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Kaithal News: बारिश से खिले किसानों के चेहरे पर शहर में हुए जलभराव ने किया परेशान
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मौसम विभाग ने चार अगस्त तक बारिश की जताई है संभावना
बारिश से खिले किसानों के चेहरे पर शहर में हुए जलभराव ने किया परेशान
ग्रामीण क्षेत्रों में कई जगहों पर आठ से 10 घंटे तक बिजली रही गुल, हुई दिक्कत
बुधवार देर रात से ही बदल गया था मौसम, तेज हवाओं ने किया परेशान
जिले के कई क्षेत्रों में रात के समय बिजली हुई बाधित, तेज हवाओं ने गिराए बिजली के तार और ट्रांसफार्मर
खेतों में आई अधिक समस्या, निगम के कर्मचारियों ने कई घंटे के बाद दुरुस्त की बिजली
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले में वीरवार को अचानक मौसम बदला और सुबह के समय तेज बारिश हुई। इसके बाद दोपहर में करीब डेढ़ बजे 40 मिनट तक तेज बारिश हुई। इससे किसानों के चेहरे खिले क्योंकि पिछले लंबे समय से तेज बारिश न होने के कारण खेतों में लगाई गई धान की फसल को नुकसान होने का अंदेशा बना था। मौसम वैज्ञानियों के अनुसार यदि एक सप्ताह तक बारिश न होती तो धान की फसल खराब हो जाती।
वहीं, बुधवार को हुई बारिश के कारण शहर में अधिकतर जगहों पर जलभराव हो गया। इस दौरान बारिश से पहले हुए चली तेज हवाओं के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित खेतों में बिजली के तार और खंभे टूट गए और ट्रांसफार्मर खराब हो गए। इस कारण इन ग्रामीण क्षेत्रों में कई जगहों पर आठ से 10 घंटे तक बिजली गुल हाे गई। वीरवार को जिले में औसतन आठ एमएम बारिश दोपहर तक हुई। बारिश के कारण बिजली गुल होने की समस्या खेतों में अधिक रही। निगम के कर्मचारियों ने कई घंटे के बाद बिजली सप्लाई को शुरू किया। बारिश के बाद अधिकतम तापमान 35.2 और न्यूनतम तापमान 29.3 सेल्सियस डिग्री दर्ज किया गया।
11 खंभे गिरे और पांच ट्रांसफार्मर हुए खराब
मौसम में हुए बदलाव के बाद बुधवार देर रात आई तेज हवाओं को तूफान के बीच जिले में 11 खंभे गिरे। इसके साथ ही पांच ट्रांसफार्मर भी खराब हो गए। बिजली निगम की ओर से खेतों में गिरे हुए खंभों की जगह दूसरे खंभे लगाने में काफी समय लगा क्योंकि इस समय खेतों में धान की रोपाई की गई है। ऐसे में इस क्षेत्र की बिजली काफी देर तक प्रभावित रही। वहीं, जहां पर ट्रांसफार्मर खराब हुए। वहां पर निगम की ओर से नए ट्रांसफार्मर रखे। इसके बाद ही बिजली की सप्लाई सुचारू रूप से से शुरू हो पाई।
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शहर में यहां हुआ जलभराव
शहर में बारिश के बाद नालियों में सफाई न होने के कारण भगत सिंह चौक, हिंदू वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, माता गेट, पार्क रोड, अंबाला रोड, पिहोवा चौक, जिला सचिवालय के पास, अर्जुन नगर में चीका रोड पर जलभराव हुआ। जलभराव पर रोष जाते हुए शहरवासी राधे श्याम ने बताया कि इस बार मशीनों से नाले की सफाई नहीं की गई। इस कारण शहर के लोगों को जलभराव की परेशानी झेलनी पड़ रही है।
वीरवार को जिले में यहां पर इतनी हुई बारिश
जगह एमएम में बारिश
कैथल 02
गुहला 08
कलायत शून्य
पूंडरी 02
ढांडा 02
सीवन 08
राजौंद 20
कुल 42
इस मानसून सीजन में अभी तक धान की फसल को लाभ पहुंचाने जितनी बारिश नहीं हो पाई है। वीरवार को कुछ जगहों पर अच्छी बारिश जरूर हुई है, लेकिन अभी तक पूरे जिले में बारिश किसानों की उम्मीद के अनुसार नहीं हो पाई है। अभी अगले सप्ताह में यदि दो से तीन दिन तक अच्छी बारिश हुई तो ही फसलों को फायदा मिल पाएगा। हालांकि जहां पर अच्छी बारिश हो चुकी है। वहां पर किसान धान की फसल में पानी विशेषज्ञ की सलाह लेने के बाद ही दें जबकि जहां पर कम बारिश हुई है। वहां पर धान की फसल की जरूरत के अनुसार ट्यूबवैल से पानी दें सकते हैं।
