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Kaithal News: जल संरक्षण पर गंभीरता से करें काम ः भूमिका
Sat, 21 Jun 2025 12:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 21 Jun 2025 12:43 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जल शक्ति अभियान की केंद्रीय नोडल अधिकारी भूमिका वर्मा ने शुक्रवार को लघु सचिवालय स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में जिले के अधिकारियों, जल सहेलियों व स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण सामूहिक प्रयासों से ही संभव है, इसलिए सभी विभाग आपसी समन्वय और गंभीरता से कार्य करें।
भूमिका वर्मा ने कहा कि वन विभाग के सहयोग से अधिक से अधिक पौधारोपण किया जाए और उनकी उचित देखभाल भी सुनिश्चित हो। उन्होंने सुझाव दिया कि ट्यूबवेल कनेक्शन के समय किसानों को पौधे लगाना अनिवार्य किया जाए। साथ ही ग्रे वाटर रीयूज के लिए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की योजना भी तैयार की जानी चाहिए।
उन्होंने निर्देश दिए कि जल जीवन मिशन के तहत प्रत्येक घर में पानी पहुंचाने के साथ-साथ जल की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। पानी की गुणवत्ता जांचने के लिए वाटर टेस्टिंग किट के सही उपयोग की जानकारी आमजन तक पहुंचाई जाए। उन्होंने कहा कि वाटर टेस्टिंग किट का उपयोग कैसे किया जाना है, इसकी भी पूर्ण जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाए, ताकि सही डाटा मिल सके।
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नैना गांव के स्कूल में किचन गार्डनिंग के उत्कृष्ट कार्य की सराहना करते हुए उन्होंने अन्य विद्यालयों को भी इससे प्रेरणा लेने को कहा। सिंचाई विभाग को प्री-मानसून दौरे के दौरान लंबित कार्यों को जल्द पूरा करने, और मनरेगा के तहत नहरों व ड्रेनों की सफाई में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि डीएसआर तकनीक से धान की खेती करने से जल की बचत होती है, साथ ही सरकार प्रोत्साहन राशि भी देती है, जिसकी जानकारी किसानों तक पहुंचाई जाए। इस मौके पर जल सहेली रचना ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि घटता भू जल स्तर भविष्य के लिए काफी संकट पैदा कर सकता है।
राजौंद और गुहला में भूजल स्तर काफी नीचे है, वहां अटल भूजल योजना के तहत जल सहेलियाँ घर-घर जाकर लोगों को जागरूक कर रही हैं, जिससे लोगों की मानसिकता में सकारात्मक बदलाव आया है। इस प्रयास की प्रशंसा न सिर्फ राज्य बल्कि केंद्र स्तर पर भी की जा रही है। उन्होंने संबंधित विभागों को योजना से जुड़े सभी डाटा को व्यवस्थित रूप से संकलित करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर जिला परिषद सीईओ सुरेश राविश, सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता गुरविंद्र सिंह, बीडीपीओ नेहा शर्मा, जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ गोपाल वैध, जिला सलाहकार दीपक कुमार, अन्नू टोंक, जगजीत सिंह व अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। जल सहेली रचना ने भी विचार साझा किए।
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कैथल। जल शक्ति अभियान की केंद्रीय नोडल अधिकारी भूमिका वर्मा ने शुक्रवार को लघु सचिवालय स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में जिले के अधिकारियों, जल सहेलियों व स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण सामूहिक प्रयासों से ही संभव है, इसलिए सभी विभाग आपसी समन्वय और गंभीरता से कार्य करें।
भूमिका वर्मा ने कहा कि वन विभाग के सहयोग से अधिक से अधिक पौधारोपण किया जाए और उनकी उचित देखभाल भी सुनिश्चित हो। उन्होंने सुझाव दिया कि ट्यूबवेल कनेक्शन के समय किसानों को पौधे लगाना अनिवार्य किया जाए। साथ ही ग्रे वाटर रीयूज के लिए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की योजना भी तैयार की जानी चाहिए।
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उन्होंने निर्देश दिए कि जल जीवन मिशन के तहत प्रत्येक घर में पानी पहुंचाने के साथ-साथ जल की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। पानी की गुणवत्ता जांचने के लिए वाटर टेस्टिंग किट के सही उपयोग की जानकारी आमजन तक पहुंचाई जाए। उन्होंने कहा कि वाटर टेस्टिंग किट का उपयोग कैसे किया जाना है, इसकी भी पूर्ण जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाए, ताकि सही डाटा मिल सके।
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नैना गांव के स्कूल में किचन गार्डनिंग के उत्कृष्ट कार्य की सराहना करते हुए उन्होंने अन्य विद्यालयों को भी इससे प्रेरणा लेने को कहा। सिंचाई विभाग को प्री-मानसून दौरे के दौरान लंबित कार्यों को जल्द पूरा करने, और मनरेगा के तहत नहरों व ड्रेनों की सफाई में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि डीएसआर तकनीक से धान की खेती करने से जल की बचत होती है, साथ ही सरकार प्रोत्साहन राशि भी देती है, जिसकी जानकारी किसानों तक पहुंचाई जाए। इस मौके पर जल सहेली रचना ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि घटता भू जल स्तर भविष्य के लिए काफी संकट पैदा कर सकता है।
राजौंद और गुहला में भूजल स्तर काफी नीचे है, वहां अटल भूजल योजना के तहत जल सहेलियाँ घर-घर जाकर लोगों को जागरूक कर रही हैं, जिससे लोगों की मानसिकता में सकारात्मक बदलाव आया है। इस प्रयास की प्रशंसा न सिर्फ राज्य बल्कि केंद्र स्तर पर भी की जा रही है। उन्होंने संबंधित विभागों को योजना से जुड़े सभी डाटा को व्यवस्थित रूप से संकलित करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर जिला परिषद सीईओ सुरेश राविश, सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता गुरविंद्र सिंह, बीडीपीओ नेहा शर्मा, जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ गोपाल वैध, जिला सलाहकार दीपक कुमार, अन्नू टोंक, जगजीत सिंह व अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। जल सहेली रचना ने भी विचार साझा किए।