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5100 प्रेरकों की रोजगार बहाली के लिए प्रेरकों ने किया प्रदर्शन
Updated Sat, 06 Jan 2018 12:37 AM IST
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रोजगार बहाली की मांग पर 5100 शिक्षा प्रेरकों ने किया प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूूरो
करनाल।
नौकरी बहाली की मांग को लेकर राज्यभर के 5100 शिक्षा प्रेरकों ने सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। शुक्रवार को सभी प्रेरक फव्वारा पार्क में इकट्ठा हुए। इस दौरान प्रधान सुनील कुमार ने कहा कि पांच साल काम करवाने के बाद सरकार ने पांच जून 2017 को इन प्रेरकों को सेवामुक्त कर दिया था। प्रेरकों का कहना है कि उन्होंने कई सालों तक कठिन परिश्रम करके हरियाणा में निरक्षर लोगों को साक्षर करने का काम किया, लेकिन सरकार ने एक झटके में उन्हें सड़क पर लाकर खड़ा कर दिया। इसके बाद शिक्षा प्रेरकों ने फव्वारा पार्क से प्रदर्शन करते हुए सीएम कैंप हाउस की ओर कूच किया। जहां पुलिस ने बैरिकेट लगाकर रोक लिया। इस दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा। प्रधान सुनील कुमार ने कहा कि शिक्षा सदन के अधिकारियों ने मनमानी करते हुए 5100 शिक्षा प्रेरकों को सेवा से मुक्त कर दिया। प्रेरकों को हटाने के पीछे बजट की कमी का हवाला दिया गया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा इस स्कीम को अब प्रेरकों की बजाय किसी एनजीओ के माध्यम से चलाए जाने का प्रयास किया जा रहा है, जोकि सरासर गलत है और प्रेरकों के साथ अन्याय है। शिक्षा प्रेरकों ने मांग की कि सरकार 5100 शिक्षा प्रेरकों को बहाल करके उन्हें रोजगार प्रदान करें। प्रेरकों ने रोष जताने के बाद नायब तहसीलदार राजबक्श को ज्ञापन सौंपा और लौट गए। इस दौरान रामपाल, पवन लालैन, जोगिंद्र कुमार, सोना देवी, सुशील गोलन, सुनीता देवी, प्रेमपाल, संजीव, गुरदेव सिंह, अमर सिंह, सुनीता देवी, दलबीर सिंह, राज रानी, हरविंद्र कौर, कविता देवी और सुखचैन ने भी प्रेरकों को संबोधित किया।
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अमर उजाला ब्यूूरो
करनाल।
नौकरी बहाली की मांग को लेकर राज्यभर के 5100 शिक्षा प्रेरकों ने सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। शुक्रवार को सभी प्रेरक फव्वारा पार्क में इकट्ठा हुए। इस दौरान प्रधान सुनील कुमार ने कहा कि पांच साल काम करवाने के बाद सरकार ने पांच जून 2017 को इन प्रेरकों को सेवामुक्त कर दिया था। प्रेरकों का कहना है कि उन्होंने कई सालों तक कठिन परिश्रम करके हरियाणा में निरक्षर लोगों को साक्षर करने का काम किया, लेकिन सरकार ने एक झटके में उन्हें सड़क पर लाकर खड़ा कर दिया। इसके बाद शिक्षा प्रेरकों ने फव्वारा पार्क से प्रदर्शन करते हुए सीएम कैंप हाउस की ओर कूच किया। जहां पुलिस ने बैरिकेट लगाकर रोक लिया। इस दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा। प्रधान सुनील कुमार ने कहा कि शिक्षा सदन के अधिकारियों ने मनमानी करते हुए 5100 शिक्षा प्रेरकों को सेवा से मुक्त कर दिया। प्रेरकों को हटाने के पीछे बजट की कमी का हवाला दिया गया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा इस स्कीम को अब प्रेरकों की बजाय किसी एनजीओ के माध्यम से चलाए जाने का प्रयास किया जा रहा है, जोकि सरासर गलत है और प्रेरकों के साथ अन्याय है। शिक्षा प्रेरकों ने मांग की कि सरकार 5100 शिक्षा प्रेरकों को बहाल करके उन्हें रोजगार प्रदान करें। प्रेरकों ने रोष जताने के बाद नायब तहसीलदार राजबक्श को ज्ञापन सौंपा और लौट गए। इस दौरान रामपाल, पवन लालैन, जोगिंद्र कुमार, सोना देवी, सुशील गोलन, सुनीता देवी, प्रेमपाल, संजीव, गुरदेव सिंह, अमर सिंह, सुनीता देवी, दलबीर सिंह, राज रानी, हरविंद्र कौर, कविता देवी और सुखचैन ने भी प्रेरकों को संबोधित किया।