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वर्कर्स बोली-सरकार की घोषणाओं को लागू करवाने के लिए करना पड़ रहा प्रदर्शन
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आंगनबाड़ी वर्कर हेल्पर यूनियन ने लघु सचिवालय में 65वें दिन भी धरना दिया। राज्य महासचिव शकुंतला ने कहा कि वीरवार को उनकी ताला बंद हड़ताल को 65 दिन हो गए हैं लेकिन सरकार का उनकी मांगों की तरफ ध्यान नहीं है। इसीलिए राज्य कमेटी के आह्वान पर जिले के सभी गांवों में सरकार के पुतले का दहन किया गया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर गांव के सरपंच और शहर के पार्षदों को ज्ञापन दिया गया। इन सभी ने विश्वास दिलवाया कि वे सब उनकी मांगों का समर्थन करते हैं। सरपंचों ने भी सरकार से मांग की है कि आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स की मांगों को पूरा किया जाना चाहिए। 14 फरवरी को राज्य कमेटी और तालमेल कमेटी के आह्वान पर राज्य स्तरीय रैली की जाएगी। वहीं 11 फरवरी को पूरे हरियाणा में भाजपा के जिलाध्यक्ष के कार्यालयों का घेराव किया जाएगा। कैथल जिले में भी 11 फरवरी को भाजपा के जिलाध्यक्ष अशोक गुर्जर के कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
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महिलाओं की नहीं सुन रही सरकार
राजबाला जाखौली ने कहा कि सरकार की घोषणाओं को लागू करवाने के लिए प्रदर्शन करना पड़ रहा है। सरकार क्यों अपनी घोषणाओं को लागू नहीं कर रही समझ नहीं आ रहा। जबकि यह उनकी नई मांग नहीं है, सरकार की ही घोषणा थी। सरकार महिलाओं की बात नहीं सुन रही है।
कविता ने कहा कि आंगनबाड़ी वर्कर्स को बर्खास्त करने और झूठे मुकदमे दर्ज करने जैसे काम हो रहे हैं। फिर भी मांगें लागू होने तक आंदोलन चलेगा। सरकार चाहे कितने भी हथकंडे अपना लें, हम अपनी मांगें मनवा कर ही रहेंगे।
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रीना भुसला ने कहा कि महिला सशक्तीकरण को लेकर सरकार बड़े बड़े दावे कर रही है। यहां महिलाएं अपने हक के लिए सड़क पर बैठी हैं, कोई ध्यान नहीं दे रहा। सरकार को चाहिए कि जल्दी ही उनकी मांगों को पूरा करे।
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महिलाओं की नहीं सुन रही सरकार
राजबाला जाखौली ने कहा कि सरकार की घोषणाओं को लागू करवाने के लिए प्रदर्शन करना पड़ रहा है। सरकार क्यों अपनी घोषणाओं को लागू नहीं कर रही समझ नहीं आ रहा। जबकि यह उनकी नई मांग नहीं है, सरकार की ही घोषणा थी। सरकार महिलाओं की बात नहीं सुन रही है।
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कविता ने कहा कि आंगनबाड़ी वर्कर्स को बर्खास्त करने और झूठे मुकदमे दर्ज करने जैसे काम हो रहे हैं। फिर भी मांगें लागू होने तक आंदोलन चलेगा। सरकार चाहे कितने भी हथकंडे अपना लें, हम अपनी मांगें मनवा कर ही रहेंगे।
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रीना भुसला ने कहा कि महिला सशक्तीकरण को लेकर सरकार बड़े बड़े दावे कर रही है। यहां महिलाएं अपने हक के लिए सड़क पर बैठी हैं, कोई ध्यान नहीं दे रहा। सरकार को चाहिए कि जल्दी ही उनकी मांगों को पूरा करे।