- डॉ. रमेश चंद्र वर्मा, मुख्य समन्यवक, कृषि विज्ञान केंद्र, कैथल।
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बारिश से खिले किसानों के चेहरे पर शहर में हुए जलभराव ने किया परेशान
ग्रामीण क्षेत्रों में कई जगहों पर आठ से 10 घंटे तक बिजली रही गुल, हुई दिक्कत
बुधवार देर रात से ही बदल गया था मौसम, तेज हवाओं ने किया परेशान
जिले के कई क्षेत्रों में रात के समय बिजली हुई बाधित, तेज हवाओं ने गिराए बिजली के तार और ट्रांसफार्मर
खेतों में आई अधिक समस्या, निगम के कर्मचारियों ने कई घंटे के बाद दुरुस्त की बिजली
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले में वीरवार को अचानक मौसम बदला और सुबह के समय तेज बारिश हुई। इसके बाद दोपहर में करीब डेढ़ बजे 40 मिनट तक तेज बारिश हुई। इससे किसानों के चेहरे खिले क्योंकि पिछले लंबे समय से तेज बारिश न होने के कारण खेतों में लगाई गई धान की फसल को नुकसान होने का अंदेशा बना था। मौसम वैज्ञानियों के अनुसार यदि एक सप्ताह तक बारिश न होती तो धान की फसल खराब हो जाती।
वहीं, बुधवार को हुई बारिश के कारण शहर में अधिकतर जगहों पर जलभराव हो गया। इस दौरान बारिश से पहले हुए चली तेज हवाओं के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित खेतों में बिजली के तार और खंभे टूट गए और ट्रांसफार्मर खराब हो गए। इस कारण इन ग्रामीण क्षेत्रों में कई जगहों पर आठ से 10 घंटे तक बिजली गुल हाे गई। वीरवार को जिले में औसतन आठ एमएम बारिश दोपहर तक हुई। बारिश के कारण बिजली गुल होने की समस्या खेतों में अधिक रही। निगम के कर्मचारियों ने कई घंटे के बाद बिजली सप्लाई को शुरू किया। बारिश के बाद अधिकतम तापमान 35.2 और न्यूनतम तापमान 29.3 सेल्सियस डिग्री दर्ज किया गया।
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11 खंभे गिरे और पांच ट्रांसफार्मर हुए खराब
मौसम में हुए बदलाव के बाद बुधवार देर रात आई तेज हवाओं को तूफान के बीच जिले में 11 खंभे गिरे। इसके साथ ही पांच ट्रांसफार्मर भी खराब हो गए। बिजली निगम की ओर से खेतों में गिरे हुए खंभों की जगह दूसरे खंभे लगाने में काफी समय लगा क्योंकि इस समय खेतों में धान की रोपाई की गई है। ऐसे में इस क्षेत्र की बिजली काफी देर तक प्रभावित रही। वहीं, जहां पर ट्रांसफार्मर खराब हुए। वहां पर निगम की ओर से नए ट्रांसफार्मर रखे। इसके बाद ही बिजली की सप्लाई सुचारू रूप से से शुरू हो पाई।
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शहर में यहां हुआ जलभराव
शहर में बारिश के बाद नालियों में सफाई न होने के कारण भगत सिंह चौक, हिंदू वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, माता गेट, पार्क रोड, अंबाला रोड, पिहोवा चौक, जिला सचिवालय के पास, अर्जुन नगर में चीका रोड पर जलभराव हुआ। जलभराव पर रोष जाते हुए शहरवासी राधे श्याम ने बताया कि इस बार मशीनों से नाले की सफाई नहीं की गई। इस कारण शहर के लोगों को जलभराव की परेशानी झेलनी पड़ रही है।
वीरवार को जिले में यहां पर इतनी हुई बारिश
जगह एमएम में बारिश
कैथल 02
गुहला 08
कलायत शून्य
पूंडरी 02
ढांडा 02
सीवन 08
राजौंद 20
कुल 42
इस मानसून सीजन में अभी तक धान की फसल को लाभ पहुंचाने जितनी बारिश नहीं हो पाई है। वीरवार को कुछ जगहों पर अच्छी बारिश जरूर हुई है, लेकिन अभी तक पूरे जिले में बारिश किसानों की उम्मीद के अनुसार नहीं हो पाई है। अभी अगले सप्ताह में यदि दो से तीन दिन तक अच्छी बारिश हुई तो ही फसलों को फायदा मिल पाएगा। हालांकि जहां पर अच्छी बारिश हो चुकी है। वहां पर किसान धान की फसल में पानी विशेषज्ञ की सलाह लेने के बाद ही दें जबकि जहां पर कम बारिश हुई है। वहां पर धान की फसल की जरूरत के अनुसार ट्यूबवैल से पानी दें सकते हैं।
- डॉ. रमेश चंद्र वर्मा, मुख्य समन्यवक, कृषि विज्ञान केंद्र, कैथल।