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Kaithal News: बिजली चोरी के सबूत नहीं होने पर अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश
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बैठक में मंत्री के सामने अपनी बात रखते हुए जिला खेल अधिकारी। संवाद
कैथल। जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने 12 शिकायतें सुनीं और पांच का मौके पर ही निपटारा कर दिया। वहीं सात शिकायतों को अगली बैठक के लिए लंबित रखा गया।
मामले में बिजली निगम के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई नहीं करने और शिकायतकर्ता के साथ मारपीट और शोषण करने की शिकायत पर सुनवाई करते हुए मंत्री ने निगम के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए। यह मामला वर्ष 2018 का है। बिजली निगम ने मॉडल टाउन निवासी सुच्चा सिंह के घर छापा मार कर बिजली चोरी का केस बनाया था लेकिन मामले में बिजली निगम के पास न तो इससे संबंधित फोटो हैं और न ही वीडियो हैं, जो कि किसी भी कार्रवाई के लिए जरूरी और अहम सबूत हैं। कार्रवाई के समय मकान मालिक का नाम और पता भी सही नहीं दर्ज किया गया। शिकायतकर्ता के साथ मारपीट और परेशान किया गया।
मंत्री ने कई माह से लंबित इस मामले में उनके मुख्यालय की ओर से ही इस कार्रवाई को नकारने के बाद निगम के जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई के आदेश दिए और अगली मीटिंग में इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए। वहीं खेल विभाग से जुड़े ग्रेडेशन प्रमाणपत्र जारी करने के एक मामले में शिकायतकर्ता के साथ आए प्रतिनिधि व डीएसओ के बीच लंबी बहस चली। मंत्री ने फरियादी के प्रतिनिधि को कई बार चुप करवाया। डीएसओ ने पर्याप्त दस्तावेज नहीं देने पर प्रमाणपत्र नहीं बनाने और शिकायतकर्ता प्रतिनिधि पर फर्जी प्रमाणपत्र बनवाने जैसे आरोप लगाए।
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डीएसओ का कहना था कि बार-बार मांगने के बाद भी एसोसिएशन की ओर से सही जानकारी नहीं देने के कारण ग्रेडेशन प्रमाणपत्र नहीं बना। उसी एसोसिएशन ने दूसरे खिलाड़ी की सही जानकारी दी थी उसका प्रमाणपत्र बन गया है तो उन्हें इसका बनाने में क्या दिक्कत थी। फरियादी संदीप कुमार निवासी टयौंठा की प्रतिनिधि ने अधिकारियों पर जानबुझकर प्रमाणपत्र जारी नहीं करने के आरोप लगाए।
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मामले में बिजली निगम के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई नहीं करने और शिकायतकर्ता के साथ मारपीट और शोषण करने की शिकायत पर सुनवाई करते हुए मंत्री ने निगम के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए। यह मामला वर्ष 2018 का है। बिजली निगम ने मॉडल टाउन निवासी सुच्चा सिंह के घर छापा मार कर बिजली चोरी का केस बनाया था लेकिन मामले में बिजली निगम के पास न तो इससे संबंधित फोटो हैं और न ही वीडियो हैं, जो कि किसी भी कार्रवाई के लिए जरूरी और अहम सबूत हैं। कार्रवाई के समय मकान मालिक का नाम और पता भी सही नहीं दर्ज किया गया। शिकायतकर्ता के साथ मारपीट और परेशान किया गया।
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मंत्री ने कई माह से लंबित इस मामले में उनके मुख्यालय की ओर से ही इस कार्रवाई को नकारने के बाद निगम के जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई के आदेश दिए और अगली मीटिंग में इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए। वहीं खेल विभाग से जुड़े ग्रेडेशन प्रमाणपत्र जारी करने के एक मामले में शिकायतकर्ता के साथ आए प्रतिनिधि व डीएसओ के बीच लंबी बहस चली। मंत्री ने फरियादी के प्रतिनिधि को कई बार चुप करवाया। डीएसओ ने पर्याप्त दस्तावेज नहीं देने पर प्रमाणपत्र नहीं बनाने और शिकायतकर्ता प्रतिनिधि पर फर्जी प्रमाणपत्र बनवाने जैसे आरोप लगाए।
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डीएसओ का कहना था कि बार-बार मांगने के बाद भी एसोसिएशन की ओर से सही जानकारी नहीं देने के कारण ग्रेडेशन प्रमाणपत्र नहीं बना। उसी एसोसिएशन ने दूसरे खिलाड़ी की सही जानकारी दी थी उसका प्रमाणपत्र बन गया है तो उन्हें इसका बनाने में क्या दिक्कत थी। फरियादी संदीप कुमार निवासी टयौंठा की प्रतिनिधि ने अधिकारियों पर जानबुझकर प्रमाणपत्र जारी नहीं करने के आरोप लगाए।