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दिन भर छाए रहे बादल, दिन में भी बढ़ी ठिठुरन
ब्यूरो कैथल
Updated Sun, 25 Dec 2016 11:15 PM IST
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दिन में भी बढ़ी ठिठुरन
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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रविवार को दिन भर आसमान में बादल छाए रहे। जिस कारण कुछ ही घंटों के लिए सूर्यदेव के दर्शन हो पाए। धूप ना निकलने के कारण पूरा दिन सर्दी का प्रकोप रहा। एक तो छुट्टी का दिन था। दूसरा मौसम के चलते शहर में चहल-पहल कम ही दिखाई दी।
सुबह हवाओं के चलने के कारण घने कोहरे से तो राहत मिली। इसके बावजूद कोहरे का धुंआ सा आसमान में छाया रहा। अधिकतम 18 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 8 डिग्री सेल्सियस रहा। अगले तीन दिनों तक तापमान में ओर अधिक गिरावट आने की संभावनाएं हैं।
शनिवार सुबह घना कोहरा था। शाम के समय हवाएं चलीं। जिस कारण कोहरा कम ही रहा। सुबह भी करीब आठ बजे तक तो हलका कोहरा रहा। इसके बाद हवाओं के चलते इसमें ओर कमी आ गई। जिससे लोगों को राहत मिली। मौसम वैज्ञानिक डा. चंद्रशेखर डागर ने कहा कि अगले तीन दिनों में हलकी बूंदाबांदी हो सकती है। जिस कारण तापमान में गिरावट आएगी। यह मौसम फसलों के लिए काफी लाभदायक है।
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धुंध व भारी ठंड से प्रभावित हुई सब्जी की फसले
लगातार पड़ रही ठंड सब्जी की फसलों के लिए घातक साबित हो रही है। हर रोज ठंड के कारण खेतों से टमाटर की पैदावार काफी प्रभावित हो रही है। इस ठंड से आलू की भी कम पैदावार निकलने की संभावना बन गई है। किसानों ने बताया कि कड़ाके की इस ठंड के कारण गोभी, आलू व टमाटर की फसल पर पिछले एक सप्ताह से 20 प्रतिशत तक पैदावार का नुकसान हुआ है। किसान सतीश राणा, सोनू राणा, राजवीर, जितेंद्र, रामेश्वर, राजेश कुमार, ज्ञानीराम इत्यादि ने बताया कि कड़ाके की ठंड व पड़ रही धुंध के कारण सबसे अधिक नुकसान गोभी, टमाटर व प्याज की नर्सरी को हो रहा है।
ठंड व धुंध के कारण फसल के जहां फूल खराब हो रहे हैं वहीं लगा हुआ टमाटर भी खराब हो रहा है। किसानों ने बताया कि टमाटर की फसल तैयार होने में भी ठंड के चलते ज्यादा समय लगने लगा है। इससे किसानों को ज्यादा आर्थिक नुकसान होने के आसार बन गए हैं। ठंड के चलते जहां आलू व टमाटर की फसलें प्रभावित हुई है वहीं प्याज की पौध भी पीली पडनी शुरू हो गई है। पौध जो अभी बहुत थोड़े दिन की है वह इस ठंड से मुरझाने लगी है। खेत में पौध की संख्या भी घटती जा रही है। यदि ठंड व धुंध इसी तरह जारी रही तो किसानों के लिए यह काफी नुकसान दायक साबित होगी।
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सुबह हवाओं के चलने के कारण घने कोहरे से तो राहत मिली। इसके बावजूद कोहरे का धुंआ सा आसमान में छाया रहा। अधिकतम 18 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 8 डिग्री सेल्सियस रहा। अगले तीन दिनों तक तापमान में ओर अधिक गिरावट आने की संभावनाएं हैं।
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शनिवार सुबह घना कोहरा था। शाम के समय हवाएं चलीं। जिस कारण कोहरा कम ही रहा। सुबह भी करीब आठ बजे तक तो हलका कोहरा रहा। इसके बाद हवाओं के चलते इसमें ओर कमी आ गई। जिससे लोगों को राहत मिली। मौसम वैज्ञानिक डा. चंद्रशेखर डागर ने कहा कि अगले तीन दिनों में हलकी बूंदाबांदी हो सकती है। जिस कारण तापमान में गिरावट आएगी। यह मौसम फसलों के लिए काफी लाभदायक है।
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धुंध व भारी ठंड से प्रभावित हुई सब्जी की फसले
लगातार पड़ रही ठंड सब्जी की फसलों के लिए घातक साबित हो रही है। हर रोज ठंड के कारण खेतों से टमाटर की पैदावार काफी प्रभावित हो रही है। इस ठंड से आलू की भी कम पैदावार निकलने की संभावना बन गई है। किसानों ने बताया कि कड़ाके की इस ठंड के कारण गोभी, आलू व टमाटर की फसल पर पिछले एक सप्ताह से 20 प्रतिशत तक पैदावार का नुकसान हुआ है। किसान सतीश राणा, सोनू राणा, राजवीर, जितेंद्र, रामेश्वर, राजेश कुमार, ज्ञानीराम इत्यादि ने बताया कि कड़ाके की ठंड व पड़ रही धुंध के कारण सबसे अधिक नुकसान गोभी, टमाटर व प्याज की नर्सरी को हो रहा है।
ठंड व धुंध के कारण फसल के जहां फूल खराब हो रहे हैं वहीं लगा हुआ टमाटर भी खराब हो रहा है। किसानों ने बताया कि टमाटर की फसल तैयार होने में भी ठंड के चलते ज्यादा समय लगने लगा है। इससे किसानों को ज्यादा आर्थिक नुकसान होने के आसार बन गए हैं। ठंड के चलते जहां आलू व टमाटर की फसलें प्रभावित हुई है वहीं प्याज की पौध भी पीली पडनी शुरू हो गई है। पौध जो अभी बहुत थोड़े दिन की है वह इस ठंड से मुरझाने लगी है। खेत में पौध की संख्या भी घटती जा रही है। यदि ठंड व धुंध इसी तरह जारी रही तो किसानों के लिए यह काफी नुकसान दायक साबित होगी।