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Kaithal News: महिलाओं को दिलाई बाल विवाह के खिलाफ शपथ
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल/कलायत/सीवन। जिले के सभी थाना प्रबंधकों ने अपने क्षेत्र में आमजन को बाल विवाह नहीं करने बारे जागरूक किया व शपथ दिलाई।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि इस दौरान आमजन को जानकारी दी गई कि कुछ लोग अपने किशोरों का विवाह कर देते हैं, जो गैर जमानती अपराध है। बाल विवाह निषेध अधिनियम के अनुसार विवाह के लिए लडक़ी की आयु 18 वर्ष व लडक़े की आयु 21 वर्ष होनी आवश्यक है।
इससे कम आयु में यदि विवाह किया जाता है तो वह बाल विवाह की श्रेणी में आता है, जो दंडनीय अपराध है। बालक-बालिका के जीवन पर बाल विवाह का दुष्प्रभाव पड़ता है। किसी व्यक्ति को अगर बाल विवाह की सूचना मिलती है तो पुलिस प्रशासन को सूचित करें। सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम गुप्त रखा जाएगा। संवाद
उधर, कलायत के राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक स्कूल परिसर में महिला एवं बाल विकास विभाग से संचालित प्ले स्कूल मेंं बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन हुआ।
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प्ले स्कूल प्रभारी नीलम धानियां ने महिलाओं को बाल विवाह के खिलाफ शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के मिशन को लेकर महिलाएं बेहद गंभीर दिख रही हैं। ऐसा जरूरी भी है।
महिलाओं के विकास मेंं सबसे बड़ी बाधा बाल विवाह जैसी बुराई है। इससे वे खुद को आगे बढ़ाने से पहले जिम्मेवारियों व समस्याओं के घेरे मेंं उलझ जाती हैं। जो शपथ दिलाई गई उसमेंं बाल विवाह को सामाजिक बुराई और कानून का उल्लंघन करार दिया गया है।
इसी प्रकार सीवन के गांव रसूलपुर में महिला एवं बाल विकास विभाग सीडीपीओ गुरजीत कौर एवं सुपरवाइजर कुमारी अंजली के निर्देशानुसार बाल विवाह के खिलाफ एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें गांव की सभी महिलाओं को बाल विवाह न करवाने की शपथ दिलाई गई। आंगनबाड़ी वर्कर सरोज बाला ने कहा कि बाल विवाह एक सामाजिक बुराई और कानून का उल्लंघन है, जो बालिकाओं की शिक्षा सुरक्षा स्वास्थ्य और विकास में बाधा है तथा उनके सपनों को साकार होने से रोकता है। कहा कि कम उम्र में शादी के कारण लड़कियों को शिक्षा से वंचित होना पड़ता है। इस शपथ समारोह में गांव की सभी आंगनबाड़ी वर्कर, हेल्पर, आशा वर्कर, स्वास्थ्य कर्मचारी और गांव की सभी महिलाओं ने भाग लिया।
महिलाओं को दिलाई बाल विवाह के खिलाफ शपथ
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कैथल/कलायत/सीवन। जिले के सभी थाना प्रबंधकों ने अपने क्षेत्र में आमजन को बाल विवाह नहीं करने बारे जागरूक किया व शपथ दिलाई।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि इस दौरान आमजन को जानकारी दी गई कि कुछ लोग अपने किशोरों का विवाह कर देते हैं, जो गैर जमानती अपराध है। बाल विवाह निषेध अधिनियम के अनुसार विवाह के लिए लडक़ी की आयु 18 वर्ष व लडक़े की आयु 21 वर्ष होनी आवश्यक है।
इससे कम आयु में यदि विवाह किया जाता है तो वह बाल विवाह की श्रेणी में आता है, जो दंडनीय अपराध है। बालक-बालिका के जीवन पर बाल विवाह का दुष्प्रभाव पड़ता है। किसी व्यक्ति को अगर बाल विवाह की सूचना मिलती है तो पुलिस प्रशासन को सूचित करें। सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम गुप्त रखा जाएगा। संवाद
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उधर, कलायत के राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक स्कूल परिसर में महिला एवं बाल विकास विभाग से संचालित प्ले स्कूल मेंं बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन हुआ।
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प्ले स्कूल प्रभारी नीलम धानियां ने महिलाओं को बाल विवाह के खिलाफ शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के मिशन को लेकर महिलाएं बेहद गंभीर दिख रही हैं। ऐसा जरूरी भी है।
महिलाओं के विकास मेंं सबसे बड़ी बाधा बाल विवाह जैसी बुराई है। इससे वे खुद को आगे बढ़ाने से पहले जिम्मेवारियों व समस्याओं के घेरे मेंं उलझ जाती हैं। जो शपथ दिलाई गई उसमेंं बाल विवाह को सामाजिक बुराई और कानून का उल्लंघन करार दिया गया है।
इसी प्रकार सीवन के गांव रसूलपुर में महिला एवं बाल विकास विभाग सीडीपीओ गुरजीत कौर एवं सुपरवाइजर कुमारी अंजली के निर्देशानुसार बाल विवाह के खिलाफ एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें गांव की सभी महिलाओं को बाल विवाह न करवाने की शपथ दिलाई गई। आंगनबाड़ी वर्कर सरोज बाला ने कहा कि बाल विवाह एक सामाजिक बुराई और कानून का उल्लंघन है, जो बालिकाओं की शिक्षा सुरक्षा स्वास्थ्य और विकास में बाधा है तथा उनके सपनों को साकार होने से रोकता है। कहा कि कम उम्र में शादी के कारण लड़कियों को शिक्षा से वंचित होना पड़ता है। इस शपथ समारोह में गांव की सभी आंगनबाड़ी वर्कर, हेल्पर, आशा वर्कर, स्वास्थ्य कर्मचारी और गांव की सभी महिलाओं ने भाग लिया।
महिलाओं को दिलाई बाल विवाह के खिलाफ शपथ