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शांति के ठिकानों में संतों के माथे पर चिंता की लकीरें
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11-कैथल। डेरा बाबा राजपूरी बड़ी देवी तालाब मंदिर।
- फोटो : Kaithal
कैथल। जिलेभर में लाखों-करोड़ों की संपत्ति वाले कई डेरे और मंदिर हैं। यहां पर श्रद्धालु मन की शांति के लिए पहुंचते हैं लेकिन एक माह में यहां डकैती व लूट की घटनाओं के बाद यहां रहने वाले साधु-संतों के माथे पर चिंता की लकीरें हैं। अब दूसरे जिलों से भी डेरों में डकैती की सूचनाएं आ रही हैं तो महंतों को सुरक्षा की और चिंता सताने लगी है। दूसरी ओर पुलिस ने डेरों की सुरक्षा के लिए विशेष प्रबंध करने की बात गई है।
गौरतलब है कि हाल के दौरान डेरों व मंदिरों को डकैतों और चोरों ने निशाना बनाया है। पुलिस भी इन्हें पकड़ने में नाकाम दिखाई दे रही है। कई नामी डेरों में महंतों को बंधक बनाकर कुंडल, आभूषण, फोन व नकदी लूटने की घटनाएं हो चुकी हैं। मंदिरों में दानपात्र व अष्टधातु की मूर्तियां को भी निशाना बनाया जा रहा है। इन हालातों में महंतों ने पुलिस से सुरक्षा के लिहाज से डेरों के निकट गश्त बढ़ाने की मांग की है। महंतों का कहना है कि रात 12 बजे के बाद और तड़के पांच बजे के बीच सुरक्षा के लिहाज से ज्यादा सचेत रहने की आवश्यकता है। दरअसल, ज्यादातर वारदातेें इसी बीच होती है। पुलिस को इस दौरान गश्त बढ़ानी चाहिए ताकि डकैतों और चोरों पर शिकंजा कसने में आसानी हो सके।
गश्त बढ़ा दी गई है। रात को पुलिस की टीम गश्त करती है। डेरों पर विशेषकर ध्यान रखा जा रहा है। डकैती की घटनाओं में कार्रवाई के लिए पुलिस टीमें गठित की गई हैं। जल्द ही इन असामाजिक तत्वों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। -मकसूद अहमद, एसपी
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हालातों को देखते हुए रात में गश्त बढ़ाई जानी चाहिए। विशेषकर रात को एक बजे के बाद पुलिस को हर डेरे के बाहर गश्त करनी चाहिए। स्पेशल सुरक्षा का प्रबंध करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब से डकैती की घटनाएं सामने आई हैं वे अंदर कमरों में सो रहे हैं। डर बना हुआ है। - निरजंन पुरी, शीतल पुरी डेरे के महंत
मेरे साथ डेरे में कई बार मारपीट हो चुकी है। सात जून 2021 को डेरे में डकैती करने के लिए कुछ लोग आए थे। हमले में घायल हो गया था। 27 अप्रैल को डेरे से धातु सहित नकदी चोर चोरी कर ले गए। हजारों श्रद्धालु यहां पर पूजा अर्चना करने के लिए आते हैं लेकिन डेरों की कोई सुरक्षा नहीं है। -महंत बाबा हीरा पुरी
तड़के तीन बजे व शाम को चार बजे रोजाना डेरों के आसपास पुलिस की जिप्सी तैनात रहनी चाहिए। इस समय ज्यादातर लोग सोए रहते हैं। इस बीच चोरी की घटनाएं होने का खतरा रहता है। जब से जिले में दो वारदातें हुई हैं, तभी से डेरे के गेट को बंद कर सो रहे हैं। -बाबा बलवान गिरी
ये हुईं वारदातें
घटना नंबर- 01
गांव बाबा लदाना स्थित प्राचीन डेरा बाबा राजपुरी के महंत व शिष्य को 25 अप्रैल की रात को बंधक बनाकर साढ़े आठ लाख रुपये लूट कर डकैत फरार हो गए थे। लगभग नौ दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली है। महंत दूजपूरी ने बताया कि तब से रात को नींद भी ठीक से नहीं आ रही है। पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पा रही है।
घटना नंबर- 02
कठवाड़ के डेरा बाबा बिहारी दास के महंत त्रिवेणी दास और दो शिष्यों को बंधक बनाकर 85 हजार रुपये व आभूषण लूट लिए थे। महंत ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि 28 मार्च की रात को 10 बजे वे पूजा पाठ कर सो गए थे। वहीं साथ के धूने वाले कमरे में शिष्य कपिल व मंगलदास सो रहे थे। वहां पर बदमाशों ने उन पर हमला कर दिया। बदमाशों ने पुलिस से मिलती जुलती ड्रेस पहन रखी थी। डेरा में तीन बदमाशों ने उनको बैठा लिया और तीन बदमाशों ने डेरे की तलाशी ली। बदमाशों ने उनके साथ मारपीट की। इसके बाद आरोपी डेरे से 85 हजार रुपये नकद, आधा तोला सोने की मुर्की, आधा तोला वजन की सोने की अंगूठी, तीन-तीन ग्राम की दो सोने की अंगूठियां सहित दो मोबाइल फोन लूट कर ले गए।
