया है। 27 और 28 जनवरी को भारत सरकार के शहरी मंत्रालय की क्वालिटी कंट्रोल ऑफ इंडिया (क्यूसीआई) की टीम के दो दिवसीय करनाल दौरे के बाद सोमवार को इसकी अधिकारिक घोषणा की। मेयर रेणू बाला गुप्ता और निगम आयुक्त राजीव मेहता ने इसका श्रेय 20 वार्डों की जनता को दिया। मेयर ने कहा कि जनता की जागरूकता से यह संभव हो सका। लोग अब स्वच्छता का महत्व समझ गए हैं। नगर निगम ने भी दिन-रात शहर की स्वच्छता के लिए काम किया है।
क्यूसीआई टीम ने दो दिन के दौरे के बाद की घोषणा
राजीव मेहता ने बताया कि करनाल शहर के 20 वार्डों में बनाए गए शौचालयों का भारत सरकार की टीम ने निरीक्षण किया। निगम के तीन ट्रीटमेंट प्लांट का भी दौरा किया। यह टीम 16 सामुदायिक और सार्वजनिक शौचालयों में पहुंची। सेक्टर-9 नरसी विलेज, टिंबर मार्केट, कर्ण पार्क, विवेकानंद पार्क, कर्ण लेक व ओल्ड जीटी रोड व बलड़ी बाईपास के शौचालय एक्सीलेंट पाए गए। सेक्टर-12 स्लम एरिया का एक शौचालय अत्यधिक साफ मिला, जबकि गांधी नगर, राम नगर, बुढ़ा खेड़ा, पुलिस चैक पोस्ट, विवान, लहसुन मार्केट स्थित सुलभ शौचालय और कंबोपुरा के शौचालय को बेस्ट टॉयलेट करार दिया गया। इसके आधार पर क्यूसीआई टीम ने नगर निगम को ओडीएफ प्लस-प्लस का प्रमाण पत्र जारी किया है।
स्वच्छ सर्वेक्षण में 250 अंक का फायदा
ओडीएफ प्लस-प्लस की श्रेणी में आने से करनाल को स्वच्छ सर्वेक्षण 2019 में फायदा होगा। इस सर्वेक्षण में डॉक्युमेंटेशन के 1250 अंक हैं। ओडीएफ प्लस-प्लस की श्रेणी में आने से करनाल के 250 अंक पक्के हो गए हैं। यानी अब एक हजार अंक स्टार रेटिंग के बचे हैं। निगम अधिकारियों को उम्मीद है इससे स्वच्छ सर्वेक्षण 2019 करनाल की रैंकिंग में सुधार होगा। बता दें कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2017 में करनाल ने देश में 65वां स्थान हासिल किया था, जबकि उत्तर भारत में करनाल प्रथम था। स्वच्छ सर्वेक्षण 2018 में करनाल ने 41वां स्थान हासिल करने में कामयाब रहा था।
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स्वच्छता में सहयोग करे जनता : राजीव मेहता
निगम आयुक्त राजीव मेहता ने लोगों से अपील की है कि उनके सहयोग व निगम के प्रयासों से करनाल स्वच्छता में उपलब्धियां हासिल कर रहा है। शहर के इस स्टेटस को बनाए रखना निगम के साथ-साथ नागरिकों की भी जिम्मेदारी है। कोई भी व्यक्ति खुले में कूड़ा-कचरा न फेंके। शहर में निगम के जितने भी शौचालय हैं उनके प्रयोग के समय स्वच्छता का पूरा ध्यान रखें। ताकि वह स्वच्छ और इस्तेमाल के लायक बने रहें।
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करनाल। स्वच्छता के क्षेत्र में करनाल ने नई उपलब्धि हासिल की। ओडीएफ प्लस का प्रमाण पत्र मिलने के बाद अब करनाल शहर ओडीएफ प्लस-प्लस घोषित कर दिया गया है। 27 और 28 जनवरी को भारत सरकार के शहरी मंत्रालय की क्वालिटी कंट्रोल ऑफ इंडिया (क्यूसीआई) की टीम के दो दिवसीय करनाल दौरे के बाद सोमवार को इसकी अधिकारिक घोषणा की। मेयर रेणू बाला गुप्ता और निगम आयुक्त राजीव मेहता ने इसका श्रेय 20 वार्डों की जनता को दिया। मेयर ने कहा कि जनता की जागरूकता से यह संभव हो सका। लोग अब स्वच्छता का महत्व समझ गए हैं। नगर निगम ने भी दिन-रात शहर की स्वच्छता के लिए काम किया है।
क्यूसीआई टीम ने दो दिन के दौरे के बाद की घोषणा
राजीव मेहता ने बताया कि करनाल शहर के 20 वार्डों में बनाए गए शौचालयों का भारत सरकार की टीम ने निरीक्षण किया। निगम के तीन ट्रीटमेंट प्लांट का भी दौरा किया। यह टीम 16 सामुदायिक और सार्वजनिक शौचालयों में पहुंची। सेक्टर-9 नरसी विलेज, टिंबर मार्केट, कर्ण पार्क, विवेकानंद पार्क, कर्ण लेक व ओल्ड जीटी रोड व बलड़ी बाईपास के शौचालय एक्सीलेंट पाए गए। सेक्टर-12 स्लम एरिया का एक शौचालय अत्यधिक साफ मिला, जबकि गांधी नगर, राम नगर, बुढ़ा खेड़ा, पुलिस चैक पोस्ट, विवान, लहसुन मार्केट स्थित सुलभ शौचालय और कंबोपुरा के शौचालय को बेस्ट टॉयलेट करार दिया गया। इसके आधार पर क्यूसीआई टीम ने नगर निगम को ओडीएफ प्लस-प्लस का प्रमाण पत्र जारी किया है।
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स्वच्छ सर्वेक्षण में 250 अंक का फायदा
ओडीएफ प्लस-प्लस की श्रेणी में आने से करनाल को स्वच्छ सर्वेक्षण 2019 में फायदा होगा। इस सर्वेक्षण में डॉक्युमेंटेशन के 1250 अंक हैं। ओडीएफ प्लस-प्लस की श्रेणी में आने से करनाल के 250 अंक पक्के हो गए हैं। यानी अब एक हजार अंक स्टार रेटिंग के बचे हैं। निगम अधिकारियों को उम्मीद है इससे स्वच्छ सर्वेक्षण 2019 करनाल की रैंकिंग में सुधार होगा। बता दें कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2017 में करनाल ने देश में 65वां स्थान हासिल किया था, जबकि उत्तर भारत में करनाल प्रथम था। स्वच्छ सर्वेक्षण 2018 में करनाल ने 41वां स्थान हासिल करने में कामयाब रहा था।
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स्वच्छता में सहयोग करे जनता : राजीव मेहता
निगम आयुक्त राजीव मेहता ने लोगों से अपील की है कि उनके सहयोग व निगम के प्रयासों से करनाल स्वच्छता में उपलब्धियां हासिल कर रहा है। शहर के इस स्टेटस को बनाए रखना निगम के साथ-साथ नागरिकों की भी जिम्मेदारी है। कोई भी व्यक्ति खुले में कूड़ा-कचरा न फेंके। शहर में निगम के जितने भी शौचालय हैं उनके प्रयोग के समय स्वच्छता का पूरा ध्यान रखें। ताकि वह स्वच्छ और इस्तेमाल के लायक बने रहें।