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बुखार से महिला की मौत,परिवार को डेंगू का शक
ब्यूरो कैथल
Updated Fri, 22 Jul 2016 12:37 AM IST
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जांच करती स्वास्थ्य विभाग की टीम
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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गांव देवीगढ़ मेें बुखार से पीड़ित 52 वर्षीय महिला की मौत हो गई। परिवार वालों ने डेंगू से मौत की आशंका जताई है हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू की पुष्टि नहीं की है। विभाग की टीम ने गांव में जाकर लोगों को डेंगू से बचाव की जानकारी दी साथ ही फॉगिंग व एंटी लार्वा छिड़काव का काम शुरू कर दिया।
गांव देवीगढ़ निवासी नरेश कुमार ने बताया कि उसकी मौसी सुनहरी देवी को करीब सप्ताह भर पहले बुखार हुआ था। इसके बाद उसे यहां निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया। फिर शाह अस्पताल ले गए। शाह अस्पताल में भी हालत बिगड़ने पर उसे पीजीआई रेफर कर दिया गया लेकिन बुधवार रात्रि रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
नरेश ने बताया कि उसकी मौसी को डेंगू था। टेस्टों में भी यह पॉजिटिव पाया गया था। निजी अस्पताल में डॉक्टरों ने इस बारे में जानकारी दी थी।
सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में पहुंच कर आवश्यक जांच की। विभाग की टीम ने मृतका के घर सहित आस-पास के एरिया में जाकर लार्वा की जांच की लेकिन गांव में लार्वा नहीं पाया गया। इसके बाद टीम के सदस्यों ने डिप्टी सीएमओ डा. देवेंद्र सिंह के नेतृत्व में लोगों को डेंगू से बचाव की जानकारी दी।
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डा. देवेंद्र ने बताया कि अभी तक की जांच में महिला में डेंगू नहीं पाया गया है। महिला का कार्ड टेस्ट कर रखा है। एलीजा टेस्ट नहीं करवाया गया। इसके अलावा डेंगू के लिए दो टेस्ट होते हैं। पहले टेस्ट में एक एनएफ 1 होता है। इसके बाद आईजीएम टेस्ट होता है। डेंगू की पुष्टि के लिए दोनों टेस्ट पॉजेटिव होने चाहिए। इसके बाद दूसरा टेस्ट भी पॉजेटिव होना चाहिए। इस महिला की एनएफ 1 नेगेटिव है लेकिन आईजीएम पॉजेटिव है। जबकि एनएफ 1 पॉजेटिव हो तो आईजीएम पॉजेटिव आने से वह डेंगू नहीं है। फिर भी गांव में फॉगिंग करवा दी गई है।
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गांव देवीगढ़ निवासी नरेश कुमार ने बताया कि उसकी मौसी सुनहरी देवी को करीब सप्ताह भर पहले बुखार हुआ था। इसके बाद उसे यहां निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया। फिर शाह अस्पताल ले गए। शाह अस्पताल में भी हालत बिगड़ने पर उसे पीजीआई रेफर कर दिया गया लेकिन बुधवार रात्रि रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
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नरेश ने बताया कि उसकी मौसी को डेंगू था। टेस्टों में भी यह पॉजिटिव पाया गया था। निजी अस्पताल में डॉक्टरों ने इस बारे में जानकारी दी थी।
सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में पहुंच कर आवश्यक जांच की। विभाग की टीम ने मृतका के घर सहित आस-पास के एरिया में जाकर लार्वा की जांच की लेकिन गांव में लार्वा नहीं पाया गया। इसके बाद टीम के सदस्यों ने डिप्टी सीएमओ डा. देवेंद्र सिंह के नेतृत्व में लोगों को डेंगू से बचाव की जानकारी दी।
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डा. देवेंद्र ने बताया कि अभी तक की जांच में महिला में डेंगू नहीं पाया गया है। महिला का कार्ड टेस्ट कर रखा है। एलीजा टेस्ट नहीं करवाया गया। इसके अलावा डेंगू के लिए दो टेस्ट होते हैं। पहले टेस्ट में एक एनएफ 1 होता है। इसके बाद आईजीएम टेस्ट होता है। डेंगू की पुष्टि के लिए दोनों टेस्ट पॉजेटिव होने चाहिए। इसके बाद दूसरा टेस्ट भी पॉजेटिव होना चाहिए। इस महिला की एनएफ 1 नेगेटिव है लेकिन आईजीएम पॉजेटिव है। जबकि एनएफ 1 पॉजेटिव हो तो आईजीएम पॉजेटिव आने से वह डेंगू नहीं है। फिर भी गांव में फॉगिंग करवा दी गई है।