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कंबोपुरा सरपंच हत्याकांडः जिलेराम और जैन के खिलाफ आरोप तय
अमर उजाला, पंचकूला
Updated Sun, 05 Jan 2014 10:36 AM IST
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करनाल के कंबोपुरा के सरपंच की मौत के मामले के तीनों आरोपियों पर शनिवार को सीबीआई की विशेष अदालत में आरोप तय कर दिए गए।
अदालत ने तीनों के खिलाफ सरपंच को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप तय किया है। इस मामले में अगली सुनवाई सात फरवरी को होगी।
करीब दो साल पहले करनाल के गांव कंबोपुरा में सरपंच करम सिंह की मौत के मामले में हरियाणा के पूर्व मंत्री ओपी जैन, पूर्व मुख्य संसदीय सचिव जिले राम शर्मा और जैन के निजी सहायक राजिंदर शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया था।
करम सिंह ने परिजनों का आरोप है कि करम सिंह ने अपने परिवार के सदस्य की नौकरी के लिए पूर्व मंत्री, सीपीएस और निजी सचिव से बातचीत की, जिसमें तीनों ने करम सिंह से लगभग बारह लाख रुपये रिश्वत के रुप में ले लिए।
काफी इंतजार के बाद जब नौकरी नहीं मिली तो सरपंच ने रिश्वत में दी रकम लौटाने की तीनों आरोपियों से मांग की थी।
जून, 2011 में सरपंच करम सिंह की मौत हो गई। सरपंच के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने सरपंच की हत्या का मामला दर्ज किया था।
परिजनों ने ओपी जैन, जिले राम और राजिंदर शर्मा के खिलाफ आरोप लगाए थे। पुलिस जब इस मामले को हल नहीं कर सकी तब सीबीआई ने इस मामले में तीनों आरोपियों को हत्या की बजाए आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोपी माना।
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मामला सीबीआई की विशेष अदालत में पहुंच गया। शनिवार को तीनों आरोपियों को सुरक्षा के बीच सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया गया।
अदालत ने तीनों के खिलाफ सरपंच को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप तय किया।
वकील एसपीएस परमार और अभिषेक सिंह राणा ने बताया कि इस मामले की अगली गवाही सात फरवरी को होगी।
सीबीआई ने इस मामले में करीब 150 गवाह बनाए हैं।
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अदालत ने तीनों के खिलाफ सरपंच को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप तय किया है। इस मामले में अगली सुनवाई सात फरवरी को होगी।
करीब दो साल पहले करनाल के गांव कंबोपुरा में सरपंच करम सिंह की मौत के मामले में हरियाणा के पूर्व मंत्री ओपी जैन, पूर्व मुख्य संसदीय सचिव जिले राम शर्मा और जैन के निजी सहायक राजिंदर शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया था।
करम सिंह ने परिजनों का आरोप है कि करम सिंह ने अपने परिवार के सदस्य की नौकरी के लिए पूर्व मंत्री, सीपीएस और निजी सचिव से बातचीत की, जिसमें तीनों ने करम सिंह से लगभग बारह लाख रुपये रिश्वत के रुप में ले लिए।
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काफी इंतजार के बाद जब नौकरी नहीं मिली तो सरपंच ने रिश्वत में दी रकम लौटाने की तीनों आरोपियों से मांग की थी।
जून, 2011 में सरपंच करम सिंह की मौत हो गई। सरपंच के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने सरपंच की हत्या का मामला दर्ज किया था।
परिजनों ने ओपी जैन, जिले राम और राजिंदर शर्मा के खिलाफ आरोप लगाए थे। पुलिस जब इस मामले को हल नहीं कर सकी तब सीबीआई ने इस मामले में तीनों आरोपियों को हत्या की बजाए आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोपी माना।
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मामला सीबीआई की विशेष अदालत में पहुंच गया। शनिवार को तीनों आरोपियों को सुरक्षा के बीच सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया गया।
अदालत ने तीनों के खिलाफ सरपंच को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप तय किया।
वकील एसपीएस परमार और अभिषेक सिंह राणा ने बताया कि इस मामले की अगली गवाही सात फरवरी को होगी।
सीबीआई ने इस मामले में करीब 150 गवाह बनाए हैं।