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17 दिनों से अस्पताल में दाखिल महिला..इलाज न मिलने पर किया हंगामा
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कैथल। जिला अस्पताल में सोमवार को एक महिला ने इलाज न मिलने पर जमकर हंगामा किया। महिला की चीख-पुकार सुनकर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए। बाद में महिला के गांव से भी लोग अस्पताल में पहुंचे और चिकित्सकों के रवैये के खिलाफ रोष जताया।
क्योड़क गांव निवासी बुजुर्ग महिला राजकली (75 वर्ष) को पेट में दर्द होने पर आठ फरवरी को कैथल सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां स्वास्थ्यकर्मियों ने उसे पागल करार दिया। यहां दाखिल मरीजों के परिजनों ने कहा कि महिला की हालत देखी नहीं जाती थी, देखभाल नहीं होने पर वे ही उसके पकड़े बदलते थे। वहीं एक युवक विशाल ने बताया कि यह महिला उसकी ताई है। वह इस महिला को यहां लेकर आया है। उसके पेट में दर्द है। उसने लंबे समय से पेशाब और शौच नहीं की। इसकी जानकारी उसने चिकित्सकों और नर्सों को भी दी लेकिन यहां उसकी ताई को पागल बताया जा रहा है। इस बात की सूचना मिलने पर गांव क्योड़क से विकास तंवर सहित कई अन्य युवक भी अस्पताल पहुंचे और स्वास्थ्यकर्मियों से इस हालत को लेकर बात की। अस्पताल में वह महिला चिल्लाती रही। इससे बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए। हंगामे की सूचना मिलने पर अस्पताल इंचार्ज डॉ. रेनू चावला मौके पर पहुंची। उन्होंने लापरवाही की शिकायत पर जांच का आश्वासन दिया। विकास तंवर ने कहा कि यह शर्मनाक है कि एक महिला 17 दिनों से दाखिल है और उसे पागल बताया जा रहा है। उधर, इस हंगामे के बाद अल्ट्रासाउंड करवाया गया तो महिला को पथरी की शिकायत निकली।
इस संबंध में अस्पताल इंचार्ज डॉ. रेनू चावला ने कहा कि उन्हें शिकायत मिली थी। इस बारे में जांच करवाई जाएगी। यह भी पता लगाया जाएगा कि महिला मानसिक रूप से बीमार है या नहीं। उसके पेशाब में कुछ रुकावट बताई गई है। पूरे मामले पर जानकारी लेकर कार्रवाई की जाएगी।
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क्योड़क गांव निवासी बुजुर्ग महिला राजकली (75 वर्ष) को पेट में दर्द होने पर आठ फरवरी को कैथल सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां स्वास्थ्यकर्मियों ने उसे पागल करार दिया। यहां दाखिल मरीजों के परिजनों ने कहा कि महिला की हालत देखी नहीं जाती थी, देखभाल नहीं होने पर वे ही उसके पकड़े बदलते थे। वहीं एक युवक विशाल ने बताया कि यह महिला उसकी ताई है। वह इस महिला को यहां लेकर आया है। उसके पेट में दर्द है। उसने लंबे समय से पेशाब और शौच नहीं की। इसकी जानकारी उसने चिकित्सकों और नर्सों को भी दी लेकिन यहां उसकी ताई को पागल बताया जा रहा है। इस बात की सूचना मिलने पर गांव क्योड़क से विकास तंवर सहित कई अन्य युवक भी अस्पताल पहुंचे और स्वास्थ्यकर्मियों से इस हालत को लेकर बात की। अस्पताल में वह महिला चिल्लाती रही। इससे बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए। हंगामे की सूचना मिलने पर अस्पताल इंचार्ज डॉ. रेनू चावला मौके पर पहुंची। उन्होंने लापरवाही की शिकायत पर जांच का आश्वासन दिया। विकास तंवर ने कहा कि यह शर्मनाक है कि एक महिला 17 दिनों से दाखिल है और उसे पागल बताया जा रहा है। उधर, इस हंगामे के बाद अल्ट्रासाउंड करवाया गया तो महिला को पथरी की शिकायत निकली।
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इस संबंध में अस्पताल इंचार्ज डॉ. रेनू चावला ने कहा कि उन्हें शिकायत मिली थी। इस बारे में जांच करवाई जाएगी। यह भी पता लगाया जाएगा कि महिला मानसिक रूप से बीमार है या नहीं। उसके पेशाब में कुछ रुकावट बताई गई है। पूरे मामले पर जानकारी लेकर कार्रवाई की जाएगी।
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