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जल और जीवन एक-दूसरे के पूरक : दीपक
Tue, 04 Mar 2025 01:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 04 Mar 2025 01:28 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। जल जीवन मिशन के तहत जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग एवं जल एवं स्वच्छता सहायक संगठन की ओर से गुहला बीडीपीओ के सभागार में सोमवार को एक दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इसमें बतौर मुख्य वक्ता जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग वासो के जिला सलाहकार दीपक कुमार ने कहा कि जल और जीवन एक-दूसरे के पूरक हैं। प्रकृति के हर कोने में प्रत्येक जीव-जंतु, वनस्पति में पानी अत्यावश्यक घटक है।
उन्होंने कहा कि पानी जीवन का आधार है। उन्होंने बताया कि आलू में 80 और टमाटर में 90 प्रतिशत पानी है। इसी प्रकार मानव शरीर में 70 प्रतिशत से अधिक पानी रहता है।
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उन्होंने कहा कि जो सब्जियां और फल हम खाते हैं, उसका भी बड़ा हिस्सा पानी ह। यहां-वहां जहां देखो पानी ही पानी है, लेकिन हर जगह रंग-रूप और अवस्थाएं अलग हैं।
उपमंडल अभियंता इंद्रराज सिंह ने बताया कि इस प्रशिक्षण कार्यशाला के माध्यम से सभी प्रतिभागियों ने जल संरक्षण के प्रति अपने दायित्वों का अहसास किया और अपने-अपने गांवों में इस संदेश को प्रसारित करने का संकल्प लिया। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने आशा व्यक्त की कि इस पहल से जल संरक्षण की दिशा में सकारात्मक परिवर्तन आएगा। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की अटल भूजल योजना से आईईसी एक्सपर्ट विक्रम सिंह अटल भूजल योजना के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी। बताया कि जिले में डार्क जोन के दो खंडों में राजौंद व गुहला का चयन किया गया है। इसमें अटल भूजल योजना के तहत जल संरक्षण को लेकर कार्य करवाए जा रहे। बीआरसी रघबीर सिंह ने ग्राम जल एवं स्वच्छता कमेटी के कर्तव्यों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
प्रोजेक्टर पर पानी बचाने का वीडियो दिखाकर जल संरक्षण का संदेश दिया। कार्यशाला की अध्यक्षता उपमंडल अभियंता इंद्रराज सिंह ने की ने की।
गुहला खंड के 22 गांवों के सरपंचों, पंचों, ग्राम सचिवों व स्वयं सहायता समूह ने भाग लिया। इस मौके पर कनिष्ठ अभियंता सौरभ गर्ग, अनु राणा मौजूद रहे।
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गुहला-चीका। जल जीवन मिशन के तहत जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग एवं जल एवं स्वच्छता सहायक संगठन की ओर से गुहला बीडीपीओ के सभागार में सोमवार को एक दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इसमें बतौर मुख्य वक्ता जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग वासो के जिला सलाहकार दीपक कुमार ने कहा कि जल और जीवन एक-दूसरे के पूरक हैं। प्रकृति के हर कोने में प्रत्येक जीव-जंतु, वनस्पति में पानी अत्यावश्यक घटक है।
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उन्होंने कहा कि पानी जीवन का आधार है। उन्होंने बताया कि आलू में 80 और टमाटर में 90 प्रतिशत पानी है। इसी प्रकार मानव शरीर में 70 प्रतिशत से अधिक पानी रहता है।
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उन्होंने कहा कि जो सब्जियां और फल हम खाते हैं, उसका भी बड़ा हिस्सा पानी ह। यहां-वहां जहां देखो पानी ही पानी है, लेकिन हर जगह रंग-रूप और अवस्थाएं अलग हैं।
उपमंडल अभियंता इंद्रराज सिंह ने बताया कि इस प्रशिक्षण कार्यशाला के माध्यम से सभी प्रतिभागियों ने जल संरक्षण के प्रति अपने दायित्वों का अहसास किया और अपने-अपने गांवों में इस संदेश को प्रसारित करने का संकल्प लिया। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने आशा व्यक्त की कि इस पहल से जल संरक्षण की दिशा में सकारात्मक परिवर्तन आएगा। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की अटल भूजल योजना से आईईसी एक्सपर्ट विक्रम सिंह अटल भूजल योजना के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी। बताया कि जिले में डार्क जोन के दो खंडों में राजौंद व गुहला का चयन किया गया है। इसमें अटल भूजल योजना के तहत जल संरक्षण को लेकर कार्य करवाए जा रहे। बीआरसी रघबीर सिंह ने ग्राम जल एवं स्वच्छता कमेटी के कर्तव्यों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
प्रोजेक्टर पर पानी बचाने का वीडियो दिखाकर जल संरक्षण का संदेश दिया। कार्यशाला की अध्यक्षता उपमंडल अभियंता इंद्रराज सिंह ने की ने की।
गुहला खंड के 22 गांवों के सरपंचों, पंचों, ग्राम सचिवों व स्वयं सहायता समूह ने भाग लिया। इस मौके पर कनिष्ठ अभियंता सौरभ गर्ग, अनु राणा मौजूद रहे।