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जीवन में योग को जरूर शामिल करना चाहिए : डॉ. श्याम

Thu, 12 Jun 2025 01:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Thu, 12 Jun 2025 01:34 AM IST
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Yoga must be included in life: Dr. Shyam
संवाद न्यूज़ एजेंसी
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ढांड। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, कौल में बुधवार को प्रातःकालीन योग प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इसमें योग सहायक विजय, सुनील, सुखदेव एवं राजकुमार ने योग प्रोटोकॉल के अनुसार अधिकारियों, कर्मचारियों, मरीजों व ग्रामवासियों को विभिन्न योगाभ्यास करवाए।

डॉ. श्याम सुंदर ने कहा कि इसका उद्देश्य लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और योग को उनके दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना है। उन्होंने कहा कि योग न केवल हमारे शरीर को स्वस्थ बनाता है, बल्कि मानसिक शांति और संतुलन भी प्रदान करता है। हमें योग को नियमित रूप से अपने जीवन में करना चाहिए, क्योंकि इससे समग्र रूप से हमारा जीवन बेहतर बनता है।
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डॉ. श्याम सुंदर ने बताया कि योग प्रशिक्षण शिविर में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और नियमित योग करने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का प्रयास रहेगा कि योग के माध्यम से हर गांव में स्वस्थ जीवन शैली का संदेश पहुंचाया जाए।
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इस अवसर पर डॉ. ममता, फार्मासिस्ट रॉबिन व संगीता, राजीव, विशाल, ओटीए दीपक, प्रवीण, ओम प्रकाश, सरला, पुष्पा, गीता, रविंदर, अजय और शेखर भी उपस्थित रहे।


तन-मन के कष्टों से मुक्ति दिलाता है योग : ईश्वर
संवाद न्यूज़ एजेंसी

गुहला-चीका। ताऊ देवीलाल पार्क में पतंजलि योग समिति चीका की नियमित योग कक्षा का बुधवार को 11वां दिन रहा। प्रोटोकॉल प्रशिक्षण शिविर में मुख्य योग शिक्षक ईश्वर सिंगला ने योग को जीवन रूपांतरण करने वाली विधा बताया।

उन्होंने कहा कि योग न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक कष्टों से भी मुक्ति दिलाने में सक्षम है। योग साधना से शरीर के रोगों का नाश होता है और मन में शांति का वास होता है। सिंगला ने योग को जीवन का अनिवार्य हिस्सा बताते हुए प्रतिभागियों को प्रतिदिन योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास करने की सलाह दी।

सिंगला ने कहा, कि कुछ लोग सोचते हैं कि वे स्वस्थ हैं, इसलिए उन्हें योग की आवश्यकता नहीं, लेकिन योग रोगी के लिए औषधि और निरोगी के लिए टॉनिक की तरह है। यह सभी के लिए उपयोगी है, चाहे वे किसी भी अवस्था में हों।


उन्होंने यह भी बताया कि आजकल चिकित्सक भी रोगों से बचाव और उपचार के लिए योग और ध्यान को अपनाने की सलाह दे रहे हैं।

ध्यान को बताया तनाव का रामबाण इलाज

मानसिक तनाव और अशांति को दूर करने के लिए सिंगला ने सुबह-शाम कम से कम 20 मिनट ध्यान करने पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि ध्यान न केवल मन को शांति देता है, बल्कि जीवन में सकारात्मक ऊर्जा भी लाता है।

इस अवसर पर मीडिया प्रभारी

गुरमीत सीड़ा, इंद्रमोहन मित्तल, डिंपल कुमार, दीपक जिंदल, रामपाल चावला, कृष्ण कामरेड, कश्मीर लाल गर्ग और अंगूरी देवी सहित अनेक साधक

उपस्थित रहे।

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