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Kaithal News: आखिर कब होगा ऐतिहासिक फल्गु तीर्थ की सड़क का उद्धार
Sat, 19 Apr 2025 01:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 19 Apr 2025 01:12 AM IST
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नरेंद्र राणा
पूंडरी। ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण फल्गु तीर्थ जाने वाली मुख्य सड़क बीते सात वर्षों से जर्जर हालत में पड़ी है, लेकिन प्रशासन की ओर से इसकी मरम्मत की कोई ठोस पहल नहीं की गई है। स्थानीय लोगों का सवाल है कि आखिर कब इस सड़क का उद्धार होगा?
गौरतलब है कि हर अमावस्या पर हजारों श्रद्धालु फल्गु तीर्थ पर पिंडदान और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं, लेकिन खस्ताहाल सड़क उनके श्रद्धा भाव पर पानी फेर देती हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों से लेकर जिला प्रशासन तक गुहार लगाई गई, लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई।
स्थानीय निवासी देवव्रत राणा, संदीप क्वात्रा, भीम शर्मा, रामगोपाल राणा, विशाल राणा, विक्की राणा, बिजेंद्र राणा, सुशील राणा, जितेंद्र वाल्मिकी, पूर्ण सिंह, सरदार हरी सिंह ने बताया कि यह सड़क केवल रास्ता नहीं, श्रद्धालुओं की आस्था की डोर है, लेकिन प्रशासन की उदासीनता ने इसे कष्ट का मार्ग बना दिया है।
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लोगों के मुताबिक, टूटी हुई सड़क, जगह-जगह बने गड्ढे और बरसात में कीचड़ से सराबोर रास्ता तीर्थयात्रियों और ग्रामीणों की रोजमर्रा की परेशानी है।
गौरतलब है कि फरल गांव की पहचान महाभारत कालीन फल्गू तीर्थ से होती है। फल्गू तीर्थ का उल्लेख वामन पुराण, महाभारत के वन पर्व में आता है। मान्यता है कि पांडवों ने युद्ध के बाद पूर्वजों की आत्मिक शांति और मोक्ष प्राप्ति के लिए यहां पर पिंडदान करवाया था। संवाद
लोगों ने की शिकायत, बोले- श्रद्धा भी हो रही शर्मिंदा
फल्गु तीर्थ आने वाले पंजाब से श्रद्धालुओं रेखा नवांशहर, सोनू पिंजौर, संजय चौधरी पंचकुला ने बताया, इस पवित्र स्थल तक पहुंचने के लिए जिस दुर्गति से गुजरना पड़ता है, उससे श्रद्धा भी शर्मिंदा हो जाती है। ग्रामीणों ने बताया कि इस सड़क की दुर्दशा से न केवल धार्मिक पर्यटन प्रभावित हो रहा है, बल्कि स्थानीय लोगों के जीवन में भी भारी असुविधा हो रही है। बीमार मरीजों को अस्पताल ले जाना हो या बच्चों को स्कूल, हर दिन जोखिम के साए में जीना पड़ रहा है। सामाजिक संगठनों व ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि सड़क की जल्द मरम्मत नहीं की गई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
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पूंडरी। ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण फल्गु तीर्थ जाने वाली मुख्य सड़क बीते सात वर्षों से जर्जर हालत में पड़ी है, लेकिन प्रशासन की ओर से इसकी मरम्मत की कोई ठोस पहल नहीं की गई है। स्थानीय लोगों का सवाल है कि आखिर कब इस सड़क का उद्धार होगा?
गौरतलब है कि हर अमावस्या पर हजारों श्रद्धालु फल्गु तीर्थ पर पिंडदान और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं, लेकिन खस्ताहाल सड़क उनके श्रद्धा भाव पर पानी फेर देती हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों से लेकर जिला प्रशासन तक गुहार लगाई गई, लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई।
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स्थानीय निवासी देवव्रत राणा, संदीप क्वात्रा, भीम शर्मा, रामगोपाल राणा, विशाल राणा, विक्की राणा, बिजेंद्र राणा, सुशील राणा, जितेंद्र वाल्मिकी, पूर्ण सिंह, सरदार हरी सिंह ने बताया कि यह सड़क केवल रास्ता नहीं, श्रद्धालुओं की आस्था की डोर है, लेकिन प्रशासन की उदासीनता ने इसे कष्ट का मार्ग बना दिया है।
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लोगों के मुताबिक, टूटी हुई सड़क, जगह-जगह बने गड्ढे और बरसात में कीचड़ से सराबोर रास्ता तीर्थयात्रियों और ग्रामीणों की रोजमर्रा की परेशानी है।
गौरतलब है कि फरल गांव की पहचान महाभारत कालीन फल्गू तीर्थ से होती है। फल्गू तीर्थ का उल्लेख वामन पुराण, महाभारत के वन पर्व में आता है। मान्यता है कि पांडवों ने युद्ध के बाद पूर्वजों की आत्मिक शांति और मोक्ष प्राप्ति के लिए यहां पर पिंडदान करवाया था। संवाद
लोगों ने की शिकायत, बोले- श्रद्धा भी हो रही शर्मिंदा
फल्गु तीर्थ आने वाले पंजाब से श्रद्धालुओं रेखा नवांशहर, सोनू पिंजौर, संजय चौधरी पंचकुला ने बताया, इस पवित्र स्थल तक पहुंचने के लिए जिस दुर्गति से गुजरना पड़ता है, उससे श्रद्धा भी शर्मिंदा हो जाती है। ग्रामीणों ने बताया कि इस सड़क की दुर्दशा से न केवल धार्मिक पर्यटन प्रभावित हो रहा है, बल्कि स्थानीय लोगों के जीवन में भी भारी असुविधा हो रही है। बीमार मरीजों को अस्पताल ले जाना हो या बच्चों को स्कूल, हर दिन जोखिम के साए में जीना पड़ रहा है। सामाजिक संगठनों व ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि सड़क की जल्द मरम्मत नहीं की गई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।