घटना नंबर-03
फतेहपुर के रघुनाथ मंदिर से चोर लाखों रुपये का सामान चुराकर ले गए थे। चोरी की यह वारदात मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई थी। चोरों ने सुबह तीन बजे मंदिर में चोरी की घटना को अंजाम दिया है। रघुनाथ मंदिर के पुजारी देवराज ने पूंडरी पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि 24 जनवरी की रात करीब साढ़े सात बजे वह मंदिर को ठीक से बंद करके गया था। 25 जनवरी की सुबह करीब छह बजे जब वह मंदिर में आया तो मंदिर के दानपात्र में पड़ी नकदी के अलावा अलमारी में रखे चांदी के छत्र, बर्तन और अन्य कीमती सामान चोरी हुआ मिला था।
घटना नंबर- 04
17 अप्रैल को महाकाली मंदिर चीका से चोर दान पात्र व चांदी का छतर चोरी कर ले गए थे। मंदिर के पुजारी कृष्ण चंद ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि मंदिर का दान पात्र व चांदी का छतर चोरी हो गया है। दान पात्र में 10 से 15 हजार रुपए नकदी थी व चांदी के छतर का वजह आधा किलो था।
जिले के ये हैं मुख्य डेरे
पवनहद तीर्थ पबनावा, फल्गु तीर्थ फरल, पवनेश्वर तीर्थ, बटेश्वर बरोट, नैमिष नौच, वेदवंती बलवंती, त्रिविष्टम तीर्थ ट्योठा, पूंडरीक तीर्थ पूंडरी, कपिल मुनि कलायत, बाबा लदाना में बाबा राजपुरी का डेरा, बाबा शीतलपुरी का डेरा कैथल, खरक पांडवा डेरा, खड़ालवा डेरा, सौंगल डेरा, गुहणा डेरा, सांघन डेरा, खनौदा डेरा, कठवाड़ डेरा, सीवन डेरा, पीडल डेरा, नौच, किठाना व करोड़ा सहित अन्य गांवों में विभिन्न विख्यात डेरे हैं। जहां पर अच्छी जमीन जायदाद है। यहां हजारों श्रद्धालु पूजा अर्चना करने के लिए आते है। करोड़ों रुपये का दान दिया जाता है।
कलायत क्षेत्र में डेरा बाबा राजपुरी बात्ता, डेरा बाबा ठंडूनाथ कैलरम, डेरा बाबा पागल पीर खरक पांडवा, डेरा बाबा च्वयन ऋषि चौशाला, डेरा बाबा सोमनी व डेरा बाबा राजपुरी बालू, माईया वाला डेरा कलायत, डेरा बाबा रुडपुरी कलायत, पाई में डेरा बाबा बिशनपुरी पाई है।
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गौरतलब है कि हाल के दौरान डेरों व मंदिरों को डकैतों और चोरों ने निशाना बनाया है। पुलिस भी इन्हें पकड़ने में नाकाम दिखाई दे रही है। कई नामी डेरों में महंतों को बंधक बनाकर कुंडल, आभूषण, फोन व नकदी लूटने की घटनाएं हो चुकी हैं। मंदिरों में दानपात्र व अष्टधातु की मूर्तियां को भी निशाना बनाया जा रहा है। इन हालातों में महंतों ने पुलिस से सुरक्षा के लिहाज से डेरों के निकट गश्त बढ़ाने की मांग की है। महंतों का कहना है कि रात 12 बजे के बाद और तड़के पांच बजे के बीच सुरक्षा के लिहाज से ज्यादा सचेत रहने की आवश्यकता है। दरअसल, ज्यादातर वारदातेें इसी बीच होती है। पुलिस को इस दौरान गश्त बढ़ानी चाहिए ताकि डकैतों और चोरों पर शिकंजा कसने में आसानी हो सके।
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गश्त बढ़ा दी गई है। रात को पुलिस की टीम गश्त करती है। डेरों पर विशेषकर ध्यान रखा जा रहा है। डकैती की घटनाओं में कार्रवाई के लिए पुलिस टीमें गठित की गई हैं। जल्द ही इन असामाजिक तत्वों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। -मकसूद अहमद, एसपी
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हालातों को देखते हुए रात में गश्त बढ़ाई जानी चाहिए। विशेषकर रात को एक बजे के बाद पुलिस को हर डेरे के बाहर गश्त करनी चाहिए। स्पेशल सुरक्षा का प्रबंध करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब से डकैती की घटनाएं सामने आई हैं वे अंदर कमरों में सो रहे हैं। डर बना हुआ है। - निरजंन पुरी, शीतल पुरी डेरे के महंत
