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Kaithal News: खुले में पड़ा गेहूं, किसानों की उड़ी नींद
Mon, 15 Apr 2024 05:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 15 Apr 2024 05:33 AM IST
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कैथल। जिले में रविवार को सुबह से आसमान में बादल छाए रहे। इस दौरान सुबह कई स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी। कारण कि खेतों में गेहूं की फसल पककर कटाई के लिए तैयार है। दूसरी ओर मंडी में भी लाखों क्विंटल गेहूं खुले में पड़ा है। ऐसे में सुबह बूंदाबांदी हुई तो खुले आसमान के नीचे मंडी में पड़ी फसल को ढकने के लिए किसानों में अफरा तफरी मच गई, हालांकि बाद में हवाओं के चलते बादल छंट गए और बारिश नहीं हुई तो किसानों ने राहत की सांस ली।
जिले में लगभग चार लाख 97 हजार 333 एकड़ में गेहूं की फसल की बिजाई की गई है जो पककर तैयार हो चुकी है और मंडियों में भी पहुंचने लगी है। इस बीच बीते दो दिनों से मौसम में अचानक बदलाव से किसानों की चिंता बढ़ी हुई है। मौसम विभाग की ओर से अगले दो दिन भी बादल और बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है। किसानों को डर है कि बारिश होने से न सिर्फ खेतों में कटाई प्रभावित होगी, बल्कि मंडियों में गेहूं खरीद भी थम जाएगी, जिससे उन्हें परेशानी के साथ ही नुकसान उठाना पड़ेगा। यही कारण है कि रविवार की सुबह हल्की बूंदाबांदी ने किसानों की नींद उड़ा दी। मंडी में खुले आसमान के नीचे पड़ी अपनी गेहूं की ढेरी को ढकने के लिए किसान दौड़ते नजर आए।
फोटो नंबर-09
खराब मौसम ने बढ़ाई किसानों की चिंता-
मैं दो ट्रॉली गेहूं लेकर मंडी में पहुंचा हूं। ऊपर से बारिश का मौसम है। सुबह तो बूंदाबांदी भी हुई थी। अगर बारिश हुई तो किसानों पर दोहरी मार पड़ेगी। किसानों की गेहूं मंडी में खुले आसमान के नीचे पड़ी है और खेतों में भी गेहूं की फसल पककर तैयार है। खराब मौसम ने चिंता बढ़ा दी है।
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-होशियार सिंह, किसान दिल्लोवाली।
फोटो नंबर-10
प्राकृतिक खेती करने से नहीं कोई नुकसान-
मैं प्राकृतिक तरीके से खेती करता हूं, इससे नुकसान की संभावना कम रहती है। कभी खेत में दवाइयों का स्प्रे नहीं करता। अब तक मेरे खेत में फसल बिल्कुल सही है। किसी प्रकार का नुकसान नहीं है। कटाई का कार्य भी चल रहा है। गोबर से खाद बनाकर ही मैं अपने खेत में डालता हूं, जिससे फसलों को मजबूती मिलती है। -किसान जोनी राणा।
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जिले में लगभग चार लाख 97 हजार 333 एकड़ में गेहूं की फसल की बिजाई की गई है जो पककर तैयार हो चुकी है और मंडियों में भी पहुंचने लगी है। इस बीच बीते दो दिनों से मौसम में अचानक बदलाव से किसानों की चिंता बढ़ी हुई है। मौसम विभाग की ओर से अगले दो दिन भी बादल और बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है। किसानों को डर है कि बारिश होने से न सिर्फ खेतों में कटाई प्रभावित होगी, बल्कि मंडियों में गेहूं खरीद भी थम जाएगी, जिससे उन्हें परेशानी के साथ ही नुकसान उठाना पड़ेगा। यही कारण है कि रविवार की सुबह हल्की बूंदाबांदी ने किसानों की नींद उड़ा दी। मंडी में खुले आसमान के नीचे पड़ी अपनी गेहूं की ढेरी को ढकने के लिए किसान दौड़ते नजर आए।
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खराब मौसम ने बढ़ाई किसानों की चिंता-
मैं दो ट्रॉली गेहूं लेकर मंडी में पहुंचा हूं। ऊपर से बारिश का मौसम है। सुबह तो बूंदाबांदी भी हुई थी। अगर बारिश हुई तो किसानों पर दोहरी मार पड़ेगी। किसानों की गेहूं मंडी में खुले आसमान के नीचे पड़ी है और खेतों में भी गेहूं की फसल पककर तैयार है। खराब मौसम ने चिंता बढ़ा दी है।
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-होशियार सिंह, किसान दिल्लोवाली।
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प्राकृतिक खेती करने से नहीं कोई नुकसान-
मैं प्राकृतिक तरीके से खेती करता हूं, इससे नुकसान की संभावना कम रहती है। कभी खेत में दवाइयों का स्प्रे नहीं करता। अब तक मेरे खेत में फसल बिल्कुल सही है। किसी प्रकार का नुकसान नहीं है। कटाई का कार्य भी चल रहा है। गोबर से खाद बनाकर ही मैं अपने खेत में डालता हूं, जिससे फसलों को मजबूती मिलती है। -किसान जोनी राणा।