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Kaithal News: नौपता के ताप से मतदान का प्रतिशत हुआ कम
Sun, 26 May 2024 04:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 26 May 2024 04:25 AM IST
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कमल बहल
कैथल। लोकसभा चुनाव के लिए शनिवार को चुनाव हो गया लेकिन पिछले चुनाव के मुकाबले करीब सात प्रतिशत कम मतदान हुआ। 25 मई से नौतपा शुरू हुआ और ताप का प्रभाव रहा कि मतदान प्रतिशत भी गिर गया।
इस बार भी मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए प्रशासन से लेकर सामाजिक व अन्य संस्थाओं की ओर से भरसक प्रयास किए गए, लेकिन वर्ष 1977 का रिकार्ड टूटना तो दूर पिछले चुनाव से भी पिछड़ गए।
गर्मी के मौसम के चलते वोटरों मेें मतदान के प्रति ज्यादा उत्साह देखने को नहीं मिला। मतदान केंद्रों पर ज्यादा भीड़ देखने को नहीं मिली। चुनाव आयोग की ओर से मतदान केंद्रों पर किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए फस्ट एड किट व ओआरएस के घोल उपलब्ध करवाने के दिशा निर्देश दिए गए थे। लेकिन कौल में सभी मतदान केंद्रों पर न तो प्राथमिक उपचार किट और न ही ओआरएस के घोल के पैकेट मुहैया करवाए गए।
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गौरतलब है कि लोकसभा कुरुक्षेत्र की सीट 1977 में अस्तित्व में आई थी, जिस चुनाव में अब तक के आंकड़ों के मुताबिक सबसे ज्यादा 79.05 प्रतिशत मतदान हुआ था। उसके बाद 2024 तक 13 लोकसभा चुनाव हो चुके हैं, लेकिन मतदान प्रतिशतता का आंकड़ा न तो बढ़ पाया और न ही आज तक दोहराया है। संवाद
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कैथल। लोकसभा चुनाव के लिए शनिवार को चुनाव हो गया लेकिन पिछले चुनाव के मुकाबले करीब सात प्रतिशत कम मतदान हुआ। 25 मई से नौतपा शुरू हुआ और ताप का प्रभाव रहा कि मतदान प्रतिशत भी गिर गया।
इस बार भी मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए प्रशासन से लेकर सामाजिक व अन्य संस्थाओं की ओर से भरसक प्रयास किए गए, लेकिन वर्ष 1977 का रिकार्ड टूटना तो दूर पिछले चुनाव से भी पिछड़ गए।
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गर्मी के मौसम के चलते वोटरों मेें मतदान के प्रति ज्यादा उत्साह देखने को नहीं मिला। मतदान केंद्रों पर ज्यादा भीड़ देखने को नहीं मिली। चुनाव आयोग की ओर से मतदान केंद्रों पर किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए फस्ट एड किट व ओआरएस के घोल उपलब्ध करवाने के दिशा निर्देश दिए गए थे। लेकिन कौल में सभी मतदान केंद्रों पर न तो प्राथमिक उपचार किट और न ही ओआरएस के घोल के पैकेट मुहैया करवाए गए।
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गौरतलब है कि लोकसभा कुरुक्षेत्र की सीट 1977 में अस्तित्व में आई थी, जिस चुनाव में अब तक के आंकड़ों के मुताबिक सबसे ज्यादा 79.05 प्रतिशत मतदान हुआ था। उसके बाद 2024 तक 13 लोकसभा चुनाव हो चुके हैं, लेकिन मतदान प्रतिशतता का आंकड़ा न तो बढ़ पाया और न ही आज तक दोहराया है। संवाद