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लॉकडाउन की भेंट चढ़ा शादियों का सीजन, कारोबारियों को हुआ आर्थिक नुकसान
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कोरोना के चलते लगातार दूसरे साल अप्रैल-मई का शादियों का सीजन लॉकडाउन के की भेंट चढ़ गया। अक्षय तृतीया जैसे शुभ मुहूर्त में भी शादियां नहीं हो सकीं। शादियां हुई तो लॉकडाउन की पाबंदियों के चलते छोटे स्तर पर हुई। अब कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में आई कमी को देखते हुए जून में पाबंदियों में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। जून और जुलाई में विवाह के 23 शुभ मुहूर्त हैं। इसके बाद नवंबर में शादियों का सिलसिला शुरू होगा। हालांकि माना जा रहा है कि लॉकडाउन खुलने के बाद भी जुलाई में शादियों में कुछ पाबंदियां जारी रह सकती हैं। कोरोना संक्रमण के कारण 2020 में भी अप्रैल-मई में प्रस्तावित बहुत सी शादियां टल गई थी। जो शादियां हुई, उनमें भी वर वधू पक्ष की तरफ से सीमित संख्या में ही रिश्तेदार शामिल हुए। इसके बाद नवंबर-दिसंबर में शादियां हुई। कई लोगों ने अप्रैल-मई 2021 में शादी करने की तैयारी की थी, लेकिन कोरोना की दूसरी लहर ने अरमानों पर पानी फेर दिया। फिर से लॉकडाउन और विवाह समारोह पर रोक के कारण कई लोगों ने शादी आगे बढ़ाई है। अब ये शादियां जून-जुलाई में या फिर नवंबर-दिसंबर के सीजन में होने की संभावना है।
आचार्य पंडित प्रेम शंकर शास्त्री ने बताया कि 4, 5, 6, 18, 19, 20, 21, 24, 26, 27, 28, 30 जून और 1, 2, 3, 4, 6, 17, 18, 21, 22, 23, 24 जुलाई को शादियों का शुभ मुहूर्त हैं। जून में निर्जला एकादशी व 18 जुलाई को नवमी का अबूझ मुहूर्त हैं। 24 जुलाई को पूर्णिमा है इसके बाद सावन माह शुरू हो जाएगा। इसके पश्चात नवंबर में शादियों के सीजन की शुरुआत होगी।
कपड़ा व्यापारी गौरव सिंगला का कहना है कि पिछले साल ही कोरोना आया है। तब से ही मार्केट के तकरीबन सब काम बंद पड़े हैं। सबसे अधिक प्रभाव कपड़ा मार्केट पर पड़ा है। कपड़ा तब बिकता है जब शादियां होती है और 500 से अधिक लोगों को कार्यक्रम होता है। अब शादियों में सिर्फ 50 लोग ही पहुंचते हैं। इससे लोग काम चलाने के लिए थोड़ा बहुत ही कपड़ा खरीदते हैं।
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अप्रैल-मई में लॉकडाउन के दौरान शादियों पर रोक से बाजार में करोड़ों रुपये की ग्राहकी प्रभावित हुई है। शादियों के लिए जिन लोगों ने तैयारी की थी, उनकी खरीदारी नहीं हुई। कपड़ा, सोना चांदी और कॉस्मेटिक बाजार प्रभावित हुआ। सराफा बाजार में भी नाम मात्र की खरीदारी हुई है। सबसे ज्यादा असर, टेंट, होटल, कैटरिंग, बेड और शादी से जुड़े अन्य व्यवसायों पर पड़ा। व्यापारियों का कहना है कि दो साल से यह सीजन खराब ही रहा है। शादियां तो हुई लेकिन छोटे स्तर पर निपटाई गई है।
टेंट यूनियन के सेक्रेटरी व राजू टेंट हाउस के संचालक राजू डोहर ने बताया कि कोरोना के कारण लगातार दूसरे साल शादियों में टेंट आदि की व्यवस्था नाम मात्र रही। टेंट, साउंड, लाइट, बेंड, डीजे आदि का व्यापार बिल्कुल ठप हो गया है। वहीं सतकार पैलेस के संचालक हिमांशु भवाना का कहना है कि पिछले साल भी और इस साल भी उनकी लगभग 30 एडवांस बुकिंग रद्द हुई है। इससे उनको लाखों का नुकसान हुआ है।
सोनू हलवाई ने बताया कि लगातार दूसरे साल कोरोना की पाबंदियों के चलते शादियां सीमित स्तर पर हुई। जिसमें मेहमानों की संख्या नाम मात्र की रही। इस कारण हलवाई भी बेरोजगार हो गए और उनको घर खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है।
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आचार्य पंडित प्रेम शंकर शास्त्री ने बताया कि 4, 5, 6, 18, 19, 20, 21, 24, 26, 27, 28, 30 जून और 1, 2, 3, 4, 6, 17, 18, 21, 22, 23, 24 जुलाई को शादियों का शुभ मुहूर्त हैं। जून में निर्जला एकादशी व 18 जुलाई को नवमी का अबूझ मुहूर्त हैं। 24 जुलाई को पूर्णिमा है इसके बाद सावन माह शुरू हो जाएगा। इसके पश्चात नवंबर में शादियों के सीजन की शुरुआत होगी।
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कपड़ा व्यापारी गौरव सिंगला का कहना है कि पिछले साल ही कोरोना आया है। तब से ही मार्केट के तकरीबन सब काम बंद पड़े हैं। सबसे अधिक प्रभाव कपड़ा मार्केट पर पड़ा है। कपड़ा तब बिकता है जब शादियां होती है और 500 से अधिक लोगों को कार्यक्रम होता है। अब शादियों में सिर्फ 50 लोग ही पहुंचते हैं। इससे लोग काम चलाने के लिए थोड़ा बहुत ही कपड़ा खरीदते हैं।
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अप्रैल-मई में लॉकडाउन के दौरान शादियों पर रोक से बाजार में करोड़ों रुपये की ग्राहकी प्रभावित हुई है। शादियों के लिए जिन लोगों ने तैयारी की थी, उनकी खरीदारी नहीं हुई। कपड़ा, सोना चांदी और कॉस्मेटिक बाजार प्रभावित हुआ। सराफा बाजार में भी नाम मात्र की खरीदारी हुई है। सबसे ज्यादा असर, टेंट, होटल, कैटरिंग, बेड और शादी से जुड़े अन्य व्यवसायों पर पड़ा। व्यापारियों का कहना है कि दो साल से यह सीजन खराब ही रहा है। शादियां तो हुई लेकिन छोटे स्तर पर निपटाई गई है।
टेंट यूनियन के सेक्रेटरी व राजू टेंट हाउस के संचालक राजू डोहर ने बताया कि कोरोना के कारण लगातार दूसरे साल शादियों में टेंट आदि की व्यवस्था नाम मात्र रही। टेंट, साउंड, लाइट, बेंड, डीजे आदि का व्यापार बिल्कुल ठप हो गया है। वहीं सतकार पैलेस के संचालक हिमांशु भवाना का कहना है कि पिछले साल भी और इस साल भी उनकी लगभग 30 एडवांस बुकिंग रद्द हुई है। इससे उनको लाखों का नुकसान हुआ है।
सोनू हलवाई ने बताया कि लगातार दूसरे साल कोरोना की पाबंदियों के चलते शादियां सीमित स्तर पर हुई। जिसमें मेहमानों की संख्या नाम मात्र की रही। इस कारण हलवाई भी बेरोजगार हो गए और उनको घर खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है।