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Kaithal News: समाज, राष्ट्र को शिखर पर ले जाती है युवा शकि्त ः सीमा
Sun, 09 Mar 2025 12:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 09 Mar 2025 12:57 AM IST
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कलायत। विश्व हिंदू परिषद के प्रकल्प दुर्गावाहिनी की प्रांत सह संयोजक सीमा शर्मा ने मातृशक्ति व दुर्गावाहिनी संगठनों की बैठक ली। इस मौके पर सीमा शर्मा ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की शक्ति या ऊर्जा का केंद्र युवा शक्ति होती है, क्योंकि वही समाज और राष्ट्र को शिखर पर ले जाती है।
उन्होंने दुर्गावाहिनी के बारे में बताते हुए कहा कि यह युवतियों का एक गतिशील स्वैच्छिक संगठन है। संगठन की छवि समाज की सुरक्षा के लिए प्रयासरत और संस्कार देने वाले संगठन की होनी चाहिए। इन सभी गतिविधियों के दृष्टिगत दुर्गाओं को दिया जाने वाला प्रशिक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रशिक्षण के दौरान, शारीरिक शिक्षा, योग और नियुद्ध के साथ-साथ खंजर चलाना, बंदूक (फायरिंग) आदि का अभ्यास करवाया जाता है।
सीमा ने कहा कि इन कार्यक्रमों से संस्कार सम्पन्न हो रही दुर्गाओं के माध्यम से परिवारों में सुधार देखने को मिल रहा है। चूंकि वे अच्छे संस्कारों को आत्मसात कर रहे हैं इसलिए परिवारों में माताएं भी संस्कारों के प्रति जागरूक हो रही हैं और स्वस्थ समाज के निर्माण में सहायता मिल रही है।
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उन्होंने कहा कि भौतिक कार्यक्रमों के माध्यम से युवतियां बहुत बड़े पैमाने पर संगठन से जुड़ रही हैं। यहां तक कि स्कूल और कॉलेज की लड़कियां भी तत्परता और आत्मीयता के साथ दुर्गा वाहिनी में शामिल हो रही हैं। संवाद
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उन्होंने दुर्गावाहिनी के बारे में बताते हुए कहा कि यह युवतियों का एक गतिशील स्वैच्छिक संगठन है। संगठन की छवि समाज की सुरक्षा के लिए प्रयासरत और संस्कार देने वाले संगठन की होनी चाहिए। इन सभी गतिविधियों के दृष्टिगत दुर्गाओं को दिया जाने वाला प्रशिक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रशिक्षण के दौरान, शारीरिक शिक्षा, योग और नियुद्ध के साथ-साथ खंजर चलाना, बंदूक (फायरिंग) आदि का अभ्यास करवाया जाता है।
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सीमा ने कहा कि इन कार्यक्रमों से संस्कार सम्पन्न हो रही दुर्गाओं के माध्यम से परिवारों में सुधार देखने को मिल रहा है। चूंकि वे अच्छे संस्कारों को आत्मसात कर रहे हैं इसलिए परिवारों में माताएं भी संस्कारों के प्रति जागरूक हो रही हैं और स्वस्थ समाज के निर्माण में सहायता मिल रही है।
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उन्होंने कहा कि भौतिक कार्यक्रमों के माध्यम से युवतियां बहुत बड़े पैमाने पर संगठन से जुड़ रही हैं। यहां तक कि स्कूल और कॉलेज की लड़कियां भी तत्परता और आत्मीयता के साथ दुर्गा वाहिनी में शामिल हो रही हैं। संवाद