मेरे साथ डेरे में कई बार मारपीट हो चुकी है। सात जून 2021 को डेरे में डकैती करने के लिए कुछ लोग आए थे। हमले में घायल हो गया था। 27 अप्रैल को डेरे से धातु सहित नकदी चोर चोरी कर ले गए। हजारों श्रद्धालु यहां पर पूजा अर्चना करने के लिए आते हैं लेकिन डेरों की कोई सुरक्षा नहीं है। -महंत बाबा हीरा पुरी
तड़के तीन बजे व शाम को चार बजे रोजाना डेरों के आसपास पुलिस की जिप्सी तैनात रहनी चाहिए। इस समय ज्यादातर लोग सोए रहते हैं। इस बीच चोरी की घटनाएं होने का खतरा रहता है। जब से जिले में दो वारदातें हुई हैं, तभी से डेरे के गेट को बंद कर सो रहे हैं। -बाबा बलवान गिरी
ये हुईं वारदातें
घटना नंबर- 01
गांव बाबा लदाना स्थित प्राचीन डेरा बाबा राजपुरी के महंत व शिष्य को 25 अप्रैल की रात को बंधक बनाकर साढ़े आठ लाख रुपये लूट कर डकैत फरार हो गए थे। लगभग नौ दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली है। महंत दूजपूरी ने बताया कि तब से रात को नींद भी ठीक से नहीं आ रही है। पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पा रही है।
घटना नंबर- 02
कठवाड़ के डेरा बाबा बिहारी दास के महंत त्रिवेणी दास और दो शिष्यों को बंधक बनाकर 85 हजार रुपये व आभूषण लूट लिए थे। महंत ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि 28 मार्च की रात को 10 बजे वे पूजा पाठ कर सो गए थे। वहीं साथ के धूने वाले कमरे में शिष्य कपिल व मंगलदास सो रहे थे। वहां पर बदमाशों ने उन पर हमला कर दिया। बदमाशों ने पुलिस से मिलती जुलती ड्रेस पहन रखी थी। डेरा में तीन बदमाशों ने उनको बैठा लिया और तीन बदमाशों ने डेरे की तलाशी ली। बदमाशों ने उनके साथ मारपीट की। इसके बाद आरोपी डेरे से 85 हजार रुपये नकद, आधा तोला सोने की मुर्की, आधा तोला वजन की सोने की अंगूठी, तीन-तीन ग्राम की दो सोने की अंगूठियां सहित दो मोबाइल फोन लूट कर ले गए।
घटना नंबर-03
फतेहपुर के रघुनाथ मंदिर से चोर लाखों रुपये का सामान चुराकर ले गए थे। चोरी की यह वारदात मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई थी। चोरों ने सुबह तीन बजे मंदिर में चोरी की घटना को अंजाम दिया है। रघुनाथ मंदिर के पुजारी देवराज ने पूंडरी पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि 24 जनवरी की रात करीब साढ़े सात बजे वह मंदिर को ठीक से बंद करके गया था। 25 जनवरी की सुबह करीब छह बजे जब वह मंदिर में आया तो मंदिर के दानपात्र में पड़ी नकदी के अलावा अलमारी में रखे चांदी के छत्र, बर्तन और अन्य कीमती सामान चोरी हुआ मिला था।
घटना नंबर- 04
17 अप्रैल को महाकाली मंदिर चीका से चोर दान पात्र व चांदी का छतर चोरी कर ले गए थे। मंदिर के पुजारी कृष्ण चंद ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि मंदिर का दान पात्र व चांदी का छतर चोरी हो गया है। दान पात्र में 10 से 15 हजार रुपए नकदी थी व चांदी के छतर का वजह आधा किलो था।
जिले के ये हैं मुख्य डेरे
पवनहद तीर्थ पबनावा, फल्गु तीर्थ फरल, पवनेश्वर तीर्थ, बटेश्वर बरोट, नैमिष नौच, वेदवंती बलवंती, त्रिविष्टम तीर्थ ट्योठा, पूंडरीक तीर्थ पूंडरी, कपिल मुनि कलायत, बाबा लदाना में बाबा राजपुरी का डेरा, बाबा शीतलपुरी का डेरा कैथल, खरक पांडवा डेरा, खड़ालवा डेरा, सौंगल डेरा, गुहणा डेरा, सांघन डेरा, खनौदा डेरा, कठवाड़ डेरा, सीवन डेरा, पीडल डेरा, नौच, किठाना व करोड़ा सहित अन्य गांवों में विभिन्न विख्यात डेरे हैं। जहां पर अच्छी जमीन जायदाद है। यहां हजारों श्रद्धालु पूजा अर्चना करने के लिए आते है। करोड़ों रुपये का दान दिया जाता है।
कलायत क्षेत्र में डेरा बाबा राजपुरी बात्ता, डेरा बाबा ठंडूनाथ कैलरम, डेरा बाबा पागल पीर खरक पांडवा, डेरा बाबा च्वयन ऋषि चौशाला, डेरा बाबा सोमनी व डेरा बाबा राजपुरी बालू, माईया वाला डेरा कलायत, डेरा बाबा रुडपुरी कलायत, पाई में डेरा बाबा बिशनपुरी पाई है।