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वोट के लिए घर-घर जा रही हैं महिलाएं
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कैथल। पंचायती राज चुनाव में इस बार पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं की भी समान भागीदारी दिखाई दे रही है। गांवों में पुरुषों के अलावा महिलाएं भी अपने उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान करने की अपील में जुटी हैं। जो महिलाएं स्वयं चुनाव लड़ रही हैं, वे तो वोट के लिए डोर-टू-डोर जा ही रहीं हैं। इसके अलावा जिन महिलाओं के पति या बेटे या फिर परिवार का कोई अन्य सदस्य पंच या सरपंच पद का उम्मीदवार है, वे उनके लिए वोट मांग रही हैं।
गांव में माहौल ऐसा बना हुआ है कि पहले पुरुष उम्मीदवार अपने लिए मतदान को लेकर ग्रामीणों के पास घर-घर पहुंच रहा है। उसके तुरंत बाद उम्मीदवार की पत्नी या माता दर्जनों महिलाओं को लेकर अपने उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करने की अपील कर रही हैं। पुरुषों के पीछे-पीछे महिलाओं की टोलियां भी प्रचार में जुटी हुई हैं। यह माहौल केवल एक या दो गांवों में नहीं, बल्कि ज्यादातर गांवों में बना हुआ है।
प्रचार का इतना जबरदस्त माहौल तो इस बार ब्लॉक समिति या जिला परिषद के चुनाव में भी देखने को नहीं मिला है, जितना इस समय गांवों में बना हुआ है। प्रचार में उम्मीदवारों के परिवारों का एड़ी चोटी का जोर लगा हुआ है। पहले पुरुष उम्मीदवार अपने समर्थकों के साथ गांवों में सार्वजनिक स्थानों और गलियों में पोस्टर लगवा रहे हैं। उसके बाद महिलाएं पर्चे देकर मतदाताओं को अपने समर्थन में लाने के प्रयासों में जुटी हैं।
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गांव में माहौल ऐसा बना हुआ है कि पहले पुरुष उम्मीदवार अपने लिए मतदान को लेकर ग्रामीणों के पास घर-घर पहुंच रहा है। उसके तुरंत बाद उम्मीदवार की पत्नी या माता दर्जनों महिलाओं को लेकर अपने उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करने की अपील कर रही हैं। पुरुषों के पीछे-पीछे महिलाओं की टोलियां भी प्रचार में जुटी हुई हैं। यह माहौल केवल एक या दो गांवों में नहीं, बल्कि ज्यादातर गांवों में बना हुआ है।
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प्रचार का इतना जबरदस्त माहौल तो इस बार ब्लॉक समिति या जिला परिषद के चुनाव में भी देखने को नहीं मिला है, जितना इस समय गांवों में बना हुआ है। प्रचार में उम्मीदवारों के परिवारों का एड़ी चोटी का जोर लगा हुआ है। पहले पुरुष उम्मीदवार अपने समर्थकों के साथ गांवों में सार्वजनिक स्थानों और गलियों में पोस्टर लगवा रहे हैं। उसके बाद महिलाएं पर्चे देकर मतदाताओं को अपने समर्थन में लाने के प्रयासों में जुटी हैं।
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